Top 149+ Desi Kahani 2 in Hindi – Best Very Short Moral Story In Hindi

By aipaisa.com Aug11,2023
Desi Kahani
चींटी और घमंडी हाथी की कहानी

इस आर्टिकल में वह सभी desi kahani 2 जो आप अपने दादा –  दादी या फिर मम्मी – पापा के द्वारा जो आप कहानी सुने हैं।

Desi Kahani 2
दादी जी के द्वारा सुनाई गई कहानियों का संग्रह

इस आर्टिकल में सभी उन Desi Kahani 2 का लेख मिल जाएगा जिसे पढ़कर के आप तथा आपके बच्चे भी बहुत कुछ शिक्षा मिलेगी और मनोरंजन के साथ-साथ आप अपने जीवन में बहुत कुछ सीख सकते हैं।

Short Desi Kahani 2 in Hindi

समाज सेवा Desi Kahani 2


नवाजुद्दीन खान के बाद से खालिद खान को अपने इस मोहल्ले का खलीफा बनाया गया। खालिद खान में सेवा की भावना इतना थी कि वे किसी घर के आटा पिसाने की सेवा भी कर देते थे। अगर किसी को पानी भरने की जरूरत है तो उसकी भी सेवा कर देते थे।

और यह बात उन में एक मुख्य रूप से था। वे अपने मोहल्ले के बकरियों के भी कभी-कभी दूध निकाल करते थे। एक समय के बाद से वह खलीफा हो गए।

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जब यह खलीफा हो गए तो मोहल्ले की एक लड़की ने दु:खी मन से कहा ” अब्बू खालिद जी तो खलीफा बन गए। लेकिन समस्या यह है कि आप हमारी बकरियों का दूध को निकालेगा।

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जब यह बात खालिद ने सुना तो “उन्होंने कहा कि मैं सच कहता हूं कि मैं आज भी आप लोगों की बकरियों का दूध निकाल दिया करूंगा। यह खलीफा का भार मुझे समाज की सेवा करने से नहीं रोक सकता है 

बहुत बड़ी नुकसान Desi Kahani 2


रामपुर नामक एक गांव था। उसे गांव के चारों तरफ बहुत ही घने जंगल लगे थे। उस जंगल में बहुत ही प्रकार के वृक्षों पर फल लगे थे। लेकिन बसंत ऋतु में वे फूलों से भर जाते थे।

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बहुत बडी नुक्सान कीDesi Kahani 2

उन सभी फूलों के बहुत ही अच्छी सुगंध हवा में ऐसे तैरती रहती थी। उन सभी पेड़ों की शाखों पर तरह-तरह के पक्षी अपनी प्यारी प्यारी घोंसला बनाते थे। और बहुत ही ज्यादा चहचहाते हुए बहुत ही अच्छी लगती थी। और सर्दी के मौसम में तो सेब तथा नाशपाती के फल से डालिए नीचे लटक जाती थी।

लेकिन बेवकूफ की बात है कि कुछ लड़के उसे जंगल में गए और चुन-चुन के सभी घोंसला को नुकसान कर दिया।

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बेचारी चिड़िया से परेशान होकर किसी दूसरे जगह पर अपना घोंसला बनाने लगी।

अब परिस्थिति ऐसी उत्पन्न हो गई थी। उस जंगल में फलों तथा फूलों को नष्ट करने वाले कीड़े – मकोड़े जो पहले उन चिड़ियों के द्वारा अपना भोजन के रूप में खा लिए जाते थे। वे चिड़ियों के नहीं रहने के कारण उनकी संख्या में लगातार वृद्धि हुई और वह फलों तथा फूलों को पूरी तरह से नष्ट करने लगे।

इसके कारण सर्दियों के मौसम में जब हम कोई भी फल तोड़ते थे तो हमें अच्छे और मीठे मिलते थे। लेकिन अब वही फल हमें सड़े हुए तथा उसमें कीड़े मिलते थे।

इस Desikahani से हमें यह शिक्षा मिलती है कि हमें प्रकृति के द्वारा जो भी रचना की जाती है उसमें किसी भी प्रकार की मत भेज नहीं करनी चाहिए जो प्रकृति द्वारा बनाया है हमें प्रकृति के अनुसार चलना चाहिए नहीं तो उसका खामियाजा आपको बहुत ही नुकसान पहुंचा सकता है।

