Short Hindi Storyकहानी: "दादी माँ की कहानी"

Top 99+ Best Desi Kahani – Moral Story In Hindi :– इस लेख में अपने प्रिय दादी मां के द्वारा जो सभी लोग Desi Kahani कहानियां सुनते हैं उस कहानियों को पूरी विस्तार पूर्वक लिखा गया है जो बच्चों के जीवन में बहुमूल्य नहीं भूमिका निभाता है,

Table of Contents

Top 10 Best Desi Kahani In Hindi (Moral Story)(नैतिक कहानी)
Top 10 Best Desi Kahani In Hindi (Moral Story)(नैतिक कहानी)

नैतिक कहानियां बच्चों को जीवन के महत्वपूर्ण बहुमूल्य पाठ पढ़ाने और महत्वपूर्ण मूल्य प्रदान करने का एक अच्छा सा स्रोत है ,

यह कहानियां ना केवल बच्चों का मनोरंजन करती है बल्कि उनके जीवन में भविष्य के लिए ज्ञान और मार्गदर्शन प्रदान करता है,

Top 10 Desi Kahani in Hindi (Moral Stories)

इस लेख में, हमने हिन्दी में शीर्ष 10 नैतिक कहानियों की सूची तैयार की है जो बच्चों को मूल्यवान तथा सबक सिखाने में मदद मिल सकती है,

नैतिक कहानियां हमारी संस्कृति का एक मूल्यवान हिसा हैं जो हम पीढ़ी दर पीढ़ी अपने दादी मां के द्वारा सुनने चले आ रहे है,

ये कहानियां हमें मूल्यवान सीख देती है जो हमें अपने जीवन में बेहतर निर्णय लेने में सहायता प्रदान करती है,

Top 10 Best Desi Kahani In Hindi (हिन्दी में शीर्ष 10 नैतिक कहानियों)

यहां Top 10 Best Desi Kahani हिंदी में है जो बच्चों को जीवन में मूल्यवान सबक सीखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है,

1. चालाक (चतुर) कौआ की कहानी (Desi Kahani of A Crow)

यह कहानी के Desi Kahani में एक चतुर कौवे की है जो गर्मी के दिनों में प्यास से व्याकुल होकर इधर उधर भटक रहा था और उसे पानी का स्रोत कहीं दिखाई नहीं देता था

तभी उसे अचानक एक घड़ा दिखाई दिया, तो जैसे ही कौवा उस घड़े के पास जाता है तो देखता है कि उसमें पानी का स्तर नीचे है कौवा उदास हो जाता है फिर उसे,

Top 10 Best Moral Stories In Hindi (हिन्दी में शीर्ष 10 नैतिक कहानियों)
Top 10 Best Desi Kahani In Hindi

तब कहोगे को एक विचार आता है की घड़ी के पास पड़े हुए कंकड़ को उसमें डालता है।

और धीरे-धीरे पानी की स्तर ऊपर आने लगती है फिर कौआ अपनी पानी पीकर प्यास बुझाता है,

इस कहानी से सीख मिलती है कि बुद्धिमत्ता और रचनात्मकता आपको कठिन परिस्थिति में आपको उबरने में मदद करती है,

नैतिक:– आवश्यकता आविष्कार की जननी है।

Moral of the Story:–इस Desi Kahani में यह शिक्षा मिलती है कि कठिन परिस्थिति का सामना करने के लिए हमें अपनी बुद्धि और रचनात्मकता का उपयोग समाधान करने के लिए करना चाहिए।

2. शेर और चूहा की कहानी (Desi Kahani of Tiger and Rat)

यह कहानी एक शेर की है जो चूहे की जान बख्त देता है, बाद में, चूहा शेर को शिकारी के जाल से छुड़ाकर उसकी दया का बदला चुकाता हैं,

इस कहानी के Desi Kahani में चूंकि , एक बार एक जंगल में एक चूहा रहता था वह एक दिन दिन के समय बाहर निकला तभी उसकी मुलाकात एक शेर से हुई।

शेर उसे शिकार करना चाहता था। लेकिन उसका पेट भर चुका था इसलिए वह चूहे को दया दिखाई और उसका शिकार नहीं किया,

चूहे ने डरते हुए शेर से पूछा “आप मुझे नही खायेंगे ना” शेर ने हंसते हुए जवाब दिया, नहीं मैं तुम्हें नहीं खाऊंगा मेरा पेट भर चुका है

इसके बाद से शेर और चूहा दोनों में दोस्ती हो गई। और फिर शेर ने सिखाया कि कैसे जंगल के खतरों से बचना चाहिए।

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शेर और चूहा की कहानी 

थोड़ी देर बाद शेर वहां से चला गया लेकिन चूहा शेर की मदद करना चाहता था। वह उसकी अहसान चुकाना चाहता था।

एक दिन अचानक शिकारियों के द्वारा लगाए गए जाल में फस गया। और चीखते हुए चूहे को सहायता के लिए पुकारा। चूहे ने देखा कि शेर जाल में फंस गया है। चूहे ने शेर की मदद के लिए उसके पास गया।

चूहे को शेर की मदद करने का मौका मिला और फिर चूहे ने शेर को बचाने के लिए उस जाल को काट दिया जिससे शेर छुट गया। फिर शेर बहुत खुश हो गया ! इस तरह से चूहे ने शेर के दयालुता का बदला चुकाया।

Desi Kahani Of This Story:– दयालुता का भाव कभी व्यर्थ नहीं होती ।

शिक्षा:– दयालुता का कार्य कोई भी हो कितना भी छोटा क्यू ना हो, किसी का ध्यान नही जाता है, या उसकी सराहना नही की जाती है। (इसलिए आप भी Comments जरूर करें )

3. लालची कुत्ता (लालच का परिणाम) की कहानी (Desi Kahani of Dog 🐕)

इस कहानी की Desi Kahani में  एक गांव में एक कुत्ता रहता था। और बाकी कुत्तों की अपेक्षा वह ज्यादा लालाची था, एक दिन अचानक उसे एक हड्डी की टुकड़ा मिला उसने सोचा कि आज इस हड्डी से अपनी भूख मिटा लूंगा।

तभी वह जल्दी से उस हड्डी के टुकड़े को लेकर भागने लगा और रास्ते में नदी के पुल के पास पहुंचा पुल के किनारे पहुंचते ही पानी में उसने अपनी प्रतिबिंब देखा।

उसे लगा कि पानी में एक और कुता है जिसकी हड्डी उसकी हड्डी से बड़ी है (उसे अपनी हड्डी का प्रतिबिंब बड़ा दिखाई दिया ) लालच से भरा हुआ।

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लालची कुत्ता की कहानी

वह कुत्ता उस पानी में दिखाई दे रहे दूसरे कुत्ते की हड्डी को हड़पने की सोचने लगा, तभी वह दूसरे कुत्ते को डराने के लिए भौंकने लगा।

लेकिन जैसे ही वह कुत्ता भोकने के लिए मुंह को खोला, तो तुरंत उसकी अपनी ही हड्डी पानी में गिर गया, और अब उसने लालच की वजह से अपनी हड्डी गवा दिया और अंत में उसे कुछ नहीं मिला ।

Desi Kahani Of This Story:–  कुत्ता जैसे ही पानी में दिख रहे कुत्ते की हड्डी हड़पने के लिए मुंह खोला वह अपनी हड्डी को गवा दिया और उसे अंत में कुछ नही मिलता है तो इस Desi Kahani से यह शिक्षा मिलती है कि लालच से हमेशा नुकसान ही होता है ।

शिक्षा:– लालच बुरी भला है।

4. प्यासा कौआ की कहानी( Desi Kahani of Thirsty Crow)Short Story 

इस Desi Kahani में एक कौआ जो गर्मी के दिनों में बहुत ही प्यासा हुआ है, और पानी के लिए व्याकुल होकर निराश बैठा है तभी उसे एक घड़ा दिखाई देता है वह घड़े में देखता है तो पानी का स्तर नीचे था पानी कम था।

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प्यासा कौआ की कहानी

तभी कौआ अपनी बुद्धिमता का उपयोग करते हुए घड़े के पास के कंकड़ उसमें डालने लगता हैं जैसे जैसे कंकड़ डाला पानी का स्तर ऊपर आ गया फिर कौआ ने पानी को पीकर अपनी प्यास बुझाता है।

इस Desi Kahani से यह शिक्षा मिलती है ,कि अगर आप कोई भी काम लगन और कड़ी मेहनत के साथ करेंगे तो आपको अपनी लक्ष्य की प्राप्ति जरूर मिलेगी।

5.टोपी बेचने वाला और बन्दर की कहानी (Desi Kahani of The Hatter And The M) 

इस Desi Kahani में एक टोपी बेचने वाला एक गांव से टोपी बेचकर गांव से बाहर जाता है और वह काफी थक गया था तभी वह सोचा कुछ समय के लिए इस पेड़ के नीचे आराम कर लूं

तभी उस टोपी वाले को नींद आ जाती है और उस पेड़ पर बन्दर थे जो उसके सभी टोपी लेकर उसी के जैसे पहन लिए थे फिर टोपी बेचने वाले की नींद खुली तो टोपी टोकरी में से गायब मिला,

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टोपी बेचने वाला और बन्दर की कहानी

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टोपी वाला व्याकुल होकर इधर उधर देखने लगा उसे समझ नहीं आया तभी ऊपर से एक बन्दर की टोपी गिर गया तभी ऊपर देखा कि बन्दर उसके टोपी को लेकर पहने हुए हैं और मेरे ही नकल कर रहे हैं,

तब टोपी वाला बहुत ही बुद्धिमानी से अपनी जो भी टोपी था उसे निचे जमीन पर फेक दिया यह देख बन्दर भी अपनी अपनी टोपी जमीन पर गिरा दिए,

तभी बड़ी ही चालाकी से टोपी वाला सभी टोपी को लेकर वापस टोकरी में भर लेता है और दूसरे गांव निकल गया।

Desi Kahani Of This Story:– इस कहानी का नैतिक यह है कि आपका त्वरित सोच आपको चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों से उभरने में मदद कर सकती है।

6. लोमड़ी और अंगूर की कहानी (Desi Kahani of The  Fox And The  Grapes)

इस Desi Kahani में एक लोमड़ी है जिसकी पेट भरी हुई है लेकिन फिर भी जैसे ही वह अंगूर के पेड़ से नीचे गुजरती है तो उसे अंगूर खाने की इच्छा होती है

लोमड़ी को अंगूर खाने की इच्छा बढ़ती ही जा रही थी और वह उछल उछल कर अंगूर पाने की कोशिश कर रही थी लेकिन असफल हो जा रही थी।

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लोमड़ी और अंगूर की कहानी

तभी वहां पर एक और लोमड़ी आती है और इसकी कोशिश को नाकाम देखते हुए उसे बोलती है कि अंगूर खट्टे होते हैं अंगूर बहुत खट्टे हैं इसे नहीं खानी चाहिए खाने लायक नहीं हैं।

तो फिर लोमड़ी अपने आप को यकीन दिलाती है कि अंगूर खट्टे हैं और इसे नहीं खाना है,

इस Desi Kahani से यह शिक्षा मिलती है कि जब हमारे पास कुछ नहीं होता है तो हमें अपने आप को संतुष्ट करना चाहिए और समझाना चाहिए हमें इसकी जरूरत नहीं है।

नैतिक शिक्षा:– जो वस्तु आपके पास नहीं है उसका तिरस्कार करना बहुत ही आसान है।

Desi Kahani Of This Story:– कभी-कभी हम हुआ चीज पाने में असमर्थ हो जिसक हम कामना करते हैं तो हमें खुद को समझा लेनी चहिए हमें इसकी जरूरत नहीं है।

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 Desi Kahani In Hindi For Class 5 (Short Story)

Desi Kahani In Hindi For Class 5:– इस Moral Stories में 5 क्लास में पढ़ने वाले सभी बेस्ट हिंदी कहानी शेयर करने जा रही हूं। जिसे पढ़कर के बच्चे को  प्रेरणा मिलेगी

और बल्कि अच्छी आदत सीखने में मदद मिलेगी, इसमें हमारी कोशिश होगी कि हम मनोरंजन के आदत से बच्चे को अच्छी शिक्षा और अच्छी गुण हासिल करें जिससे एक अच्छे समाज के निर्माण हो सके।

