आज के व्यस्त जीवन में सभी को अगर आप भी शांति चाहते हैं तो आप इस Hindi Stories With Moral को पढ़कर अपने को मनोरंजन के साथ ही शिक्षा भी मिलेगी।

सबके सबसे प्रिय दादी मां के द्वारा सुनाई गई Hindi Stories With Moral इस आर्टिकल में लिखी गई है जो कि बहुत ही शिक्षाप्रद कहानियां से भरपूर है जो बच्चों के लिए बहुत ही अच्छी साबित हो सकता हैं।

Hindi Stories With Moral

बहादुर छोटी सी माउस

बहुत समय पहले की बात है, एक छोटी सी माउस एक छोटे से गाँव में रहती थी। उसका नाम छुटकू था। छुटकू बहुत ही निर्भीक और बहादुर थी, लेकिन उसकी छोटी आकार के कारण बहुत सारे लोग उसे हल्के में नहीं लेते थे।

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बहादुर छोटी सी माउस Hindi Stories With Moral

एक दिन, गाँव को एक भयंकर समस्या का सामना करना पड़ा। एक बड़ा सांप गाँव के पास आ गया और वहाँ के लोगों को डराने लगा। सांप ने गाँव के बच्चों को अपनी बड़ी आंखों से देख लिया और कहा, “मुझे एक बड़ा बच्चा चाहिए खाने के लिए, अगर तुम मेरी मांग पर आए तो मैं तुम्हें बाकी सबको छोड़ दूँगा।”

गाँव के लोग डरकर बेहोश हो गए, और वे सांप की मांग पर आ गए। लेकिन छुटकू ने डर को पार किया और तय किया कि वह गाँव को बचाने का प्रयास करेगी।

छुटकू ने एक योजना बनाई। वह गाँव के सभी छोटे-छोटे माउसों को एक साथ बुलाई और उनसे कहा, “हमें एक साथ काम करना होगा अगर हम गाँव को बचाना चाहते हैं।”

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छुटकू और उसके मित्रों ने सांप के साथ मिलकर मुकाबला किया। वे बड़े होने के बावजूद अपनी छोटी आकार को अपनी बहादुरी से पूरी तरह से सबित कर दिया।

छुटकू और उसके मित्रों ने बाजू बाजू मिलकर एक छलांग मारी और सांप को एक जगह ले आए। वहाँ पर वे ने एक बड़ा पत्थर खोजा और उस पत्थर को सांप के मुंह में फेंका।

सांप बड़े दर से रोने लगा और बचकर निकल जाने का प्रयास किया, और गाँव के लोग बच गए।

छुटकू और उसके मित्रों की बहादुरी ने गाँव को बचाया और उन्हें हीरो बना दिया। उनका साहस और मिलकर काम करने की शक्ति ने दिखा दिया कि किसी की छोटी आकार के बावजूद वह बड़ा काम कर सकता है।

इस Hindi Stories With Moral कहानी से हमें यह सिखने को मिलता है कि आपकी छोटी आकार के बावजूद भी आप बड़े काम कर सकते हैं, जब आप मिलकर काम करते हैं और अपने आप को बेहद बहादुरी से साबित करते हैं।

आलसी खरगोश और मेहनती कछुआ

एक समय की बात है, एक खरगोश और कछुआ एक जंगल में रहते थे। खरगोश बहुत ही आलसी और मनमोहक था, जबकि कछुआ मेहनती और धीरे-धीरे चलने वाला था।

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आलसी खरगोश और मेहनती कछुआ Hindi Stories With Moral

एक दिन, खरगोश ने कछुए से मजाक किया और कहा, “तू इतनी धीरे-धीरे क्यों चलता है? देख, मैं तो तुझसे बहुत तेज़ हूँ।”

कछुआ ने मुस्कराकर कहा, “हां, तू तो बहुत तेज़ है, लेकिन मेहनत में तो मैं ही आगे हूँ।”

खरगोश ने हँसते हुए कहा, “मेहनत क्या होती है? मैं तो बस मस्ती करता हूँ।”

कछुआ ने समझाया, “मेहनत वो होती है जब हम कुछ करने के लिए प्रयासरत होते हैं, जब हम किसी लक्ष्य की प्राप्ति के लिए कठिनाइयों का सामना करते हैं।”

खरगोश ने कहा, “मुझे तो मेहनत करने की कोई आवश्यकता नहीं है।”