सह तथा मती {सहमति} Desi Kahani 2


सोनपुर में एक गांव था। उसे गांव से एक लड़का खेलते कूदते बाहर चला गया। तभी बाहर उस पर एक भेड़िए की नजर पड़ चुकी थी। भेड़िया ने उस बच्चे को पूरी तरह से घेर लिया ।

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सहमति की Desi Kahani 2

जब लड़का ने यह देखा कि अब बचने का कोई भी उपाय नहीं है। तब वह लड़का भेड़िया से एक बात की प्रार्थना करने लगा। ” सुनो भेड़िया भैया” मुझे मौत से डर नहीं लगती “”पर मैं इतना चाहूंगा कि मेरी मौत सुखी से हो।

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अगर तुम मुझे बांसुरी बजाने दोगे । तो मैं उसकी धुन पर गाऊंगा और नाचूंगा। लेकिन फिर भले तुम मुझे खा भी लेना। मुझे इस बात का कोई एतराज नहीं होगा ” भेड़िया ने कहा ” ठीक है तुम यह को बांसुरी और बजा लो।

उस बांसुरी का आवाज सुनकर के उस लड़के का कुत्ता वहां पर दौड़ते हुए आया। और वहां पर भेड़िए को देखते ही उस पर पूरी तरह से टूट पड़ा। वह भेड़िया तुरंत वहां से भाग करके अपनी जान को बचाई।

इस Desikahani से हमें यह शिक्षा मिलती है कि अगर आप किसी विकट परिस्थिति में फंस जाए तो धैर्य रखें और चतुराई के साथ उसका निचोड़ निकालें।

लोहे का उत्पति Desi Kahani 2


जब भगवान इस संसार का निर्माण कर रहे थे तो उन्हें सुमेश लोहे की एक बहुत बड़ी चट्टान मिली। जिसे बृहस्पति भगवान ने धरती पर फेंक दिया।

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लोहे की उत्पत्ति की Desikahani

तभी एक आदमी ने उसे देखा और कहा कि या तो भगवान की एक बहुत ही प्यारी नाखून है। फिर कुछ लोग मिलकर के उस चट्टान को अपने गांव पर ले आए। और अपने गांव के सभी लोगों से उसका आदर करने के लिए कहा।

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अगली रात की बात है सुमेश ने भगवान बृहस्पति को सपने में देखा। भगवान बृहस्पति ने उससे कहा “तुम अपने समाज के बहुत ही अच्छे नेता हो। तुमने मेरे सभी चीजों का बहुत ही आदर किया है यहां तक कि मेरे द्वारा फेंके गए नाखून का भी बहुत आदर किया है।

तुम्हारी इस आदर भाव के कारण मैं बहुत ही खुश हूं और मैं तुम्हें यह सिखाऊंगा कि मेरे इस नाखून के लोहे की क्या उपयोगिता है। और फिर भगवान बृहस्पति ने सुमेश को सिखाया की इस लोहे का कैसे उपयोग करना है जिसके चलते लोहे की उत्पत्ति हुई।

दोस्त दुश्मन Desi Kahani 2


आदिवासियों के मुख्यमंत्री रोमन काउंट ने पुरन से कहा ” तुम ऐसे लेखकों की सूची बनाओ जिन्होंने पूरी चुनाव के दौरान मेरी आलोचना किया है। जिन्होंने अखबार में मेरे विरोध लिखा है।

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दुश्मन दोस्त की Moral Story

लेखकों की सूची तैयार होने के बाद से पुरन ने कहा ” अब तुम उन सभी लेखकों में से उसे लेखक को की सूची तैयार करो जो सबसे अधिक मेरी कठोर आलोचना किया है।

जब वह नई सूची भी बन गई। तब मुख्यमंत्री ने उससे पूछा कि बताओ “इन लोगों को क्या सजा ” दिया जाए।

” सजा ” यह कैसी ”

” अब मैं इनमें से अपने सबसे कठोर आलोचक को अपना समाचार पत्र का संपादक बनाऊंगा।

मेरा यह अनुभव बताता है कि सबसे कठोर आलोचक ही सबसे सच्चा हितैषी होता है। यह बात रोमन काउंट नहीं जवाब दिया।

 अपवित्र हाथ Desi Kahani 2


सन 1857 की बात है उसे समय विद्रोह के अग्रणियों में बिहार के महाराजा वीर कुंवर सिंह का नाम सदा हमेशा बड़े ही सम्मान के साथ लिया जाता हैं।