Hindi Kahani For Class 5

आइए हम एक-एक करके कक्षा 5 के बच्चों के लिए कहानी (Hindi Kahani For Class 5) पढ़ना शुरू करते हैं। अगर आपको एक भी कहानी अच्छी लगती है तो कमेंट में उस पाठ को लिखकर जरूर बताइएगा।

बत्तख के बच्चे की कहानी (Moral story in Hindi)

एक समय की बात एक बहुत ही सुंदर नदी ( हरी भरी) में एक बहुत ही प्यारी बत्तख अपने पांच बच्चों के साथ रहती थीं।

उन पांच बच्चों में से एक बच्चा बिल्कुल भिन्न था। चार बच्चे बतख की तरह ही सुंदर थे। लेकिन एक बच्चा बदसूरत दिखता था।

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बत्तख के बच्चे की कहानी

बत्तख की मां अपने बदसूरत बच्चे को उतना प्यार भी नहीं करती थीं। अगर वह बच्चा अपनी मां के पास जाता था, तो मां अक्सर उसे डाट फटकार कर दूर रहने को बोलती थी।

जैसे – जैसे बतख का बच्चा बड़ा हुआ तो उसे मालूम हो गया। कि उसकी मां उससे प्यार नही बल्कि घृणा करती है। यह बात उसे बर्दास्त नही हुआ। वह बिना किसी को बताएं अपना घर छोड़कर निकल पडा।

लेकिन उसका जीवन मां के बिना आसान नहीं था। मौसम बदलता रहा था। उसे मौसम और शिकारियों से अपना बचाव करना पड़ता था।

कभी – कभी उसे भूखा भी रहना पड़ता था। और कभी कभी उसके मन में विचार आता था की वापस चला जाए।

फिर वह सोचता था कि घर जाकर भी क्या करना मुझे ? मां तो प्यार भी नहीं करती । क्योंकि मैं उन लोगों की तरह नही दिखती।

एक दिन बतख की बच्चा सैर कर रहा था। तभी उसे एक प्यारा सा नन्हा सा घर दिखाई दिया। बतख का बच्चा काफी थका हुआ था। इसलिए वह उस दरवाजे पर आराम करते करते सो गया।

बतख के बच्चे की आंख खुली तो उसने देखा कि वह एक चटाई पर लेटा हुआ है। और जब उसने चारों तरफ नजर घुमाई तो भोजन रखा हुआ था।

उसे लगा कि कही घर का मलिक उसे अपने अपने साथ तो नही रखना चाहता। यह सोच वह तुंरत वहा से निकल कर अपने नदी के तरफ़  वापस लौट आया ।

उसकी गला सुख रही थीं, प्यास के लिए जब पानी पीने के लिए जैसे ही वह नदी में झुका, उसे एक सुंदर सफेद पक्षी की परछाई दिखाई दिया।

और वह अपने ही प्रतिबिंब को देखा तो बहुत खुश हुआ। की वह अब एक बहुत ही प्यारा सुंदर हंस में बदल गया था। वह यह देख फूले नहीं समाए और बहुत खुश हुआ।

Desi Kahani Of This Story:– इस Desi Kahani में बतख के सहारे बताया गया है कि कोई भी व्यक्ति बदसूरत नही होते, समय के साथ सब कुछ परिवर्तन हो जाता है अपना कर्म करते रहें।

2. सारस और भेड़िया। Hindi Kahani For Class 6(Desi Kahani of Stork and Wolf)(Short Story)

इस Moral Story में एक बार भेड़िया अपने भोजन को बहुत ही आनन्द पूर्वक कर रहा था। तभी उसके गले में एक हड्डी अटक गई।

उसके गले में दर्द होने लगा, वह दर्द के कारण चिलाने लगा। वह जंगल में उपस्थित अनेक जानवरो से मदद मांगी पर भेड़िए की मदद के लिए कोई तैयार नहीं हुआ।

तभी उसके चिलाने की आवाज सुन कर एक दयालु सारस उसके पास उसकी मदद करने के लिए आया। भेड़िए ने सारस से कहा अगर तुम मेरी मदद करोगे तो मै तुमको इनाम दूंगा।

Top 10 Best Moral Stories In Hindi (Moral Story)(नैतिक कहानी)
Top 10 Best Moral Stories In Hindi (Moral Story)(नैतिक कहानी)

सारस खुशी – खुशी उसकी मदद करने को तैयार हो गया। और उसी वक्त अपने काम में जुट गया। उसने अपनी लंबी और पतली चोंच को उसके गर्दन में डाली और भेड़िए के गले में अटकी हड्डी को बाहर निकाल दिया।

फिर भेड़िए को दर्द से राहत मिली। वह बहुत खुश हुआ और सारस को धन्यवाद दिया। लेकिन जब सारस ने भेड़िए से अपने इनाम मांगा तो भेड़िए ने सारस पर चिला कर बोला” इनाम,” कैसा इनाम?

भेड़िया हंस कर बोला कि क्या ये तुम्हारा इनाम नही है कि तुम मेरे मुंह में गए और जिंदा वापस चले आए। और मैने तुम्हारी जान नही लिया।

सारस को यह सुनकर बहुत गुस्सा आया और वह भेड़िए को बहुत ही बुरा भला कहा और कहा कि मैं दुबारा की भेड़िए की मदद नही करूंगा।

कुछ समय पूर्व फिर एक महीने के अन्दर ही भेड़िए के गले में हड्डी अटक गया फिर दर्द से तड़प रहा था और इसकी इस वजह से इसका कोई भी मदद नही किया फिर भेड़िया सारस को आवाज लगाई ।

सारस ने भेड़िए को कहा अगर मै तुम्हारे भीतर अपने गले को लगाए और तुम मार दोगे मुझे तुम्हारी सच्चाई मुझे मालूम हो गई है ऐसे ही करके तुम सभी को मारकर खाते हो।

फिर सारस ने मदद नही किया और वह भेड़िया दर्द के कारण तड़प कर मर गया। उसकी कोई मदद नहीं मिली।

Desi Kahani Of This Story:– इस कहानी का Moral story यह है कि अगर आप किसी के साथ बुरा करेगें तो आपको बुरा ही फल मिलता हैं।

3. चिड़िया और मधुमक्खी की कहानी (chidiya or madhumakhi ki kahani )(Desi Kahani)

इस Desi Kahani  में एक बगीचे में बहुत सारे आम का पेड़ था। और उसी बगीचे में एक बहुत ही पुराना और बहुत ही विशाल बरगद का पेड़ था। बरगद के पेड़  पर मधुमक्खियों ने अपना घर बना लिया था।

और उस पेड़ की डाल पर एक चिड़िया हमेशा आकार बैठा करती थीं। वह डाल बगीचे से बाहर निकली हुई थी, और उसके निचे से एक नदी गुजरती थी।

वह चिड़िया हमेशा खाना खाने के बाद वहा पानी पीती और फिर वही आराम करती थीं और मधुमक्खियों में से जो जो सबके बॉस था।

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चिड़िया और मधुमक्खी की कहानी

उसको यह चिड़िया बिलकुल भी पसंद नही थी। वह सोचती कही यह चिड़िया भी यहां धोसला डालकर नही रहने लग जाए। उसके बाद यह हम सब को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

चिड़िया जब थोड़ी देर आराम कर लेती थीं तो वह वहा से चली जाती थीं। एक दिन चिड़िया बहुत थक गई थी इसलिए वह शाम तक वही बैठे रही ,

यह सब देखकर मधुमक्खी का बॉस था उसको बहुत गुस्सा आया। आज तो हद हो गई यह यहा से जा क्यू नही रही है।

मधुमक्खी का बॉस गुस्से से पागल होकर चिड़िया को मजा चखाने के लिए जैसे ही चिड़िया के पास पहुंची,

तभी अचानक हवा तेज चलने लगती हैं। गुस्से से बौखलाई मधुमक्खी जो चिड़िया के पास जा रही थी वह नदी में जाकर गिर जाती हैं।

चिड़िया की नजर जैसे ही उस मधुमक्खी पर पडा वह बरगद के एक बड़े से पते को नदी में फेक देती है और फिर मधुमक्खी उस पर चढ़ कर आसानी से नदी किनारे आ जाती हैं।

यह देखकर चिड़िया खुश हुई और जब हवा रुका तो मधुमक्खी चिड़िया के पास गई और उसने उस चिड़िया को धन्यवाद दिया। और फिर उन दोनो में पक्की वाली दोस्ती हो गई।

कुछ समय बाद जब चिड़िया आराम कर रही थी और तभी वहा एक चिड़िया मारने वाला आता है। और चिड़िया को वहा आराम से बैठे देख शिकार करने की सोचता है।

यह सब तभी मधुमक्खी के बॉस को पता चल जाता है और जब शिकारी चिड़िया पर जैसे ही अपने तीर चलाता है,

उससे पहले ही मधुमक्खी उस पर टूट पड़ती है और चिड़िया का जान बच जाती है यह देख चिड़िया मधुमक्खी को धन्यवाद, करती हैं और फिर वही अपने घोंसले बनाकर रहने लगते हैं।

Desi Kahani Of This Story:– इस कहानी से हमें यह शिक्षा मिलती है कि किसी को देख कर की वह कैसा है यह विचार कभी नहीं करना चाहिए। और जब तक किसी को परख न ले वह कैसा है ।

तब आप किसी के बारे में गलत नहीं रख सकते भले ही वह सामने वाला इंसान बुरा हो, वह अच्छा भी हो सकता है, और जो निस्वार्थ किसी की मदद भी करता हो।

नोट:–आगे की और Desi Kahani पढ़ने के बाद कमेंट कर बताए कि आपको कौन सा कहानी अच्छी लगी यह (Desi Kahani) हैं।

4. चींटी और टिड्डा की कहानी (Desi Kahani of Ant and Cricket)

इस (Desi Kahani) कहानी में एक चींटी पुरी भीषण गर्मी में चींटी कड़ी मेहनत करके सर्दी के मौसम के लिए पूरी भोजन इकट्ठा करती है, और दूसरी तरफ टिड्डा अपनी पूरी जिंदगी गायन और नृत्य में व्यतीत करता है लेकिन जब सर्दी का मौसम आता है।

तो चींटी पहले से ही अपने सर्दी के मौसम के लिए भोजन इकट्ठा कर चुकी होती है लेकिन टिड्डा अपना भोजन इकट्ठा नहीं कर पाता है और सर्दी के मौसम आने पर चिट्ठी अपने लिए जो भोजन रखी रहती है।

Top 10 Best Moral Stories In Hindi (Moral Story)(नैतिक कहानी)
Top 10 Best Desi Kahani In Hindi (Moral Story)(नैतिक कहानी)

उसका उपयोग करके जिंदा रह जाती है लेकिन टिड्डा जो केवल गायन और नृत्य में व्यस्त था जिसके कारण उसके पास भोजन इकट्ठा नहीं होता है और वह सर्दी के मौसम में बिना भोजन के कारण ही अपने प्राण गवा बैठता है।

नैतिक (Desi Kahani):– कड़ी मेहनत का फल हमेशा मीठा होता है।

Desi Kahani of The  Story:– इस कहानी से हमें यह जानकारी मिलती है कि कड़ी मेहनत और योजना के आधार पर आने वाले भविष्य में सभी कठिनाई को हम आसानी से पार कर सकते हैं। और अपनी आगे की जीवन को सुनिश्चित कर सकते हैं।

5. खरगोश और कछुआ की कहानी (Desi Kahani of Tortoise  and Rabbit)

इस Desi Kahani की कहानी में एक घमंडी खरगोश जो बहुत ही आत्म विश्वासी था और उसे घमंड था कि मेरे से तेज कोई नहीं दौड़ सकता था।

एक समय की बात है खरगोश जंगल में बैठा था तभी उसके सामने से एक कछुआ धीरे-धीरे जा रहा था तभी खरगोश ने कछुए को दौड़ लगाने के लिए चुनौती दी।

कछुआ खरगोश से दौड़ लगाने की चुनौती को स्वीकार कर लिया और फिर एक निश्चित लाइन के द्वारा दौड़ की रेस चालू हो गई।