कछुआ ने यह सोचा कि एक दिन वह खरगोश को सिखा देगा कि मेहनत की महत्वपूर्णता क्या होती है।

वो खरगोश से कहता है, “चल, एक महीना के लिए हम मेहनत करते हैं। मैं तेरे साथ किसान के पास जाऊंगा और तू भी मेहनत करेगा।”

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खरगोश थोड़ी सी हिचकिचाहट के बाद मान जाता है।

खरगोश और कछुआ मेहनत करने का काम शुरू करते हैं। खरगोश को खेत में उगाई जाने वाली खेती की तकनीक समझने में समय लगता है, लेकिन वह नहीं हारता। वह मेहनत करता रहता है।

कछुआ उसे वीरया से काम करने की सलाह देता है और खरगोश उसकी सलाहों का पालन करता है।

धीरे-धीरे, समय बीतता जाता है और खरगोश का सोचने का तरीका बदलता है। वह समझता है कि मेहनत करने से ही सफलता मिलती है और वह भी मेहनत करने लगता है।

कछुआ और खरगोश की मेहनत फल देने लगती है, और उनके पास अब खुदा के द्वार पर बेहतरीन फसल होती है।

खरगोश समझता है कि मेहनत का महत्व और उसकी महत्वपूर्णता है, और वह अब मेहनत करने का सही तरीके से मान लेता है।

इस Hindi Stories With Moral कहानी से हमें यह सिखने को मिलता है कि मेहनत और संघर्ष के बिना कोई भी सफल नहीं हो सकता है। मेहनत और ईमानदारी की मान्यता हमें अपने लक्ष्यों की प्राप्ति में मदद कर सकती है।

बुद्धिमान बंदर

बहुत समय पहले की बात है, एक जंगल में एक छोटा सा बंदर रहता था। वह बंदर बहुत ही बुद्धिमान था और उसके पास बहुत सारी उदारता थी।

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बुद्धिमान बंदर Hindi Stories With Moral

एक दिन, जंगल में बड़ा गरमी का मौसम था। बंदर को प्यास लग रही थी, लेकिन उसके पास कुछ पीने के लिए कोई स्रोत नहीं था। वह खोजता रहा, लेकिन कहीं भी पानी नहीं मिला।

तभी उसने एक वृक्ष के नीचे एक मद की बोतल देखी। बंदर खुशी-खुशी उस बोतल की ओर बढ़ा और बोतल को उठाकर देखा कि वह खाली है। बंदर के चिंता में अधिक समय बर्बाद नहीं होने दिया और वह बोतल को उठाकर फेंक दिया।

बोतल गिरते ही एक जिन ने बंदर की सेवा करने का आदान-प्रदान किया और उसकी इच्छा पूरी करने के लिए उसे तीन इच्छाएं पूरी करने का वादा किया।

बंदर ने बड़ी देर नहीं सोचा और पहली इच्छा में कहा, “मेरी प्यास बुझाने के लिए, कृपया मेरे लिए पानी लाओ।”

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जिन ने वाणी में हंसकर कहा, “तुम्हारी पहली इच्छा पूरी हो गई, बंदर।”

बंदर अब और भी खुश हुआ और दूसरी इच्छा में कहा, “मुझे भूख लगी है, कृपया मेरे लिए खाना लाओ।”

जिन ने फिर से हंसकर कहा, “तुम्हारी दूसरी इच्छा भी पूरी हो गई, बंदर।”

अब बंदर अपनी तीसरी इच्छा में सोच रहा था, लेकिन वह बुद्धिमान था, और उसने समझ लिया कि वह अपनी तीसरी इच्छा को बड़ी सोच समझकर पूरा करना चाहिए। वह तीसरी इच्छा में कहा, “मेरी तीसरी और आखिरी इच्छा है कि तुम वापस मेरी अपनी आज़ादी दे दो, जिन।”

जिन ने मुस्कराते हुए बंदर की तीसरी इच्छा को भी पूरा कर दिया और तुरंत गाँव से चली गई। बंदर आज़ाद हो गया, लेकिन वह सीख गया कि बुद्धिमानी से काम लेना हमें हमेशा सही रास्ते पर लेता है।