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वीर कुंवर सिंह की Desi Kahani 2

वीर कुंवर सिंह जब तक जिंदा रहे। हमेशा अंग्रेजो के विरुद्ध विद्रोह के लिए लड़ते रहे थे।

एक दिन की बात है। शाहाबाद जाने के लिए वीर कुंवर सिंह ने नाव से गंगा नदी को पार कर रहे थे। तभी अचानक इस बात की सूचना अंग्रेजो को लग गया। अंग्रेजो के सेनापति लुंगार्ड ने नदी के किनारे से उन पर गोली चला दिया।

सेनापति लुंगार्ड द्वारा चलाई गई गोली सीधा जाकर वीर कुंवर सिंह के दाहिने हाथ के कलाई में लगा। उन्होंने ने तुरंत झट से तलवार से उस दाहिने हाथ को काटकर गंगा माता समर्पित करते हुए कहा ” जो हाथ हमारी इस अंग्रेजो के हाथ से को गोली लगी है वह अब अपवित्र हो गया । वह अब अपवित्र हाथ हमारे किस काम के लिए हैं।

अंतः हे गंगा माता जी आप तो पवित्र है। इसलिए मैं तुम्हें अपने इस हाथ को समर्पित करता हूं। और मैं आपको वचन देता हूं। जब तक जिंदा रहूंगा। अपने देश के लिए हमेशा लडूंगा।

शेर और सवा शेर Ki Desi Kahani 2


एक समय की बात है। जब शेर जवान था। तब वह उस सोमर जंगल पर राज किया। लेकिन वह शेर अब धीरे – धीरे बूढ़ा हो चला था। अब इस बूढ़े शेर में शिकार करने की ताकत नहीं बची थी। तब उसने एक उपाय सोचा। और कौवा के द्वारा सारे जंगल में यह बात फैला दिया कि अब वह चन्द दिनों तक का ही मेहमान रह गया है।

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शेर और सवा शेर की Desi Kahani 2

जो भी उससे मिलना चाहते हैं। वे बिना किसी झिझक के मिल सकतें है। अब उसकी मन यह सब मांसाहारी से पूरी तरह भर गया है। और अब मांस बिलकुल पसन्द नहीं है। इस बात को सुनकर जंगल के भोलेभाले जानवर एक – एक करके उससे मिलने आने लगें।

इस मौका का फायदा उठाकर वह भूखा शेर उस सभी जानवरों का शिकर कर खा जाता था।

इस बात को आखिर में एक लोमड़ी ने सोचा ” क्यो न अब मैं भी राजा शेर से मिल आऊ। वह लोमड़ी बहुत ही सयाना थी। जैसे ही वह गुफा के अंदर पहुंची।

उसने पाया कि गुफा में सभी जानवरों के पैर के निशान अंदर की ओर दिखाई पड़ रहा है। पर एक भी पाव का निशान वापस आते हुए नहीं देखा।

लोमड़ी शेर की यह मनशा समझ गई थी। और वह उस गुफा के अंदर जाने की बजाय बाहर से ही वापस जंगल में लौट आई।

जैसी करनी वैसी भरनी  ki Desi Kahani 2


सुमन नाम की एक महिला मालिक ने पोरयो नाम के एक तोते को पाला था। वह रोज सुबह सुबह चिल्लाने लगाता था। की मालकिन जी सुबह हो गया। तब मालकिन अपने नौकर तथा नौकरानी को हमेशा जगाया करते थे। वह तोता सुबह Alarm ⏰ की भांति रोज उसी वक्त भुला कर जगाया करते थे।

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जैसी करनी वैसी भरनी की Desi Kahani 2

एक दिन की बात है। नौकरानी उस तोते पर नाराज हो गई थी। कि थी। की यह तोता मुआ रोज पहले ही मालकीन को जगा देता है।

इसके बाद मालकीन हमे भी जल्दी ही जगा देती हैं। गाली देते हुए बोली अगर यह तोता नही होता तो आज हम थोडा रोज ज्यादा सोते होंगे। इसके बाद उन्होंने नौकर और नौकरानी एक विशेष रुप से समय निकाल उस तोते को जबर जस्ती हत्या कर दीया।

उनकी मालकीन अब थोडा बुड्ढी और बीमार रहा करती थीं। उस तोते के मौत के बाद मालकीन को अब सही समय का कोई अंदाजा नहीं चल सकता था। अब तब जब उसकी नींद खुली तो लगता था। की अब सुबह हो गया है।