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कछुआ और खरगोश की कहानी

खरगोश बहुत ही तेजी से आगे बढ़ते हुए जीतने के करीब पहुंच चुका था तभी सोचा की थोड़ी देर इस पेड़ के नीचे आराम कर लेता हूं उसके बाद में अपनी रेस पूरी कर लूंगा।

कछुआ इधर अपनी धीमी रफ्तार के साथ धीरे-धीरे बढ़ते हुए रेस के पास जाता है और रेस जितने वाला ही होता है तभी खरगोश की नींद खुल जाती हैं

लेकिन कछुआ इधर रेस लाइन के नजदीक होने के कारण वह जीत जाता है और खरगोश की हार हो जाती हैं।

नैतिक (Desi Kahani):- धीमी और स्थीर दौड़ जीतती हैं ( निरंतर कोशिश करने वाले की हार नहीं होती)

Desi Kahani of The Story: कच्ची प्रतिभा या प्राकृतिक क्षमता की तुलना में निरंतता और दृढ़ता अधिक मूल्यवान हो सकता है।

Short Story In Hindi With Desi Kahani (Class 7)Short Story 

बचपन के समय में हमलोग ने अपने घर के बड़े बुजुर्ग व्यक्ति , माता –पिता , नाना –नानी , दादा– दादी से (short story in hindi with moral) से बहुत से कहानियां सुनते चले आए हैं।

हमारे देश में प्राचीन समय से ही कहानी सुनना और सुनाने की प्रथा चली आ रही है। पहले मनोरंजन के साधन के रुप में उपयोग किया जाता था।

जिसमे लोग कहानी और कविताओं को गाकर और सुनकर मनोरंजन करते थे। यह कहानी मनोरंजन के साथ ही साथ शिक्षा हेतु भी लाभप्रद होता था।

हम जानते हैं कि भारत में हिंदी साहित्य की बहुत सारी कहानियां और कविताएं लिखी गई है, जैसे अकबर और बीरबल की कहानी, तेनालीरामा, पंचतंत्र, और भी बहुत सारी कहानियां प्रचलित हैं।

1. हाथी और सियार की कहानी (Desi Kahani of Elephant and Jackal)

इस लेख (Desi Kahani) मे एक जंगल में एक हाथी और सियार रहते थे। एक दिन सियार को बहुत ज्यादा भूख लगी और वह जंगल में इधर – उधर भटकने लगा ।

सियार घूमते हुए एक जगह पहुंचा जहा उसे एक हाथी मिली। हाथी को देखते ही सियार के मुंह में पानी आ गया । सियार हाथी को खाने के बारे में सोचने लगा।

यह बात सोच कर हाथी के पास पहुंचा, और जाकर हाथी से बोला। हाथी इस जंगल में हाथी से बड़ा और समझदार कोई जानवर है ही नहीं।

Top 10Moral Stories in Hindi
Top 10 Desi Kahani in Hindi(हाथी और सियार की कहानी)

इस जंगल में फिर सियार बोला क्या आप जंगल का राजा बनना पसन्द करेंगे। हाथी को सियार की बात पसन्द आई, और हाथी ने जंगल का राजा बनने के लिए हां कर दिया।

हाथी के हां बोलने के बाद सियार बोला हाथी आप मेरे साथ चलो खुशी के साथ फूला ना समा रहा हाथी साथ चल दिया। सियार हाथी को नहाने के लिए एक तालाब में ले गया,

और सियार बोला आप नहाने के लिए उतर जाओ। लेकिन तालाब में बहुत ही दलदल था। हाथी राजा बनने की खुशी में तालाब में उतर गया और तालाब में उतरते ही हाथी निचे धसने लगा।

हाथी ने सियार से बोला कि तुम मुझे कैसे तालाब में लाए हो मैं धसते जा रहा हूं। तब सियार ने बड़ी जोर से हस्ते हुए बोला कि मैं तुम्हे अपना शिकार बनाना चाहता हूं इसलिए इस तालाब में लाया हुं।

यह सुनकर हाथी बहुत ही झटका लगा और फिर हाथी उस तालाब से निकलने की कोशिश करने लगी लेकिन असफल रही और दलदल में धंसते लगी।

हाथी को दलदल में धसा देख। सियार के मुंह में पानी आ गया और सियार हाथी को खाने के लिए जैसे ही तालाब में उतरा तो हाथी के साथ साथ सियार भी डूब कर मर गया।

नैतिक शिक्षा (Desi Kahani):- ऊपर दिए हुए कहानी से हमें यह शिक्षा मिलती है कि जो दूसरे के लिए गाढ़ा खोदता है वह भी खुद उस गाढ़ा में गिरता है।

2. नन्ही चिड़िया की कहानी (Desi Kahani of Small Birds)

इस लेख (Desi Kahani) में बहुत समय पहले की बात है। की एक बहुत बड़ा घना जंगल हुआ करता था। एक समय की बात है जंगल में बहुत ही भीषण आग लग गई। जंगल में उपस्थित सभी जानवर आग को देख कर डर गए। और जंगल में इधर – उधर भागने लगे।

आग लगने के कारण जंगल में बहुत ही भगदड़ मची हुई थी। हर कोई अपनी अपनी जान बचाने के लिए इधर – उधर भाग रहे थे।

उसी जंगल में एक नन्ही सी चिड़िया भी रहती थीं। चिड़िया ने देखा सभी जानवर बहुत ही भयभीत हैं चिड़िया सोची इस आग लगे जंगल में हमें जानवरों की मदद करनी चाहिए।

नन्ही चिड़िया की कहानी

यही बात को सोच कर चिड़िया भाग कर नदी के पास गई और अपने छोटी सी चोंच में पानी भरकर आग बुझाने का प्रयास करने लगी।

चिड़िया को देखकर एक उल्लू समझ रहा था कि चिड़िया मूर्ख है इस भीषण आग को बुझाने के लिए छोटी सी सोच में जो पानी है उससे आग नहीं बुझ पाएगी।

यह देख कर उल्लू उस चिड़िया के पास गया कि तुम्हारे इस प्रयास से यह जंगल की आग नहीं बुझेगी तो चिड़िया बहुत ही विनम्रता पूर्वक जवाब दें कि मुझे केवल आग बुझाने का निरंतर प्रयास करते रहना है चाहे आप मुझे या ना।

यह सुनकर वहां पर उपस्थित सभी चिड़िया और जानवर आग बुझाने का प्रयास करने लगे।

नैतिक शिक्षा (Desi Kahani):–इस कहानी में इस छोटी चिड़िया के द्वारा हमें यह शिक्षा मिलती है कि मुसीबत कितनी भी भयंकर क्यों ना हो हमें अपनी प्रयास करते रहना चाहिए।

Short Desi Kahani in hindi (नैतिक कहानी)

3. गधे और धोबी की कहानी (Desi Kahani of Ass and Dhobi) 

इस लेख (Desi Kahani) में एक गांव में एक बहुत ही निर्धन धोबी था उसके पास एक कमजोर सा गधा था वह अपना जो भी काम था उस गधे से कराता था

एक बार की बात है उस धोबी को एक मरा हुआ भाग दिखाई दिया जिससे उसके दिमाग में एक ख्याल आया कि हम क्यों ना इस बात के चमड़ी को अपने गधे पर लगा दूं।

Top 10Moral Stories in Hindi
धोबी और गदहा की कहानी

और इसे गांव की खेतों में चरन के लिए छोड़ दूं ताकि यह गधा खा पीकर मोटा और दुरुस्त हो जाए गद्दा ऐसे ही गांव की खेतों में अपने चारा करने लगा और लोग डर से नहीं जाते थे। और वह अपने गधे को ऐसे ही रात में छोड़ देता था।

एक समय की बात है जब गांव के गद्दे रेंगने लगे रहे थे तब यह भी गद्दा रेंगने लगा जिसे देखकर गांव वाले समझ गए यह शेर नहीं गधा है।

गधे की रेंगने से गधे की असलियत का पता चल गया। और लोग इस गधे की खूब पिटाई किए।

नैतिक शिक्षा (Desi Kahani):- इस Desi Kahani से हमे पता चलता है कि सच्चाई कभी भी नही छुपती हैं एक न एक दिन बाहर निकल ही जाती हैं।

4.जादुई बॉल की कहानी (Desi Kahani of Magic Ball) 

इस लेख (Desi Kahani) में एक छोटा सा बच्चा था जिसका नाम संदीप था। एक दिन वह एक बगीचे में बरगद के पेड़ के नीचे खेल रहा था।

बच्चे को खेलते खेलते एक क्रिस्टल बॉल मिली। जो कि यह एक अनोखा जादुई बॉल थी। जो किसी की भी इच्छा की पूर्ति कर देता था।

बच्चा यह जानकर बहुत ही खुश हुआ कि उसे एक जादुई बॉल मिली है। वह उस बॉल को अपने बैग में रख लेता है। बच्चे ने सोचा कि जब तक मेरी इच्छा की पूर्ति नही हो जाता तब तक यह मेरे पास ही रहेगा।

मैजिक बॉल की कहानी
मैजिक बॉल की कहानी

संदीप को ऐसा सोचते हुए बहुत दिन निकल गया कि आखिर इस जादुई बॉल से क्या मांगा जाए। एक दिन संदीप का एक दोस्त श्याम उसके पास पाया श्याम न क्रिस्टल बॉल को ले लिया। इसके बाद श्याम क्रिस्टल बॉल को लेकर पूरे गांव में घूमने लगा।

गांव में बॉल को देख कर अपने अपने लिए, धन,दौलत घर, महल, सोना चांदी आदि मांगने लगे। लेकिन समस्याएं था की उसमें केवल एक आदमी को एक ही इच्छा पूरी करने का मौका मिल रहा था।

और सभी लोग अपनी अपनी इच्छा के अनुसार एक  – एक बार सभी लोग मांग लिए थे उसके बाद से उन्हें लग रहा था कि हमारी इच्छाएं अभी पूरी नहीं हुई है। लोगों को ऐसा लग रहा था कि मुझे जो चाहिए वह मुझे नहीं मिला।

गांव के सभी लोग निराश होकर अपनी समस्या लेकर संदीप के पास पहुंचे। संदीप ने सब की समस्या को सुना और

क्रिस्टल बॉल से कहा कि पहले जैसा सब चीज कर दो और फिर से जो पहले था सेम वैसा ही हो गया। और फिर सभी लोग संदीप की तारीफ करने लगे।

नैतिक शिक्षा:- ( Desi Kahani) इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि बहुत सारा सोने चांदी के बाद भी हमें अच्छी सुख सुविधा नहीं मिलती है। अगर हमें जीवन में जितना मिले उसी में संतोष करना चाहिए तभी जीवन सुख में होता है।

5.दो मेढ़को की कहानी (Desi Kahani of Two Frog 🐸) 

एक समय की बात है जंगल में मेंढक रहा करते थे और मेंढक ओने एक प्लान बनाया कि क्यों ना हम पूरी जंगल की परिक्रमा करते हैं और

फिर सभी मेंढक जनरल की यात्रा पर निकल चलें लेकिन उस समूह से दो मेंढक एक गड्ढे में गिर गए और वह बहुत सारी कोशिश किए लेकिन वह उस गड्ढे से बाहर नहीं निकल पाए।

और बाहर से इनके जो भी मेंढक साथी थे वह आवाज लगाकर चिल्लाते थे कि तुम कितना भी कोशिश कर लो लेकिन तुम इस गड्ढे से बाहर नहीं निकल सकते हो।

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दो मेंढकों की कहानी 

गड्ढे में मौजूद मेंढक में से एक मेंढक बाहर के द्वारा जो मेंढक बोल रहे थे कि आप तुम नहीं निकल सकते तो उन बातों को या ध्यान से सुन रहा था

उसमें से एक मेंढक बाहर निकलने की कोशिश को त्याग दिया और अपना प्राण त्याग दिया और एक मेंढक पूरी तरह से प्रयास करने लगा निकलने की और बाहर के सभी मैडम उसकी मजाक उड़ाने लगे।

बार-बार प्रयास करने के बाद दूसरा मेंढक एक गहरी सांस लिया और एक लंबी छलांग के साथ गड्ढे से बाहर आ गया यह सब देख बाहर के सभी मेढक बोले कि तुम कैसे इस गड्ढे से बाहर है तो मेढ़क बोला कि मैं बाहर हूं

मुझे लगा कि आप लोग मेरी उत्साह बढ़ाने के लिए चिल्ला रहे हो। और बाकी सभी मेंढक मुझे उत्साही करने के लिए उछल रहे हैं यही कारण है कि मैं इस गड्ढे से बाहर निकल आया।

नैतिक शिक्षा (Desi Kahani):–ऊपर दिए गए मेंढक की कहानी से हमें क्या शिक्षा मिलती है कि हमें किसी भी नकारात्मक बातों को ध्यान में ना रह करके हमे अपनी सकारात्मक ऊर्जा के साथ – साथ बार-बार प्रयत्न करने पर हमें सफलता जरूरी मिलती है

6. सुनहरी कुल्हाड़ी और लकड़हारे की कहानी( Desi Kahani of The Woodcutter and The Golden Axe)

इस Desi Kahani में एक लकड़हारे की कहानी की बातें बताई गई है बहुत समय पहले की बात है की नगर में किशन नाम का एक लकड़हारा रहता था

जो गरीब था और वह जंगल से लकड़ी काटकर के लाता था और फिर से उसे शहर में बेच करके जो भी पैसे मिलते थे उसकी पैसे से अपनी खाना खरीद करके दिनचर्या पूरी करता था।

एक दिन की बात है लकड़हारे को उस दिन सूखी लकड़ी नदी के किनारे एक पेड़ पर मिली वह लकड़हारा उस लकड़ी को काटने के लिए ऊपर चढ़ गया।

सुनहरी कुल्हाड़ी और लकड़हरे की कहानी 

और जैसे ही लकड़ी को काट रहा था तभी उसकी कुल्हाड़ी हाथ से छूट गई और उस नदी में जा गिरी।

कुल्हाड़ी को ढूंढने के लिए लकड़हारा पेड़ से नीचे उतरा और फिर से नदी में कुल्हाड़ी को देखने लगा और बहुत निराश हो गया क्योंकि पानी का बहाव तेज था तो उसने सोचा कि पानी में मेरी कुल्हाड़ी बह गई होगी।

लकड़हारा उदास और मायूस होकर नदी के किनारे बैठा था और रो रहा था और मन ही मन सोच रहा था कि अब इतने पैसे कहां से आएंगे कि

मैं कोई नया कुल्हाड़ी खरीद सकूं। अब इतने पैसे कहां से आएगा यह सोच कर के बहुत ही निराश होकर के वह बैठा हुआ था नदी के किनारे ही।

जब लकड़हारा बहुत ही दुखी होकर नदी के किनारे बैठा हुआ था तभी नदी में से एक देवता निकले और उस लकड़हारे से पूछे तुम क्यों इतना निराश हो करके और क्यों रो रहे हो

तभी लकड़हारा ने अपनी पूरी बात दी की लकड़हारे की इस बात को सुनकर के देवता ने बोले तुम निराश ना हो मैं तुम्हारी कुल्हाड़ी को खोज कर के लाऊंगा और फिर लकड़हारे को कुछ विश्वास हुआ।

उसके बाद देवता नदी में समा गए थोड़ी देर बीतने के बाद से देवता नदी से बाहर निकले तभी लकड़हारा देखता है कि देवता के हाथ में तीन कुल्हाड़ी निकली हुई है और देवता बोलते हैं

लकड़हारे से सोने की कुल्हाड़ी दिखाते हुए कि क्या यह तुम्हारी कुल्हाड़ी है तभी लकड़हारा देवता से बोलता है नहीं प्रभु यह मेरी कुल्हाड़ी नहीं है तो फिर देवता चांदी की कुल्हाड़ी दिखाते हुए उसे बोलते हैं देखो यह तुम्हारी कुल्हाड़ी है क्या तो फिर से लकड़हारा बोलता है कि नहीं प्रभु यह मेरी कुल्हाड़ी नहीं है

तभी देवता फिर से लकड़ी की बनी हुई कुल्हाड़ी को उस लकड़हारे को दिखाते हैं तो फिर से लकड़हारा बोलता की हां प्रभु यह मेरी वही कुल्हाड़ी है जिससे मैं अपनी लकड़ी को काट रहा था और इस नदी में गिर गई।

देवता द्वारा लकड़हारे की इमानदारी को देखकर देवता ने बोले देखो किशन तुम बहुत ही ईमानदार हो अगर तुम्हारी जगह दूसरा कोई होता तो सोने या चांदी की कुल्हाड़ी लालच के मुंह में आकर के ले लेता लेकिन तुमने ऐसा नहीं किया तुमने लालच नहीं किया।

फिर देवता ने लकड़हारे से बोले तुमने पवित्र और सच्चे मन से मेरे पूछे गए सभी सवालों का सही से उत्तर दिया और मैं प्रसन्न हूं

इसलिए मैं तुम्हें यह तीनों कुल्हाड़ी प्रदान करता हूं फिर लकड़हारे ने तीनों कुल्हाड़ी लिया और वहां से अपने घर को प्रस्थान हुआ बहुत ही खुश हुआ और उस दिन के बाद से उसकी जिंदगी बदल गई।

नैतिक शिक्षा (Desi Kahani):–ऊपर दिए गए लकड़हारे की कहानी से हमें यह शिक्षा मिलती है कि हमें कभी भी अपनी ईमानदारी को नहीं छोड़ना चाहिए ईमानदारी के साथ पूरी सच्चाई और लगन से अपने काम को करना चाहिए तभी सफलताएं मिलती है।

https://youtu.be/1Sbqc440nNk

7. एक बुड्ढे आदमी की कहानी ( Desi Kahani of A Old Man)

इस Desi Kahani में गांव में एक बुड्ढा रहता था जिसे गांव के सभी लोग उसे बदकिस्मत आदमी मानते थे और सभी लोग अजीबोगरीब चीजें करके बुड्ढे को परेशान करते थे सभी लोग उस बुड्ढे आदमी से परेशान हो गए थे।

बुड्ढा व्यक्ति हमेशा सबसे नाराज रहता था। जिसके कारण उसका स्वभाव चिड़चिड़ापन और हमेशा उदास रहता था।

बुड्ढा व्यक्ति कितने दिनों तक जीवित रहता उतना ही दुखी रहता था। और उसके कही हुई बातें लोगों को भाले की तरह चुभती थी।

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एक बुड्ढे आदमी की कहानी

अगर लोग उससे बात नहीं करना चाहते थे। कहानी की बात यह है कि बुड्ढे की दुर्भाग्य हर किसी के लिए घातक हो गया था।

अगर कोई व्यक्ति उस बुड्ढे से सुबह-सुबह मिलता था तो उसे लगता था कि आज मेरा पूरा दिन अशुभ रहने वाला है। लोगों को लगता था।

कि इस बुड्ढे के बगल में रहना और स्वाभाविक और आपत्तिजनक है। बूढ़े व्यक्ति के पास होने से लोग बहुत ही दुखी हो जाते थे।

लेकिन एक दिन ऐसा हुआ कि बुड्ढा व्यक्ति उस दिन सभी को बहुत ही खुश नजर आ रहा था इसका कारण यह था कि उस दिन बुड्ढा आदमी 80 साल का हो चुका था।

यह बात पूरी तरह गांव में फैल गई और बुड्ढा आदमी आज किसी से भी कोई शिकायत नहीं कर रहा था। लोगों ने पहली बार बुड्ढे आदमी को जीवन में इतनी बार खुश देखा था।

गांव के सभी लोग एक जगह इकट्ठा हो गए ।और फिर उसी में से एक आदमी ने बुड्ढे से पूछा कि आज तुम इतना खुश क्यों हो क्या कारण है।

जवाब देते हुए वह बुड्ढा आदमी ने बोला :–आज कोई खास दिन नहीं है मैं पूरी 80 सालों तक अपनी खुशी तलाश कर रहा था। जीवन की इतना समय मैं खुशी तलाश करने में व्यस्त था ।

और आज मुझे एहसास हुआ कि अब अपने जीवन में कोई भी खुशी की तलाश नहीं करूंगा और मैं हमेशा खुशी के साथ जिऊंगl यह देख सभी लोग खुश हो गए और एक साथ मिलजुल कर बुड्ढे आदमी के साथ रहने लगे।

नैतिक शिक्षा (Desi Kahani):–इस कहानी से हमें यह शिक्षा मिलती है कि जीवन में खुशी ढूंढने के लिए उसके पीछे नहीं तोड़ना चाहिए। अगर आप अपने जीवन को आनंदमय तरीके से जीते हैं तो खुशी अपने आप मिल जाएगी।

8. नगर में कितने तोते है (Desi Kahani of How Much Parrot 🦜 in Our City )

इस लेख (Desi Kahani) में एक बार की बात है की बादशाह अकबर अपने दरबार में उपस्थित सभी लोगों से पूछते हैं कि इस नगर में कितने होते हैं।

राजा की इस बात को सुनकर सभी लोग आश्चर्य हो जाते हैं तभी वहां पर बीरबल दाखिल होते हैं। पूछा कि क्या बात है ?

बीरबल के द्वारा पूछे गए सवाल पर बादशाह अकबर ने पूछा कि इस नगर में कुल कितने तोते हैं तो बीरबल ने बड़े ही चालाकी से जवाब देते हुए बोला की 28732 कुल तोते हैं इस नगर में यह बात सुनकर राजा आश्चर्य हो गया।

स्मॉल मोरल स्टोरी इन हिंदी
Nagar mein kitni Tote Hain moral story

सभा में उपस्थित कुछ लोग इन्हें विरोध कर रहे थे । कि यह सब बीरबल को कैसे पता तब बीरबल ने राजा को सलाह दिया कि आप अपने आदमी को भेज कर किनवा सकते हैं कि राज्य में कुल कितने होते हैं।

फिर बीरबल ने बादशाह से बोला की हुजूर यदि आपके द्वारा भेजे गए आदमियों द्वारा तोतों की संख्या अधिक होती है । तो आप मान लीजिएगा कि आजू-बाजू नगर से तोतों के रिश्तेदार मिलने आए होंगे ।

अगर तू तो की संख्या कम होगी तो आप मान लीजिएग। कि इस नगर से तोते अपने रिश्तेदार से मिलने दूसरे नगर गए हुए हैं।

बीरबल की इस बात को सुनकर के राजा बहुत ही खुश हुआ और अपने गले से हीरे और मोतियों से जड़ी हुई माला बीरबल को दिया और उसे अपने राज्य के सबसे बुद्धिमान व्यक्ति घोषित किया।

नैतिक शिक्षा ( Desi Kahani):-ऊपर दिए गए कहानी में हमें यह निष्कर्ष निकलता है कि हमारे दिए गए प्रश्न के उत्तर तर्कपूर्ण होने चाहिए जिससे अगला प्रश्न का सही जवाब अस्पष्ट समझ में आ सके।

9. बातूनी कछुए की कहानी ( Desi Kahani of Noise Tortoise) 

इस लेख ( Desi Kahani) में एक कछुआ और नदी में दो हंस रहे थे और दोनों में बहुत ही गहरी मित्रता थी लेकिन उसमें से कछुआ बहुत ही बात नहीं करता था और शाम होते होते अपने घर चला जाता था।

एक बार की बात है की कछुआ अपने मित्र हंस से बातें कर रहा था की बारिश के मौसम में बारिश नहीं हुई है गर्मी का समय आते हैं ।

या तालाब पूरी तरह से सूख जाएगी इसलिए आप लोग बाहर क्षेत्र में जाइए और वहां देखिए कि क्या कोई तालाब है जिसमें पानी हो। और मैं वहां रह सकूं।

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हंसो ने बाहर के गांव में पानी से भरा एक तालाब खोज लिया और यह सब कछुए को बताएं तो कछुए ने बोला हम कैसे जाएंगे तो हंसों ने बोला कि हम लकड़ी का जुगाड़ करते हैं।

जिस पर तुम बैठ जाना और हम तुमको लेकर के चले जाएंगे लेकिन हां एक शर्त है की तुम को रास्ते में मुंह नहीं खोलना है नहीं तो तुम नीचे गिर जाओगे कछुए ने या वादा स्वीकार किया।

इसके बाद दोनों हंसों ने लकड़ी के दोनों किनारों को अपने मुंह में पकड़ लिया और बीच में कछुए ने पकड़ लिया ।