मालकीन फिर अपने नौकर और नौकरानी को तुरत उसी वक्त वापस जगा दिया करती थी। अब कभी कभी तो मालकीन आधी रात को नींद से जागा दिया करती थी। तोता तो था नहीं जो उन लोगों को समय सही से बताए।

अब नौकर और नौकरानी को अपने इस बात पर बहुत ही दु:ख हुआ। और फिर से वे लोग एक नया तोता लाकर अपने मालकीन को दिया। अब हमेशा की तरह सब कुछ सही हो गया।

इस Desikahani से हमें यह शिक्षा मिलती है कि हमें अपने निजी जीवन यापन के लिए किसी की हत्या नही करना चाहिए। जो भी होता है सही होता है।

पर्वत कैसे बनाए Desi Kahani 2


यह बात कही जाती हैं। जब पृथ्वी की शुरुआत हुई थी तब पृथ्वी केवल समतल ही दिखाई देती थी। लेकिन वह एक दिन आकाश से बात करने के लिए बहुत ही बचैन्न हों गई। और उसके बाद वह धीरे – धीरे ऊंची उठने लगी। इतना ऊंचा की वे दोनों बहुत ही देर तक आपस मे बात करते रहे थे।

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पर्वत की उत्पति की Desi Kahani 2

लेकिन जब वापस लौट रहे थे। तो उनके कुछ हिसा वापस नहीं आया। तथा कई हिस्से अपनी जगह पर भी नहीं आया। थकान से चूर होकर वे जितनी ऊंचाई पर थे।

अब वह जड़ बन गए। अब समतल पृथ्वी का रूप बदल गया था। वही हिस्से अब जगह – जगह पर्वत के रुप में दिखाई देते हैं। ऐसी स्थिति में ही पर्वत का निर्माण हुआ।

बड़ी मछ्ली और शेर की मित्रता

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बड़ी मछ्ली और शेर की मित्रता की Desi Kahani 2

ki Desi Kahani 2


एक दिन की बात है एक शेर जंगल से निकाल करके समुद्र तट पर खड़ा होकर के उसके लहरों को बहुत ही ध्यान से देख रहा था तभी देखा कि समुद्र तल पर इस सात जैसा बहुत ही बड़ी मछली आई हुई नजर आई। ” व्हेल” आप कितनी सुंदर हो और कितनी बड़ी भी हो यह मैंने केवल आज तक सुनाई ही था।

जिस तरह मैं अपने जंगल का राजा हूं । इस तरह ही तुम अपने इस समुद्र की रानी हो। इसलिए क्यों ना हम दोनों एक दूसरे के मित्र बन जाए।

ताकि मुसीबत के वक्त एक – दूसरे के काम आ सके । ” आपके विचार तो अच्छे हैं ” इस बात को कहते हुए वह समुंद्र के अंदर चली गई।

कुछ दिन बाद जब वह विल बाहर आई थी तो देखा कि सिर के पीछे अचानक एक बैल की झुंड पड़ा हुआ है। समुद्र तट पर आकर के हवेल शेर की मदद के लिए पुकारा ” लेकिन जैसे ही हवेल समुद्र से बाहर निकलने लगी।

उसके बाद से हवेल का दम घुटने लगा। फिर वह दोबारा समुद्र में चली गई। यह देख करके शेर को बहुत ही बुरा लगा। बाद में शेर ने हवेली से पूछा कि वह मुसीबत के समय उसकी रक्षा के लिए क्यों नहीं आई।

तो हवेल ने जवाब दिया ” इसमें मेरा कोई गलती नहीं है ” क्योंकि भगवान मुझे सिर्फ पानी में ही शक्तिशाली बनाया है। मैं पानी से बाहर आकर के तुम्हारे जैसे जीवित नहीं रह पाऊंगा।

घोड़े की जीत और मूर्खता की Desi Kahani 2


एक समय की बात है पालन नामक जंगल में एक घोड़ा और एक हिरण रहते थे। उन दोनों में एक बात को लेकर के बहुत ज्यादा बहस हो गई की हम दोनों में सबसे तेज कौन दौड़ सकता है।

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मुर्ख गधा की Desi Kahani 2

घोड़ा का रहा था कि मैं तुमसे भी तेज दौड़ सकता हूं लेकिन इधर हिरण भी अपनी जीत पर आदि हुई थी कि मैं तुमसे भी तेज दौड़ सकती हूं।