फिर आकाश में उड़ चले और एक गांव से गुजर रहे थे तभी कुछ बच्चों ने बोला देखो कछुआ आकाश में उड़ रहा है।

यह देख कर बातूनी कछुआ को रहा नहीं गया और वह हमसे से बात करने के लिए जैसे ही अपना मुंह खोला वह लकड़ी से छूट गया और वहां गांव में जाकर गिरा।

ज्यादा ऊंचाई होने के कारण कछुए नीचे गिरा और उचित चोट लगी और कछुआ तड़प तड़प कर मर गया।

नैतिक शिक्षा (Desi Kahani ):-ऊपर दिए हुए कहानी से हमें यह सीख मिलता है कि बुद्धिमान व्यक्ति हमेशा शांत रहता है मूर्ख व्यक्ति हमेशा चंचल और अपने पर काबू नहीं रख पाते हैं।

10. सच्ची मित्रता (Desi Kahani of Truth Friends )

इस लेख (Desi Kahani) में एक गांव की बात है जहां पर दो सच्चे मित्र संदीप और श्याम रहते थे दोनों में बहुत ही घनिष्ठता मित्र थी और दोनों एक दूसरे को चाहते थे वे दोनों एक दिन तालाब में तैरने के लिए जाते हैं साथ ही उनके और भी बच्चे जाते हैं।

और वो अपने दोस्त के साथ और गांव से आए हुए सभी लोग उस पानी में तैरने के लिए सब छलांग लगा देते हैं। पानी बिल्कुल साफ था और उन्हें यह पता नहीं था ।

कि उनमें एक मगरमच्छ भी है तो मगरमच्छ ने श्याम के पैर को पकड़ लिया यह देख वहां पर उपस्थित सभी दोस्त बाहर भाग गए सिवाय संदीप के वह उसकी सहायता के लिए मगरमच्छ से लड़ता रहा।

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Top 10 Desi Kahani in Hindi

लेकिन मगरमच्छ ने श्याम के पैर को पकड़ा हुआ था तभी संदीप के हाथ में एक छड़ी मिली जिसे लेकर के वह मगरमच्छ को मारने लगा ।

लेकिन मगरमच्छ को कोई फर्क नहीं पड़ा तभी उसने बड़ी ही चालाकी से मगरमच्छ के आंख में छड़ी को फोड़ दिया ।

जिसके कारण मगरमच्छ श्याम के पैर को छोड़ दिया और फिर से दोनों बहुत ही जल्दी से तलाब से बाहर निकले इस तरह श्याम की जान बच गई।

नैतिक शिक्षा (Desi Kahani):-इस कहानी से हमें यह शिक्षा मिलती है कि दोस्त ऐसा होना चाहिए जो मुसीबत में सहायता करें

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पहले मनोरंजन के साधन जैसे मोबाइल टीवी चैनल और भी बहुत सारी वस्तुएं नहीं होती थी। तो पहले लोग छोटे छोटे बच्चे को सुलाने के लिए Moral Stories सुनाया करते थे।

लेकिन समय के अनुसार आज सब चीज बदल गया। आज लोग अपनी टाइम बिताने के लिए इंटरनेट पर उपलब्ध आर्टिकल पढ़ लेते हैं।

1. कौवा और कोयल की कहानी(Desi Kahani in Of Crow and Coaysl)

इस लेख (Desi Kahani ) में सालों पहले कुशीनगर के पास एक घना जंगल था। जिस पर एक कौवा और कोयल दोनों अपने –अपने घोंसले में बनाकर रहते थे।

एक रात की बात है उसी जंगल में तेल हवा चलने लगी। और थोड़ी ही देर में बारिश स्टार्ट हो गया। कुछ ही देर में जंगल में जो था। सब बर्बाद हो गया।

अगले दिन कौवा और कोयल दोनों को भूख लगी। भूख मिटाने के लिए कुछ नहीं मिला। तभी कोयल ने कौवा से बोली ” हम इतने प्यार से इस जंगल में रहते हैं। लेकिन आज हमारे पास खाने के लिए कुछ नहीं है।

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तब कौवा और कोयल ने एक प्लान किया। अगर कौआ अंडा देती है तो मै खा लूंगा और जब मैं अंडा दूंगी। तो तुम खा लेना।

जगल में कुछ नही मिलता है। इसलिए यही रास्ता है और साथ ही हम दोनों की भूख मीट जाएगी। कौआ ने कोयल की बात को मान लिया सहमत हुआ।

संजोग से पहले कौवा ने अंडा दिया। तो सहमति के अनुसार कोयल ने उस अंडे को खा करके अपनी भूख मिटा  लिया।

लेकिन जब कोयले ने अंडा दिया तब कौवा खाने के लिए गया तब कोयल बोली कि तुम्हारी सोच साफ नहीं है जब इसे नदी में धो करके आओ।

भूख से तड़प रहा कौवा भाग भाग कर नदी के पास गया और उससे बोला कि तुम मुझे थोड़ा सा पानी जो जिससे मैं अपनी सोच को धो लूं।

और फिर मैं सोच को धोकर कोयल के अंडे को खाऊंगा और अपनी भूख को मिटा पाऊंगा।

नदी :– कौवे की बात से सहमत हुई और उससे बोली की जाओ तुम एक सबसे पहले बर्तन लाओ जिसमें मैं तुम्हें पानी दे सकूं।

कुम्हार से बोला :– अब जल्दी से कौवा कुम्हार के पास गया और बोला कि आप मुझे घड़ा दे दो जिससे मैं पानी भर कर के अपनी चोट धोकर कोयल के अंडे को खा सकूं।

कुम्हार ने कौवे से बोला :–  तुम मुझे मिट्टी  ला करके दो मैं उससे बर्तन बना कर के दे दूंगा जिसे तुम उसमें पानी भर सकूं।

कुम्हार की बात सुनते ही “कहवा धरती मां के पास गया ” धरती मां से बोला ना मुझे थोड़ी सी मीठी दो।

जिसे मैं कुम्हार से बर्तन बनवा करके उसमें पानी भर कर अपनी चोर साफ कर सकूं और कोयल के अंडे को खा करके मैं अपनी भूख मिटा सकूं।

धरती मां बोली :– मैं तुम्हें मिट्टी दे दूंगी लेकिन उसके लिए तुम्हें पहले खुरपी लानी होगी जिससे कि तुम मीठी उखाड़ सकूं।

फिर कौवा दौड़े-दौड़े लोहार के पास किया और उससे बोला कि तुम मुझे एक खुरपी दो जिससे मैं धरती मां से मिट्टी लूंगा ।

और उसे बर्तन तैयार कर और नदी से पानी लेकर मैं अपने सोच को साफ कर कोयल के अंडे को खा सकूं।

लोहार ने गर्म खुरपी कौवे को दे दी। जैसे ही कौवे ने खुरपी को लिया उसकी चोंच जल गई और कौवा तड़प तड़प कर मर गया।

नैतिक शिक्षा(Desi Kahani):– ऊपर दिए हुए कहानी चाहिए हमें यह सीख मिलती है कि आंख मूंद कर किसी पर भी भरोसा नहीं करना चाहिए नहीं तो उसका नतीजा बुरा ही होता है

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2.हाथी और दर्ज़ी की कहानी | Hathi Aur Darji Ki Kahani(Desi Kahani) Desi Kahani 

इस लेख (Desi Kahani) में एक हाथी और दर्ज़ी की कहानी इंगित की गई है।

बहुत समय पहले की बात है रतनपुरी में एक जाना माना विशाल मंदिर था। उस मंदिर में रोज एक पुजारी पूजा करता था और उस पुजारी के पास एक हाथी थी।

जिसे हाथी को लेकर करके रोज मंदिर जाता था और उस गांव के सभी लोग उस हाथी को पसंद करते थे और मंदिर में आने वाले सभी श्रद्धालुओं का हाथी स्वागत करता था।

पुजारी मंदिर में पूजा पाठ करने के बाद हाथी को लेकर के मंदिर के तालाब में नहलाते थे। और फिर घर जाने के रास्ते में हाथी एक दर्जी से मिलती थी।

हाथी और दर्जी की कहानी
Desi Kahani of Elephant and trailer

दर्जी हाथी को रोज एक अकेला देता था और हाथी उसे दर्जी को अपने सूट उठाकर के उसे आशीर्वाद देती थी।

मंदिर की पूजा पाठ और हाथी को प्रतिदिन उस रास्ते से आना-जाना उनकी दिनचर्या थी एक दिन जब हाथी दर्जी की दुकान पर केला खाने के लिए रुकी थी।

तो वहां पर दर्जी नहीं था। और दर्जी के बेटे ने हाथी से शरारत करते हुए हाथी ने जैसे ही केले के लिए अपने सुड को बढ़ाएं उसने शोर में सुई चुभा दिया।

सुई चुभते ही हाथी दर्द के कारण चिघाने हुए कराहने लगी। फिर दर्जी के बेटे ने मजा उड़ाया। और जोर जोर से हसने लगा।

पुजारी को मालूम नहीं हुआ कि क्या हुआ। और वह हाथी को चलाते हुए घर लेकर चला गया। अगले दिन फिर पुजारी और हाथी तलाब से स्नान कर लौट रहे थे।

कुछ लोग पुजारी से बात करने लगे, लेकिन हाथी उस दर्जी के दुकान के पास केले के लिए पहुंची। और हाथी ने अपने सूंड में कीचड़ भर लिया था।

दर्जी का बेटा दुकान में बैठकर कपड़ों की सिलाई कर रहा था। जैसे ही हाथी ने दर्जी के बेटे को देखें अपने सुन से कीचड़ के पानी को पूरी दुकान पर फेंक दिया।

हाथी द्वारा फेंके गए कीचड़ से दर्जी और उसके सभी कपड़े पूरी तरह से खराब हो गए। यह दर्जी का बेटा समझ गया कि मैं कल हाथी को जो सुई चुभते थे। उसी की सजा मिली है।

तभी वहां पर दर्जी आ जाता है और अपने बेटे से इसकी पूरी जानकारी लेता है फिर उससे बोलता है कि मैं वहां पर रोज के ले रखा था ।

हाथी को देने के लिए और तुमने ऐसा किया यही कारण हुआ है कि हाथी ने हमें ऐसा व्यवहार किया।

फिर दर्जी हाथी के पास गया बोला है ” गजराज “मुझे क्षमा कर दो मेरे बेटे से बहुत सी भूल हो गई जिसके लिए मैं माफी चाहता हूं।

हाथी ने दर्जी को देखा और फिर अपनी सुड को  हवा में लहराते हुए वहां से निकल गया । दर्जी को एहसास हुआ कि मैंने अपना एक अच्छा सा मित्र को खो दिया।

और मैं आज के बाद किसी से भी मजाक में कोई नुकसान दायक काम नहीं करूंगा। और कुछ दिन बाद फिर हाथी मान गई और एक अच्छा सा दोस्त बन गए।

नैतिक शिक्षा(Desi Kahani):- ऊपर दिए हुए दर्जी और हाथी की कहानी से हमें यह सीख मिलती है।

कि हमें किसी से भी बुरा व्यवहार नहीं करना चाहिए चाहे वह मजाकी ही क्यों ना हो सबसे हंसी खुशी में साथ रहना चाहिए।

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3. मेंढक और बैल की कहानी (Desi Kahani of OX and Frog)

इस लेख (Desi Kahani) में मेंढक और बैल की कहानी के बारे में कही गई है।

बहुत समय पहले की बात है घने जंगल में एक तालाब के बीच बहुत सारे मेंढक रहा करते थे उन्हीं में से एक मेंढक अपने तीन बच्चों के साथ उस तालाब में रहता था।

तलाब में ही रहना और वहां पर ही खाना पीना उसका सब चीज तालाब में ही था। और वह मेंढक की स्वास्थ्य सबसे बेहतर थी और वह एक बड़ा मेंढक बन चुका था।

और उस मेंढक के बच्चे को लगता था कि मेरे पिता है दुनिया में सबसे शक्तिशाली और बलवान है और फिर मेंढक अपने बच्चे को अपने बारे में बहुत ही सारी कहानियां सुनाता था। और शक्तिशाली होने का दिखावा करता था।

Moral stories of Frog and Elephant
Desi Kahani of Frog and Elephant ,मेंढक और बैल की कहानी

उस मेंढक को अपने शरीर और कद – काठी पर बहुत ही ज्यादा विश्वास है जी समय बीतता गया।

एक दिन में ढक के सभी बच्चे खेलते खेलते तालाब के बाहर एक गांव में जा पहुंचे जहां उन्होंने एक बैल को देखा देखते हैं उनकी आंखें की खुली खुली रह गई।

उन्होंने बैल को देखकर डर गए और हैरान हो गए इतना बड़ा उन्होंने कभी कोई जानवर नहीं देखा था। मेंढक के बच्चे बैल को देखे जा रहे थे और बैल घास खाए जा रहा था।

बैल घास खाते –खाते जोर से हुंगार लगाई।फिर क्या था ।मेंढक के बच्चे डर कर के तालाब में अपने पिता के पास चले गए।

मेढक ने अपने बच्चों से डर का कारण पूछा। मेढ़क के बच्चो ने जवाब दिया की उन्होंने उनसे भी ताकतवर और विशाल जानवर को देखा।

उन्हे लगता हैं कि वह दुनियां की सबसे शक्तिशाली और बलवान जानवर है। यह सुनते ही मेढक के अहंकार को ठेस पहुंची।

मेढ़क गुस्से से लाल होकर एक लंबी सास ली और अपने शरीर को पुरा फुलाया। फिर पूछा क्या की अब इससे बड़ा नहीं होगा।

मेढ़क के बच्चो ने अपने पिता से बोले नहीं वह अपने भी और बड़ी विशाल हैं। फिर मेढ़क को गुस्सा आ फिर लंबी सांस लेकर अपने आप को फुलाया।

फिर मेढ़क के बच्चो ने कहा नहीं पिता जी ये तो कुछ भी नहीं है वह आपसे कई गुना बड़ा है। मेढ़क से यह सुना, नही गया।

मेढ़क अपनी लंबी सांस लेकर शरीर को फूलता रहा एक समय ऐसा आया कि मेढ़क पुरी तरह फूल चुका था। और फिर उसकी शरीर फट गया।

और मेढ़क अपनी सबसे बड़ा और शक्तिशाली होने का घमंड टूट गया और वह मर गया।

नैतिक शिक्षा(Desi Kahani):– ऊपर दिए हुए मेढ़क और बैल की कहानी से हमें यह शिक्षा मिलती है कि हमें घमंड नहीं करना चाहिए।

कभी भी किसी बात का घमंड नहीं करना चाहिए। घमंड करने से खुद की ही नुकसान होता है।

इस में पुरा कहानी पढ़ने के बाद इस कहानी को भी पढ़ सकते हैं 

Moral Story

यहां पर हम Desi Kahani ,Desi Kahani In Hindi और इससे संबंधित हम आपको मजेदार कहानियां पिक्चर के साथ उपलब्ध करेंगे। जो आपके लिए बहुत ही Valuables होगे।

Hindi Desi Kahani For Kids आपको और आपके बच्चे को ” जिंदगी का पाठ” सीखने वाली कहानियां है जो आपके बच्चों को लोगों को और इस दुनिया को समझने में मदद कर सकती है।

Moral Story In Hindi 

इसलिए हम इसDesi Kahani Hindi For Kids and Younger  को आपके साथ साझा कर रहे हैं। मुझे आशा है कि आप यह कहानी पढ़ कर के कुछ वैल्युएबल सीखेंगे।

1. तीखी मिर्ची – Top 15 Best Short Desi Kahani in Hindi for kids – नैतिक कहानिया

इस लेख (Desi Kahani) में एक घने जंगल में दो नन्ही चींटी बहनें रहती थीं दोनों बहन जुड़ुआ पैदा हुई थी। जिसमें से एक बहन का नाम बिकी था ।और दूसरी बहन का नाम निकी था। जिसमें से बिकी बहुत ही शांत स्वभाव की थी लेकिन उसकी बहन निकी चिड़चिड़ापन स्वभाव की थी।

विकी को सभी लोग पसंद करते थे क्योंकि वह सभी लोगों से मीठी बातें करती थी। इसलिए उसे “सभी” मीठी सुरीली बोलते थे।

लेकिन निकी को कोई पसंद नहीं करता था ।वह हमेशा सभी से गुस्से में बात करती थी। इसलिए सभी उसे तीखी मिर्ची बोलते थे।

Moral stories of तीखी मिर्ची
Moral story in Hindi

एक दिन विकी और निकी चीटियां और अभी अपनी सभी चीटियों के साथ छोटू हाथी की दुकान पर जाती है। वहां पर उन्हें जमीन पर “सफेद टुकड़े” मिलते हैं।

विकी उस टुकड़े को उठा कर चखती है ,और कहती है कितना मीठा है यह टुकड़ा ।

तभी छोटू हाथी अपने नौकर गधे से कहता है कि —तूने सारे मिश्री दाने नीचे गिरा दिए हैं। जल्दी से  इन्हें उठा ले वरना चीटियां लग जाएगी इस पर।

तभी विकी कहती हैं — क्या ये होती हैं मिश्री।

विकी की सहेली रूमा कहती है — विकी तुम्हें सब लोग मीठा इसलिए कहते हैं क्योंकि तुम बहुत ही मीठी बोलती हो।

तभी निकी कहती हैं — तीखी मिर्ची कैसी होती हैं ? — जरा मैं भी उसका स्वाद चाखू। मुझे सब तीखी मिर्ची क्यों कहते हैं।

रूमा कहती हैं — अगर तुमने मिर्ची को छू लिया, तो तुम्हारा बहुत बुरा हाल हो जाएगा।

तभी दुकान पर बंदर आता है और कहता है — मुझे आधा किलो मिर्ची दे दो।

गधा नौकर अंदर जाता है और आधा केजी मिर्च लेकर बाहर आता है तभी मिर्च के कुछ टुकड़े वहां जमीन पर गिर जाती है।

यह देखकर निकी तुरंत मिर्ची को छूती है। मिर्च को छूते ही उसके शरीर में जलन होने लगती है।

विकी उसे तुरंत लेकर के घर जाती है और उस पर पानी डालती है लेकिन फिर निकी के शरीर में खुजली होने लगती है।

निकी कहती हैं — तिखी मिर्च तो बहुत बुरी होती है। इसलिए सभी लोग मुझे तीखी मिर्च कहते हैं।

अब से मैं भी बिकी की तरह मीठी बोलूंगा अब किसी से भी गुस्से से और ऊंची आवाज में बात नहीं करूंगा।

मुझे पता चल गया है कि एक अच्छा व्यवहार ही इंसान को जीवन में आगे बढ़ाता है।

नैतिक शिक्षा (Desi Kahani) – इस Desi Kahani में दिए गए दो चीटियों की कहानी से हमें यह शिक्षा मिलती है कि हमें हमेशा लोगों से अच्छे से व्यवहार और मीठी बातें करनी चाहिए।

2.बकरी का बच्चा – Top Desi Kahani for Kids in Hindi – Hindi Moral Stories for class 6 

इस लेख (Desi Kahani) में एक घने जंगल में एक बकरी अपने बच्चे के साथ रहती थी। जिसका नाम मोनू था मोन बहुत ही शरारती था ।और हमेशा खेलना चाहता था।

एक दिन हुआ खेलते खेलते जंगल में बहुत दूर चला जाता है। काफी देर बीतने के बाद मोनू दिखता नहीं है। यह देख कर बकरी बहुत ज्यादा परेशान हो जाती है।

बकरी फटाफट दौड़ते हुए जंगल की ओर जाती है। और जोर से आवाज लगाती है ।मोनू ,मोनू तुम कहां हो।

बकरी का बच्चा की कहानी,moral story in Hindi
बकरी का बच्चा की कहानी,moral story in Hindi

तभी पीछे से मोलू आ जाता है और कहता है — मां मैं यहां हूं।

बकरी मोलू को देखकर कहती है — कि मैंने तुम्हें मना किया था ना कि इधर मत आया करो। किसी दिन तुम खुद हंसोगे और मुझे भी फंसा दोगे।

अगले दिन मोलू फिर से जंगल चला जाता है। जैसे ही वह जंगल में जाता है। उसे एक भेड़िया मिलता है।

भेड़िए को देखकर मोन घबरा जाता है। भेड़िया उसको खाने के लिए उसके पास आता है।

जैसे ही भेड़िया मोनू के पास आता है। तभी उसी समय बकरी अपने दोस्तों  शिकारी कुत्ते के साथ वहां पर आ जाती है।

जैसी ही शिकारी कुत्ता जोर से भोक्ता है ।भेड़िया डर के मारे जंगल में भाग जाता है। और मोलू बच जाता है।

नैतिक शिक्षा (Desi Kahani):- ऊपर दिए गए इस Desi Kahani से हमें यह शिक्षा मिलती है कि हमें हमेशा अपने से बड़ों की बात को मानना चाहिए बड़े लोग जो भी कहते हैं हमारे भले के लिए ही कहते हैं।

3.श्रवण कुमार – Inspirational Hindi Moral Short Stories for Kids 

इस लेख (Desi Kahani) में हम श्रवण कुमार के बारे में जानेंगे।

श्रवण कुमार अपने माता-पिता से बहुत प्यार करते थे वह अपने माता-पिता की छोटी-छोटी बातों को ध्यान में रखते थे।

श्रवण कुमार के माता-पिता दोनों अंधे थे।

एक बार वह अपने बेटे से कह रहे थे । कि अगर हमारी आंखे होती तो, हम तीर्थ यात्रा के लिए जाते। तभी श्रवण उनके पास आता है:– और अपने पिता जी से पूछता है क्या हुआ पिता जी।

Moral story of श्रवण कुमार
श्रवण कुमार की कहानी ,moral story of श्रवण कुमार

श्रवण के पिता जी बोले कि हमारी इच्छा है कि हम दोनों तीर्थ यात्रा पर जाए। लेकिन हम तो अंधे हैं।

श्रवण कहता है कि — आप चिंता मत कीजिए । मैं आपको लेकर जाऊंगा। इतना कह कर श्रवण तुरंत दूकान जाता है। और दूकान से अपने माता – पिता को ले जाने के लिए कावर ले आया।

और फिर कावर को लेकर घर वापस चला आया। 

फिर श्रवण अपने माता – पिता को लेकर कावर में बैठा देता है और कंधे पर कावर उठा कर चल देता हैं।

सभी लोग उसे देख कर खुश हो जाते और कहते देखो कितना आज्ञाकारी बेटा है – ये अपने अंधे माता – पिता का कितना ख्याल रखता है।

काफी दूर चलते –चलते रात हों जाती है।और वह एक पेड़ के नीचे आराम करने लगते हैं। श्रवण उनको खाना खिलाता है। और उनकी खूब सेवा करता है।

अगले दिन फिर से वह चल देता है। कुछ समय बीतने के बाद उनके माता – पिता कहते हैं । बेटा हमें प्यास लग रही है।

श्रवण अपने माता पिता को पेड़ के छाव में एक जगह बैठा कर तुरंत पानी लेने चल देता है। जैसे ही श्रावण नदी से पानी लेने जाता है। तभी अचानक उनके सीने में एक तीर आकार लग जाती हैं। श्रावण चिलाता हैं।

उसकी आवाज सुन कर राजा घबरा जाता है ये तो आदमी की आवाज हैं राजा तुरंत उसके पास जाते हैं और कहते हैं – मुझे माफ कर दो मुझे लगा कि कोई जनावर है। लेकिन तीर तुम पर चल गया।

श्रावण कहता है – मेरे बूढ़े माता – पिता एक पेड़ के नीचे बैठे हैं। वे बहुत प्यासे हैं। तुम उनको जाकर पानी पिला दो। इतना कहते हुए वह मर जाता है।

राजा उनके पास जाता है – और कहता है ये लिजिए पानी।

श्रावण के पिता – तुम कौन हो और श्रवण कहा पर हैं।

राजा धीमी आवाज में कहते हैं कि – मैं राजा दशरथ हुं। मुझसे धोखे से श्रवण के सीने में तीर लग गया। जिससेवह मर गया। मुझे माफ कर दीजिए।

वे दोनों रोते हुए कहते हैं कि – हे राजा दशरथ हम तुम्हें श्राप देते हैं कि जिस तरह मैं अपने बच्चे के लिए तड़प रहे हैं एक दिन तुम भी अपने बच्चों के लिए तड़प कर मर जाओगे। इतना कह कर वे दोनों प्राण त्याग देते हैं।