अब घोड़ा का भी यही कहना था कि मैं भी सबसे तेज दौड़ सकता हूं। लेकिन अंत में कोई निर्णय नहीं होने पर वह एक आदमी के पास गया। और कहा ”

क्या आप मेरी एक छोटी सी मदद कर सकते हैं जिससे मैं हिरण को हरा सकूं। अब आदमी उसकी बात पर तुरंत राजी हो गया और तुरंत उसकी पीठ पर काठी डाल करके बैठ गया।

अब दोनों ने मिलकर के हिरण को बड़े ही आराम से हरा दिया। हिरण को हराने के बाद से वह घोड़ा उस आदमी से बोला। ” अब आप हमारी पीठ से उतर जाओ। ” वह आदमी बोला ”

“मैं नहीं उतारूंगा तुम पर अब मेरा अधिकार हो चुका है। और तुम्हें अब वही करना होगा जो मैं चाहूंगा और मैं जो चाहूं वह तुमसे काम करा सकता हूं इस तरह से वह घोड़ा उस आदमी का गुलाम बन गया।

इस Desi Kahani 2 कहानी से हमें यह शिक्षा मिलती है कि हमें किसी भी अनजान व्यक्ति पर विश्वास नहीं करना चाहिए नहीं तो उसका फल बहुत बुरा ही मिलता है।

आसमान से गिरा झाड़ पर अटका Desi Kahani 2


एक दिन की बात है सुमन जंगल में एक हिरन रहती थी। वह हिरण बहुत भूखी थी और खाने की तलाश में इधर-उधर घूम रही थी। तभी उस हिरण पर एक शिकारियों की नजर पड़ जाती है।

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आसमान से गिरे खजूर पर अटके

वे उसे खोजने के लिए चारों तरफ से दौड़ पड़ते हैं। अब यह हिरण और पूरी तरह मुसीबत में पड़ जाती है इसलिए छूटने के लिए कोई जगह की तलाश करने लगती है।

हिरण इधर-उधर भागते भागते उसे एक बहुत ही बड़ा गुफा दिखाई दिया जिसमें जा करके बिना सोचे समझे वह छुप गई। और यह गुफा एक शेर का था लेकिन वह इस समय कहीं पर गया हुआ था लेकिन बदकिस्मत ”

वहां पर आकर के हिरन की जान में जान आई कि अब यहां पर हमें कोई भी मुसीबत नहीं है और हमारी जान बच चुकी है। लेकिन वह अभी बैठ कर के कुछ ही समय बीता था कि अचानक उस गुफा में शेर प्रवेश किया ।

हिरण को अपनी गुफा में देख करके शेर को खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उसने तुरंत ही उस हिरण पर आक्रमण कर उसे पकड़ लिया और उसका काम तमाम कर दिया।

शेर ने उस हिरण को खा कर के बड़े ही मजे से अपना पेट भरा। बेचारी वह हिरण परेशानी में पड़कर के बिना किसी अच्छा बुरे सोच समझे । उस गुफा में प्रवेश कर गई और अपनी जान गवा बैठे।

इस Desikahani कहानी से हमें यह शिक्षा मिलती है कि जब भी हम मुसीबत में पड़े तो हम किसी से किस प्रकार की सहायता ले रहे हैं उसकी पूरी जांच पड़ताल के बाद ही सहायता के लिए आगे हाथ बढ़ाएं।

आलोचक और उपदेशक की Desi Kahani 2


एक दिन की बात है। एक साधु महात्मा राजा के राज्य में उपदेश दे रहे थे। और उनकी इस उपदेश को सुनने के लिए बहुत ही भारी लोग भीड़ लगाए हुए थे। इस सभा में सभी लोग बड़ी ही शांति पूर्वक बैठ कर साधु महाराज की उपदेश को सुन रहे थे।

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अलोचक और उपदेशक की कहानी

लेकिन उस सभी लोगों के बिच में बैठा एक आदमी बार – बार साधु महाराज को बीच में टोका टोकी कर रहा था। पहले तो साधु महाराज ने उसे शांत करने की कोशिश किया। लेकिन अब वह व्यर्थ बिना किसी के परेशान करने लगा। और उनका अपमान करने की कोशिश करने लगा। तो उन्होने उसे फटकारना ही उच्चित समझा।