नैतिक शिक्षा (Desi Kahani)  ऊपर दिए गए कहानी से हमें यह शिक्षा मिलती हैं कि बिना सोचे समझे किसी को नही मरना चाहिए। भले ही कोई वह दूसरा जीव क्यू ना हो।

4.बाघ और मेंढ़क का सबक – Short Desi Kahani in Hindi for Kids 

इस लेख (Moral Stories) में एक जंगल में एक बार एक बाघ अकेला और भूखा था। वह दिनभर शिकार खोज रहा था लेकीन उसे शिकार नहीं मिला।

अचानक वह एक मेंढक को देखा और वह मेंढक उसे चिढ़ा रहा था।

बाघ ने मेंढक से पूछा आप क्यूं चिढ़ रहे हो।

बाघ और मेंढ़क की कहानी ,Moral story in Hindi
बाघ और मेंढ़क की कहानी ,Moral story in Hindi

मेंढ़क ने जवाब दिया,” मैं भूखा हूं” और मेरे पास कोई भोजन नही है।

बाघ ने दया करते हुए। मेंढ़क को अपना शिकार खाने के लिए दे दिया जो शिकार किया था।

नैतिक शिक्षा (Desi Kahani) इस कहानी से हमें यह शिक्षा मिलती है कि भले ही आप कितना भी भूखा हो लेकीन आप किसी की मदद कर सकते हैं तो कर देना चाहिए।

5.दौड़ने वाला कछुआ – Short Hindi Moral Story for Kids 

इस लेख ( Desi Kahani) में एक कछुआ है जो एक समय की बात है। वह पास के एक तालाब में रहता था। और वह कछुआ दौड़ने में तेज और माहिर था। वह अपनी छोटी – छोटी टांगों से बहुत तेज दौड़ता था।

उसकी दोस्ती गहरे पानी में रहने वाले एक मेंढ़क से था। वे दोनों दोस्त साथ में रहते और खेलते हुए अपने वक्त बिताते थे।

दौड़ने वाला कछुआ – Short Hindi Moral Story for Kids
दौड़ने वाला कछुआ – Short Hindi Moral Story for Kids

एक दिन कछुआ ने अपने दोस्त को दौड़ने की कला को दिखाने के लिए कहा।

मेंढ़क को बुलाया और कहा – हे मेंढ़क मैं इतना तेज दौड़ सकता हूं कि मैं तुम्हे भी पीछे छोड़ सकता हूं। क्या तुम मेरे साथ एक दौड़ लगाओगे।

मेंढ़क ने हंस कर बोला – हा क्यू, नही ! मै तुमको दिखाऊंगा की तेजी से दौड़ने लगा।

लेकीन कुछ समय बाद, मेंढ़क की सांसे थकने लगी। वह बहुत तेज दौड़ नही पा रहा था।

परंतु उसका गर्व उसको मजबूर कर रहा था कि वह कछुआ को पीछे छेड़ेगा। वह जोर जोर से दौड़ने की कोशिश कर रहा था। लेकीन कछुआ उससे हमेशा आगे रहता था।

आखिरकार मेंढ़क थक कर रुक गया और कछुआ के पास जाकर बोला । दोस्त तुम्हे पकड़ना मेरे बस की बात नहीं है।

मुझे पता नहीं था कि तुम्हारे पास इतने तेज दौड़ने की कला है । तुम जीत गए। और मै हार गया।

कछुआ मुस्कुराया और बोला,”दौड़ने में मेरा टैलेंट है।”परंतु तुझे दौड़ना आता नहीं। हॉट टैलेंट हमारा सबसे बड़ा साथी होता है मैंने अपने टैलेंट को समझा और आज मैं जीत गया।

मेंढ़क ने कहा:–तुम्हारे पास दौड़ने की कला नहीं है लेकिन तुम्हारे पास काबिलियत है। जिसके लिए तुम्हें गर्व करना चाहिए।

मेंढक ने समझ लिया कि कछुआ सही कह रहा है। उसने अपनी टॉयलेट और काबिलियत को समझा और खुशी से जीने लगा।

नैतिक शिक्षा (Desi Kahani) ऊपर दिए हुए कहानी से हमें यह पता चलता है कि हर व्यक्ति के अंदर अलग टैलेंट और काबिलियत शामिल होता है। हम सब अपने अलग-अलग तरीके से काम रखते हैं और खुद में अहमियत रखते हैं।

हमारे टैलेंट और काबिलियत को समझ कर हमें उस पर विश्वास करना चाहिए। और हमारे दोस्त भी हमारे काबिलियत को समझते हैं और सही रास्ते पर ले जाने की कोशिश करते हैं।

इस Desi Kahani के माध्यम से हमें समझना चाहिए हमें अपने टैलेंट को समझना चाहिए और किसी दूसरे का टाइलैंड को सम्मान देना चाहिए।

Small Moral Story

1.जादुई छड़ी – Hindi Short Desi Kahani with Pictures

इस लेख (Desi Kahani) में दिलीप नाम का एक लड़का था । जिसका मन पढ़ाई लिखाई में कम और खेलकूद में ज्यादा लगता था। जिसके कारण उसके माता-पिता परेशान बहुत रहते थे।

और दिलीप के स्कूल से सत्ता में दो-तीन बार शिकायत आती रहती थी।

एक दिन दिलीप की मम्मी को एक विचार आया। उन्होंने एक चिट्ठी और एक छड़ी दिलीप के टेबल पर रख दी। थोड़े समय बाद दिलीप आता है और उस चिट्ठी को पढ़ता है।

जादुई छड़ी – Hindi Short Moral Stories with Pictures
जादुई छड़ी – Hindi Short Desi Kahani with Pictures

उसमें लिखा था – प्यारे दिलीप मैं परी दीदी हूं।

मैं तुम्हें एक जादुई छड़ी दे रहा हूं अगर तुम इस घड़ी को अपने पास रख कर पढ़ाई करोगे । तो तुम्हें सब कुछ याद हो जाएगा और तुम क्लास में फर्स्ट आओगे।

उस दिन से दिलीप उस छड़ी को अपने पास रख कर ध्यान से पढ़ाई करने लगा। छड़ी के जादू से उसे सब कुछ याद होने लगा। सभी लोग उससे बहुत खुश होने लगे।

दिलीप अपनी मां से कहता: – मां देखो जादुई छड़ी की मदद से मैं अपने क्लास में फर्स्ट आया हूं।

मम्मी कहती – की वह कोई जादू की छड़ी नहीं है। वह सिर्फ एक मामूली छड़ी है। वह छड़ी मैंने ही तुम ही सुधारने के लिए तुम्हारे टेबल पर रखी थी। और तुम जादुई छड़ी की वजह से नहीं तुम अपनी मेहनत की वजह से फर्स्ट आए हो।

दिलीप कहता है – मम्मी मैं अब सब कुछ समझ गया हूं कि, मेहनत से सफलता मिलती है। और किसी छड़ी से नहीं। अब से मैं खूब मेहनत करूंगा और जीवन में सफलता पाऊंगा।

नैतिक शिक्षा (Desi Kahani) इस कहानी से हमें यह शिक्षा मिलती है कि अगर कोई बच्चा नहीं पड़े तो उसे अलग-अलग तरीकों से समझाने का प्रयास करना चाहिए जैसे इस कहानी में किया गया है।

2.नटखट बन्दर – Top Short Desi Kahani in Hindi for kids – Hindi Moral Stories

इस लेख (Desi Kahani) में एक छोटे से गांव में एक शरारती बंदर रहता था जो हमेशा कभी किसी को काट लेता था तो कभी किसी को उसके कपड़े फाड़ देता था हमेशा लोगों को परेशान करते रहता था।

वह बंदर आते जाते लोगों के हाथों से सामान छीन लेता जिससे लोग बहुत ज्यादा परेशान हो गए।

फिर गांव के लोगों ने सोचा कि हम मदारी वाले को बुलाते हैं और मदारी वाला इस बंदर को पकड़ कर लेकर चला जाएग।

नटखट बन्दर – Top Short Moral Stories in Hindi for kids – Hindi Moral Stories
नटखट बन्दर – Top Short Desi Kahani in Hindi for kids – Hindi Desi Kahani

अगले दिन गांव के लोग मदारी को ले करके आते हैं और पूरी बातें उसे बता देते हैं।

मदारी गांव के लोगों से कहता है :– मैं पेड़ के सामने एक छोटा सा गड्ढा कर दूंगा। और उसके ऊपर पत्ते रखकर केला रख दूंगा। और जैसे ही बंदर आएगा मैं उसे तुरंत पकड़ लूंगा।

मदारी की बातों को गांव वालों ने माना और कहा ठीक है तुम जैसा कहो वैसा ही होगा।

तभी वहां पर बंदर आ गया और जैसे ही पेड़ के पास केले लेने जाता है वह उस गड्ढे में गिर जाता है। और मदारी उसे पकड़ लेता है।

मदारी वाले की इस चलाती को देखकर गांव के सभी लोग खुश हो जाते हैं। और कहते हैं तुमने तो एक ही झटके में बंदर को पकड़ लिया।

मदारी कहता है – मैं जानता हूं कि बंदर को केले बहुत पसंद होते हैं। और केले को देख कर के यह बंदर अपने आप को रोक ना सका जिसके कारण पकड़ा गया।

नैतिक शिक्षा (Moral Stories)-– इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि हम किसी भी काम को सूझबूझ और समझदारी के साथ करते हैं। तो हर समस्या का हल निकल सकता है।

https://youtu.be/thATrGDPcQ0

3.चूहों की समझदारी – Amazing Hindi Desi Kahani for kids

इस लेख (Desi Kahani) – में एक छोटे से जंगल में हाथी रहती थी। उस जंगल में एक झील था। झील के पानी को पी कर हाथी अपनी प्यास को बुझाता था। उस समय बहुत गर्मी चल रहा था।

ज्यादा गर्मी होने के कारण झील का पानी सूख गया। अब हाथी पानी पीने के लिए परेशान होने लगा।

हाथी कई दिनों तक बिना पानी के रहे। एक दिन हाथियों के झुंड से एक हाथी जोर से कहता है – अब आप सब चिंता मत कीजिए। पानी मिल गया है।

चूहों की समझदारी – Amazing Hindi Moral Stories for kids
चूहों की समझदारी – Amazing Hindi Desi Kahani for kids

यह सुनकर सभी हाथी खुश हो जाते हैं और कहते हैं तुम्हें कहां मिला पानी ?

वह हाथी कहता है की यहां से थोड़ी दूर पर एक नदी है। चलो मैं तुम सबको अपने साथ ले चलता हूं वहां पर नदी के पास।

सभी हाथी उसके पीछे जाते हैं और वहां नदी से पेट भर कर पानी पीते हैं।

उस नदी के पास बहुत सारे चूहे रहते थे हाथियों के वजन की वजह से बहुत सारे मारे जाते हैं।

तब सारे चूहे हाथी के पास जाकर कहते हैं– महाराज , नदी के पास हमारा परिवार रहता है। लेकिन आपके भारी वजन के कारण बहुत सारे चूहे मारे गए।

आपसे विनती है कि, आप जंगल के किनारे से होकर आया करो। हम बेशक छोटे जीव हैं और हम भी कभी आपके काम आ सकते हैं।

उनमें से एक हाथी हंसते हुए कहा तुम इतने छोटे हो मेरे क्या काम आओगे ?