साधु महाराज ने बड़े ही शांत भाव में कहा ” बेटा ” तुम्हे इस तरह मेरे बात को काटकर मेरे अपमान करने का कोई अधिकार नहीं बनता है। यदि तुमको मेरी बात नहीं सुनना चाहते हों तो तुम यहां से उठ कर चले जाओ। कम से कम तुम बीच में विघ्न तो मत डालो।

तुम्हारे बार बार बीच में टोका टोकी करने से मुझे ही नहीं बल्कि वर्तमान में यहां पर उपस्थित सभी को परेशानी हो रही है। आखिरकार तुम यहां पर आए ही क्यूं हों ” उठ कर चले जाओ।

अब तुम यहां से चले जाओ। अब तुम्हारे कारण यहां पर कोई विघ्न पैदा नहीं होगा। वह आदमी चुपचाप वहा से उठा और सभा से बाहर चला गया।

इस Desikahani कहानी से हमें यह शिक्षा मिलती है कि किसी अज्ञानी व्यक्ति को ज्ञान की बात नहीं सुनना पसंद है। इसलिए उसे तिरस्कार करना चाहिए।

छोटी मछली की सीख Desi Kahani 2


एक दिन की बात है। गंगा नदी में बहुत बडी मछलियां और कुछ छोटे मछलियां भी रहती थी।

एक दिन की बात है। की जब उन दोनों बडी मछलियां में बहुत ही बडी मन – मुटाव हो गया। और वे दोनों मछलियां आपस में भिड़ गईं।

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छोटी मछली की सीख

नदी में इन दोनों मछलियों की लड़ाइयों से बहुत ही ज्यादा अशांत और भय का माहौल पैदा हो गया उस नदी में और सभी छोटी मछलियां इससे डरने लगी।

उस नदी में मौजूद एक छोटी सी प्यारी मछ्ली ने कहा कि मैं इन दोनों को समझाने का प्रयास करूंगा। इस तरह उन्हें आपस में झगड़ने से क्या फायदा है । वे दोनों एक दूसरे से मिल जुल कर इस नदी में आराम से रह सकते है।

एक दिन वह दोनों बडी मछलियां आपस में झगड़ने के लिए आमने – सामने आ गई थी। तभी अचानक वह छोटी नन्ही मछली उन दोनों के बीच गई। और कहा ” बहनों ” तुम दोनों क्यो लड़ रहे हों।

मैं तुम्हारी इस झगड़ा को सुलझाने की पूरी कोशिश करूंगा। इस बात को सुनकर दोनों बड़ी मछ्ली उसकी मजाक उड़ाया और फिर कहा ”

तुम्हारे जैसे छोटी मछ्ली से सलाह लेने से अच्छा है कि हम दोनों बड़ी मछलियां आपस में लड़ते लड़ते मर जाए। वे दोनों इस

नन्ही मछली की बात नहीं मानी और आपस में झगड़ने लगे और अंत में दोनों लड़ते हुए मर गए।

इस Desi Kahani 2 कहानी में हमें यह शिक्षा मिलती हैं कि हमें किसी नासमझ लोगों के झगडे में नहीं पड़ना चाहिए।

Short Desi Kahani 2 In Hindi

जादुई बॉल पेन की कहानी Desi Kahani 2


एक समय की बात है सोनपुर गांव में एक छोटा सा लड़का रहता था। वह अपने एक बगीचे में पीपल के वृक्ष के नीचे खेल रहा था। उस बच्चे को खेलते खेलते हैं उसी बगीचे में एक क्रिस्टल बॉल मिलती है। वह एक बहुत ही अच्छी जादुई बाल थी। जो किसी भी मनुष्य की इच्छा को पूर्ति कर सकती थी।

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जादुई बॉल पेन की कहानी

वह लड़का इस बात को जान करके बहुत ही ज्यादा खुश हुआ कि उसे यह जादू बॉल मिला है। उसे बाल को मिलने के बाद से वह लड़का ने उसको अपने बैग में बहुत ही अच्छी तरह से रख लिया। वह बच्चे ने सोचा कि जब तक मेरी सभी इच्छाएं पूरी नहीं हो जाती तब तक मैं इस बाल को अपने पास ही रखूंगा।

उसे बच्चों को बैग में बॉल रखें कुछ दिन निकल गए। और इस बच्चे को इस बात की समझ नहीं आ रही थी कि मैं इस जादुई बॉल से अपने लिए क्या मांगू। एक दिन वह लड़का महेश का एक दोस्त सुरेश उसके पास पाया सुरेश ने उस जादुई बॉल को पास देखी और बोल उसके बैग से निकाल लिया इसके बाद महेश उस बॉल को लेकर के पूरे गांव में घूमने लगा।

और यह जानकारी मिल गई थी कि यह बोल हमारे सभी इच्छाओं की पूर्ति कर सकता है। तो गांव में इस बाल को देखकर सब ने अपने लिए ,धन ,महल, सोना चांदी ,और भी बहुत सारी ज़रूरतें चीज की मांगे किया। लेकिन समस्या इस थी कि सभी को बस अपनी एक ही इच्छा पूरी करने का मौका मिल रहा था।

अंत में सबको अपनी अपनी इच्छाओं को पूरी करने का एक बात का पछतावा हो रहा था। क्योंकि लोगों को यह बात लग रहा था कि सच में जो उन्हें चाहिए था वह उनकी इच्छा के अनुसार नहीं मिला।

फिर गांव के सभी लोग दुखी होकर उस लड़का के पास पहुंचे। वह लड़का सब की हालत देखी और बोल से इच्छा व्यक्त किया कि आपने जिस को भी जो भी चीज दिया है वह सब को लेकर के वापस पहले जैसा ही कर दीजिए। जादुई बॉल ने सब कुछ पहले जैसा कर दिया यह देखकर सब ने उसे लड़के को धन्यवाद दिया सब लड़के की सूझबूझ की तारीफ करते हुए उसकी बहुत ही प्रशंसा किए।

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लालची शेर की Desi Kahani 2


एक समय की बात है गर्मी का मौसम था जंगल के एक शेर को बहुत ही जोरों की भूख लगी थी। इसलिए वह इधर-उधर भोजन की तलाश करने लगा। कुछ देर भड़काने के बाद से उसे एक छोटा सा खरगोश मिला।

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लालची शेर की कहानी

लेकिन वह उसे खरगोश को नहीं खाया और उसे जीवन दान दे दिया छोटे होने की वजह से खरगोश से उसका पेट भी नहीं भरता।

फिर कुछ दूर चलने के बाद से तभी अचानक उसे रास्ता में एक हिरन दिखाई दिया उसने उसका पीछा किया। लेकिन वहां शेर बहुत सारे भोजन की तलाश कर रहा था और बहुत देर भी हो चुके थे जिसके कारण वह थक गया और वह हिरण को पकड़ नहीं पाया।

अब बहुत देर से उसे कुछ भी खाने को नहीं मिला। तब वह वापस उस खरगोश को खाने के विषय में सोचा। लेकिन जब शेर जिस स्थान पर खरगोश से मिला था।

वहां पर पहुंचा तो खरगोश वहां पर नहीं मिला। शेर के वापस आने से पर पहले खरगोश वहां से जा चुका था। फिर वहां से काफी दुखी हुआ और उसे ऐसे ही कुछ सप्ताहों तक भूखा ही रहना पड़ा।

इस Desikahani से हमें यह शिक्षा मिलती है कि हमें जितना मिल रहा है उतना में ही संतुष्टि करना चाहिए नहीं तो कभी-कभी लोग करना हमारी सेहत के लिए बहुत ही खराब होता है।

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मूर्ख गधा की Desi Kahani 2


एक समय की बात है। एक व्यापारी नमक बेचने के लिए अपने गद्दे पर नमक की थैली को रोज लाकर के बाजार में लेकर जाता था।

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मूर्ख गधा की कहानी

उसे रास्ते में उसे गधे को एक नदी पार करना पड़ता था। लेकिन एक दिन नदी पार करते वक्त अचानक से उसे गद्दा का पैर फिसल गया और वह जा करके नदी में गिर पड़ा।

वह गद्दा नदी में गिरने के कारण उसके पीठ पर जो नमक के बोरे थे उसमें से कुछ नमक पानी में गिर गए थे जिसकी वजह से उसे बाजार ले जाने में कुछ हल्की महसूस हो रही थी।

इस कारण वह गधा बहुत ही खुश था अब फिर गद्दा रोज वही चाल चलने लगा इससे नमक बेचने वाले को बहुत ही ज्यादा नुकसान होने लगा।