हाथी कहते हैं –ठीक है हम जंगल के किनारे से होकर क आएंगे नदी पर पानी के लिए।

अगले दिन हाथी पानी पीने के लिए नदी जाते हैं तभी एक हाथी के ऊपर जाल गिर जाता है। और शिकारी उसे उठाकर झील के पास ले जाता है। और उसे रस्सी में बांध देते हैं।

सभी हाथी चूहों के पास जाते हैं और अपनी सभी बातें बता देते हैं। चूहा कहता है आप चिंता मत कीजिए हम आपकी मदद जरूर करेंगे।

रात होते ही सभी चूहे उस हाथी के पास जाते हैं। चूहे अपने दांतो से रस्सी और जाल को काट देते हैं। जिससे वह हाथी शिकारियों से बच जाता है।

यह वही हाथी था, जिसने चूहों का मजाक उड़ाया था। वह कहता है – मुझे माफ कर दीजिए। मैंने उस दिन आपको छोटा समझ कर मजाक उड़ाया था।

आज आपकी ही वजह से मेरी जान बच पाई है।

नैतिक शिक्षा (Desi Kahani):- इस कहानी Hindi Desi Kahani of kids से हमें यह शिक्षा मिलती है। कि कभी भी किसी छोटे लोगों का मजाक नहीं उड़ाना चाहिए। मुश्किल समय में कोई भी काम आ सकता है। जो काम चूहों ने किया था वह हाथी कभी नहीं कर सकते थे।

4.बैल और गीदड़ की मित्रता – Desi Kahani for Kids (story in hindi)

इस लेख (Desi Kahani) में एक गांव में बहुत ही खूबसूरत बैल रहता था। वह बैल बहुत ही शांत और मीठा स्वभाव वाला था। उसके साथ एक चालाक और चालवाज गीदड़ भी रहता था।

दोनों में बहुत ही गहरी दोस्ती थी दोनों साथ में घूमते थे और मस्ती करते थे।

एक दिन, बारिश के बाद गांव के खेत में बहुत सारे समोसे दिखाई दिए। जब गीदड़ को यह बात पता चली तब वह अपने मित्र बैल को बताने आया।

बैल और गीदड़ की मित्रता – Moral Stories for Kids
बैल और गीदड़ की मित्रता – Desi Kahani for Kids

गीदड़ बोला,  बैल भाई आज खेत में बहुत सारी समोसे पड़े हुए हैं ।और हम उसे खाकर के पूरे मजे कर सकते हैं ।

गीदड़ बोला , चलो चलते हैं ।और उन्हें खाते हैं।

बैल ने मुस्कुराया,  और गीदड़ के साथ खेत की तरफ चल दिया। वहां पहुंचकर दोनों ने समोसे खाना चालू कर दिए।

जब समोसे खत्म हो गए, तब गीदड़ ने सोचा की बैल से ज्यादा समोसा कोई नहीं खा सकता।

गीदड़ ने बड़े ही चालाक तरीके से बैल से कहा – बैल भाई मैं इससे भी बड़ा समोसे का भंडार एक बंदर के पास देखा हूं। वह बहुत ही मजेदार है। चलो ढूंढ कर खाते हैं।

बैल ने खुश होकर कहा ? सच में? चल, जल्दी से हम समोसे के पास चलते हैं।

दोनों दोस्त निकल पड़े और गीदड़ बैल को एक गुफा के पास ले गया।

गिधर बोला, बैल भाई देखो समोसा गुफा के अंदर बहुत सारा है। तुम गुफा के अंदर जाओ । और समोसा लेकर आओ मैं बाहर तुम्हें गाइड करूंगा।

बैल ने अंदर गुफा के जाने की कोशिश की, पर वह बैल बहुत बड़ा था। और गुफा के अंदर नहीं जा सकता था।

गीदड़ बाहर से मुस्कराकर “, बोला बैल भाई, मुझे माफ करो। वहा समोसा नहीं है। मैंने तुम्हें बेवकूफ बनाया।

बैल दुखी होकर बोला:— गीदड़ मैंने तुम्हें अपनी दोस्त माना था। और तुझ पर पुरा विश्वास किया था। तुमने मेरे फरोसे तोड़ा है।

दोस्त होने का मतलब होता है। एक दूसरे पर विश्वास करना और एक दूसरे की साथ देना होता है। और तुमने मेरा दिल दुखाया हैं।

गीदड़ ने अफसोस किया और माफी मांगी। उसने समझा की दोस्ती का रिश्ता विश्वास और आस्था पर पालन होता है।

गीदड़ बोला कि मैं भविष्य में कभी बैल की विश्वास तोड़ने की कोशिश नहीं करूंगा।

नैतिक शिक्षा (Desi Kahani) इस कहानी से हमें यह शिक्षा मिलती है कि दोस्ती विश्वास और सम्मान पर आधारित होना चाहिए। हमारे दोस्त हमारे भरोसे को कभी नहीं तोड़ने देना चाहिए।

सही दोस्ती में खुशियां बढ़ती है परंतु दोस्ती तोड़ने से सिर्फ और दुख और तनाव हे अपने जीवन में मिलता है।

5.दोस्ती का महत्व – Short Desi Kahani for Kids and Short in Hindi 

इस लेख(Desi Kahani) में इस लेख में एक छोटा सा गांव था। जहां एक बहुत ही अच्छे दिल वाला लड़का रहता था जिसका नाम संदीप था।

संदीप बहुत ही समझदार और मधुर भाषा वाला लड़का था। उसके बहुत सारे दोस्त भी थे। संदीप को स्कूल से घर आते हुए एक अनोखा दृश्य दिखा।

संदीप ने देखा कि एक चिड़िया अपनी पंख फैलाकर उड़ रही है। उसके पंख इतने कमजोर थे कि वह उसकी ताकत को उठाने में सक्षम नहीं थे।

दोस्ती का महत्व – Short Moral Stories for Kids and Adults in Hindi
दोस्ती का महत्व – Short Desi Kahani for Kids and Short in Hindi

संदीप बहुत निराश हुआ और चिड़िया को उड़ाने के लिए उसे अपने हाथ में ले लिया और धीरे-धरे ऊंचा करने लगा ताकि चिड़िया उड़ जाए।

तभी संदीप का दोस्त वहां से श्याम गुजरा। श्याम ने राजू को देखा और पूछा संदीप,, तुम यह क्या कर रहे हो।

संदीप ने मुस्कुरा कर कहा ,”श्याम देखो” ये चिड़ियां अपनी पंख हिला कर ऊंचा पूर्ण की कोशिश कर रही है लेकिन इसके पंख कमजोर होने के कारण उड़ नहीं रही है और मैं इसकी सहायता कर रहा हूं।

श्याम ने भी संदीप के साथ चिड़ियों को देखा ऊपर और उनकी समस्या को समझी। उसने “कहा “संदीप तुमने बिल्कुल सही किया।

दोस्ती का मतलब होता है अपने दोस्त का मदद करना और हमेशा दुख के समय उसके साथ खड़ा रहना। हम इस चिड़िया को साथ में मिलकर उड़ाएंगे।

दोनों दोस्त ने मिलकर चिड़िया को उड़ाया। और उसे उड़ने में मदद की। चिड़िया बहुत खुश हुई और वह अब पंख फैलाकर आसानी से उड़ सकती थी। फिर चिड़िया संदीप और श्याम की दोस्ती को बहुत सराहना की।

चिड़िया के इस घटना से संदीप और शाम को दोस्ती के महत्व का पता चला।

नैतिक शिक्षा (Desi Kahani) दोस्त होने का मतलब होता है एक दूसरे का साथ देना सही समय में साथ रहना खुशियां और दुखी को आपस में बांट लेना।

दोस्ती हमें प्यार और समझदारी निभाने का मौका देती है। जब हम अपने दोस्तों के साथ खड़े होते हैं तब हमें महसूस होता है कि हम अकेले नहीं हैं। दोस्ती हमारे जीवन में खुशियां और मुस्कान लाती है।

इसलिए हमें हमेशा दोस्ती का सम्मान करना चाहिए। और अपने दोस्तों के साथ अच्छा व्यवहार करना चाहिए। और साथ दोस्त बने रहने का ख्याल रखना चाहिए। क्योंकि दोस्ती एक खूबसूरत रिश्ता है जिसे निभाने से जीवन आनंदमय और सुखमय में हो जाता है।

Desi Kahani In Hindi For Class 9 (story 

1 . दुखों से मुक्ति – Best Desi Kahani for kids in Hindi

इस लेख (Desi Kahani) में एक बार भगवान बुद्ध एक गांव में उपदेश दे रहे थे। उसी में एक धनी व्यक्ति उपदेश सुन रहा था। और वह भगवान भूत से एक सवाल पूछना चाहता था।

लेकिन सब लोगों के सामने वह धनी आदमी भगवान बुद्ध से वह सवाल नहीं पूछ सकता था लोगों के सामने क्योंकि गांव में उसकी प्रतिष्ठा थी। और प्रश्न ऐसा था कि उसकी प्रतिष्ठा दांव पर लग जाती।

भगवान बुद्ध के उपदेश खत्म होने के बाद जब सभी लोग चले गए ।तब धनी व्यक्ति हाथ जोड़कर उसने प्रश्न पूछा।

दुखों से मुक्ति – Best Moral Stories for kids in Hindi
दुखों से मुक्ति – Best Desi Kahani for kids in Hindi

धनी व्यक्ति ने भगवान बुद्ध से पूछा प्रभु मेरे पास धन दौलत और प्रतिष्ठा मुझे किसी भी चीज की कमी नहीं है । लेकिन मैं खुश नहीं हूं खुश रहने का राज क्या है।

मैं यह जानना चाहता हूं कि हमेशा खुश कैसे रहना चाहिए।

(यह सुनकर भगवान बुद्ध उसे अपने साथ जंगल में ले गए)

भगवान बुद्ध ने उस धनी आदमी को एक बड़ा सा सामने पत्थर पड़े हुए को उठाकर बोले कि चलो मेरे साथ।

कुछ समय के बाद धनी व्यक्ति के हाथ में दर्द होने लगा लेकिन वह आदमी नहीं बोला। काफी समय बीत जाने के बाद जब धनी आदमी के हाथ दर्द करने लगा और नहीं सहा गया तब वह भगवान बुद्ध से बोला। प्रभु मेरे हाथ में बहुत दर्द हो रहे हैं।

भगवान बुद्ध ने कहा — तुम पत्थर को नीचे रख दो  और पत्थर को नीचे रखते हैं उसे राहत महसूस हुई ।

तब भगवान बुद्ध ने समझाया की यही है ।खुशी का राज उस व्यक्ति को कुछ समझ नहीं आया।

फिर भगवान बुद्ध ने उस धनी आदमी से कहा जिस तरह तुम इस पत्थर को अपने साथ रखे थे और आपको दर्द महसूस हो रहा था पत्थर रख देने के बाद से तुम्हें अच्छा महसूस हुआ उसी तरह अगर तुम अपने दुख को अपने कंधों पर लेकर के ढूंढोगे तो तुम्हें दुखी और निराशा ही हाथ लगेगी।

यदि व्यक्ति खुश रहना चाहता है तो उसे दुख की पत्थर को जल्दी से जल्दी नीचे उतार कर रख देना चाहिए।

नैतिक शिक्षा (Desi Kahani):— दोस्तों हम अपने जीवन में यही करते हैं कि दुख के बोझ को कंधे पर लेकर घूमते रहते हैं।

दुखों से मुक्ति तभी संभव है जब हम अपने मन से दुख की बोझ को जल्दी से जल्दी से निकाल दे । अपने मन से और इच्छाओं से रहित होकर, या जो आपके पास है उसी में सब्र करते हुए खुश रहना चाहिए।

   

                 Final words

हमें उम्मीद है कि हमारे द्वारा ऊपर दिए गए Desi Kahani In Hindi आपको पसंद आया होगा। और पढ़ कर मजा आया होगा और साथ ही आपको बहुत सारी शिक्षा मिली होगी। यह Short Desi Kahani In Hindi सभी Class के जैसे Class 5, Class 6,Class 7,Class 8,Class 9,Class 10, और क्लास 3 के साथ Class 1,,को ही नहीं बल्कि बड़े लोगों को भी पढ़ करके यह कहानी अच्छी लगी होगी।

और साथ ही सबका मनोरंजन भी किया होगा। यह Desi Kahani सभी को अपने अपने बचपन की याद दिलाती है कैसे उनकी दादी यह सब कहानियां सुनाया करती थी। मैं बच्चों के लिए ऐसे ही नैतिक कहानियां यहां पर डालते रहूंगा।

यदि हमारी यह नैतिक कहानियां आपको पसंद आई हो तो आप हमें नीचे कमेंट करके बताएं कि आपको कौन सी कहानी सबसे अच्छा लगी इस आर्टिकल में और साथ ही अपने दोस्तों के साथ इस आर्टिकल को शेयर करें ताकि उन्हें भी अपनी बचपन याद आ सके धन्यवाद।

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