अब व्यापारी पूरी तरह से परेशान हो गया था और धीरे-धीरे उसे इस गधे की चाल समझ में आ गई।और उसने इसे सबक सिखाने के लिए एक फैसला किया। अगले दिन व्यापारी ने अपने उस गधा पर एक रूई से भरा हुआ थैला पीठ पर लाद दिया।

रोज की भांति यह गधा आज भी वही चाल चली उसे उम्मीद थी कि रुई का थैला भी पानी में घोलकर हल्का हो जाएगा।

वह गधा जैसे ही नदी में गया। अवरोही का वजन भारी हो गया था और उसे ले जाने में परेशानी भी हो रही थी। आप उसे बहुत ही भारी उठाने में नुकसान भी हो रहा था।

उसने इससे यह सबक सिखा की उसे दिन के बाद से उसने अपने सभी तरह की चाल चलना बंद किया और नमक की बोरी ले जाता बाजार में उतार देता और फिर इससे उसका व्यापारी भी खुश हुआ और उसे अच्छे-अच्छे खाना देने लगे।

इस Desikahani से हमें यह शिक्षा मिलती है कि हमारा भाग हमेशा साथ नहीं देता है इसलिए हमें हमेशा अपनी भगवान के द्वारा दी हुई बुद्धि का इस्तेमाल करना चाहिए।

Desi Kahani 2 in Hindi 

चींटी और हाथी की Desi Kahani 2


बहुत समय पहले की बात है ।नील नाम के जंगल में एक बार एक घमंडी हाथी रहता था ।जो हमेशा छोटे जानवरों को बहुत ही ज्यादा धमकाया करता था। और उनका जीवन बहुत ही कष्ट दाई बना देता था।

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चींटी और घमंडी हाथी की कहानी

इसलिए सभी छोटे जानवर उसे घमंडी हाथी से बहुत ही ज्यादा परेशान थे। एक समय की बात है वह अपने घर के पास एक चींटी की मांड में गया और उन सभी चीटियां पर पानी डाल दिया।

ऐसा होने पर वह सभी चीटियां अपने भोजन को लेकर के रोने लगी। वह हाथी इन लोगों की तुलना में ज्यादा बड़ी थी इसलिए वह इससे कुछ नहीं कर सकती थी।

फिर  हाथी ने बहुत जोर से हंस और छुट्टियों को धमकी दिया कि मैं तुम सभी को अपने पैरों से कुचल करके मार दूंगा। इस बात को सभी चीटियां सुनकर के चुपचाप वहां से चली गई।

फिर एक दिन चिट्ठी ने अपने लिए सभा का आयोजन किया और उन्होंने हाथी को सबक सिखाने का उसमें फैसला किया। उन्होंने अपनी योजना के मुताबिक जब हाथी उसके पास आए तबीयत सीधे हाथी के सन में घुस जाए और उसे काटने लगे।

इससे हाथी केवल दर्द से परेशान हो सकता है क्योंकि चींटी इतनी छोटी थी। कि उनका या हाथी कुछ नहीं कर सकता था। साथ में उसे सूर्य के अंदर होने की वजह से और चाह कर भी कुछ नहीं कर सकती थी।

सभी चिट्ठी ने ऐसा ही किया। अब उसे अपनी गलती का एहसास हुआ और उसने चींटी और उन सभी जानवरों से माफी मांगा जीने वह डराया और धमकाया हुआ था।

हाथी किया पीड़ा देख करके सभी चींटी को दया आया और वह सब सभी हाथी को इसके लिए माफ कर दिया।

शिक्षा : – Desi Kahani 2 

इस Desi Kahani 2 से हमें यह शिक्षा मिलती है कि आप हमेशा विनम्र बानो और सभी के साथ दया का व्यवहार करो। अगर आपको लगता है कि आप दूसरे से ज्यादा मजबूत हैं ।

तो आप अपनी ताकत का इस्तेमाल उन्हें नुकसान पहुंचाने के बजाय उनकी रक्षा के लिए करनी चाहिए जिससे वह आपकी अच्छे से व्यवहार करें और आपको आपके मुसीबत समय में आप का साथ दें।

धन्यवाद,

यह आपकी प्रिय कहानी कैसी लगी। आप को कौन सी कहानी अच्छी लगी। कॉमेंट्स करके जरुर बताएं।Desi Kahani 2Desi Kahani 2Desi Kahani 2Desi Kahani 2Desi Kahani 2Desi Kahani 2

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