इस Hindi Stories With Moral कहानी से हमें यह सिखने को मिलता है कि हमें हमारे बुद्धिमान और समझदार निर्णय लेने चाहिए, और हमें हमारी इच्छाओं को सही तरीके से पूरा करने का तरीका सीखना चाहिए।

बुद्धिमान मुर्गा

बहुत समय पहले की बात है, एक छोटे से गाँव में एक बुद्धिमान मुर्गा रहता था। उसका नाम मुन्ना था। मुन्ना गाँव का सबसे होशियार मुर्गा था और उसकी सलाह के लिए लोग उससे सलाह लेते थे।

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बुद्धिमान मुर्गा Hindi Stories With Moral

एक दिन, गाँव में एक बड़ी समस्या आई। गाँव के किसान बीज बोने थे, लेकिन वर्षा नहीं हो रही थी, और उनके पौधों को प्यास लग गई थी। सभी गाँव वाले चिंतित थे और उन्होंने मुन्ना से सलाह मांगी।

मुन्ना ने सोचा और फिर कहा, “मुझे एक बात का पता है, हमें बादलों की ओर जाना होगा। बादल बरसने से हमारे पौधे सुखेंगे।”

गाँव के लोग आश्चर्यचकित हो गए क्योंकि मुन्ना के इस सुझाव का कोई भी लोगों को पहले से पता नहीं था। वे सभी मुन्ना के साथ बादलों की खोज में निकल पड़े।

मुन्ना ने सबको एक पर्वत के ऊपर जाने के लिए कहा, जहाँ बादलों की संग्रहण की स्थान होती थी। लोग तय किए गए रास्ते पर चले गए, लेकिन रास्ते में वे बहुत कठिनाईयों का सामना करने लगे।

मुन्ना के साथी मुर्गे बहुत थक गए और उन्होंने सोचा कि वे लौट जाएं, लेकिन मुन्ना ने अपनी बुद्धिमत्ता से उन्हें प्रेरित किया और कहा, “हम अब इतने करीब हैं, हमें थोड़ी मेहनत और करनी है।”

मुन्ना और उसके साथी मुर्गे अंत में पर्वत के शिखर पर पहुँचे, जहाँ से वे बादलों की संग्रहण को देख सकते थे। वे बादलों की ओर बढ़ते हैं और मुन्ना ने एक खोल दी, जिससे बादलों को बरसाया जा सकता था।

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बादलों के बरसने से गाँव के किसानों के पौधे खुशियों से झूम उठे और वे सब मुन्ना की महत्वपूर्ण बुद्धिमत्ता की प्रशंसा करने लगे।

इस Hindi Stories With Moral कहानी से हमें यह सिखने को मिलता है कि बुद्धिमानी और संघर्ष की मदद से हम किसी भी समस्या का समाधान निकाल सकते हैं। मुन्ना की बुद्धिमानी ने उसके और उसके साथी मुर्गों को समस्या का समाधान ढूंढने में मदद की और उन्होंने गाँव को खुशियों से भर दिया।

साहसी छोटा सा खरगोश

बहुत समय पहले की बात है, एक गाँव के पास एक छोटा सा खरगोश रहता था। उसका नाम बिल्लू था। बिल्लू बहुत ही डरपोक और शरमीला खरगोश था। वह अकेला रहने का डर और दुसरों के साथ बोलने का हिचकिचाहट रखता था।

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साहसी छोटा सा खारगोश Hindi Stories With Moral

गाँव में एक दिन, एक जंगली भालू आया। यह भालू बहुत ही बड़ा और डरावना था। वह गाँव के लोगों को खाने की तलाश में आया था और गाँव के पास ही आकर रुक गया। गाँव के लोग डरकर अपने घरों में छिप गए, और गाँव में डर का माहौल बन गया।

बिल्लू भी डर के मारे अपने घर में छिप गया, लेकिन उसके दिल में एक छोटी सी आग थी, जो उसे समझाती थी कि वह कुछ कर सकता है। वह खुद से कहने लगा, “मुझे गाँव के लोगों की मदद करनी चाहिए।”

बिल्लू ने अपना डर निकाला और गाँव के लोगों के पास जाकर कहा, “मैं आपकी मदद कर सकता हूँ।”

लोग हैरान हो गए क्योंकि यह बिल्लू था, जो हमेशा डरकर छिपता रहता था। लेकिन उन्होंने उसकी प्रस्तावना को स्वागत किया और उसे साथ मिलकर भालू के सामने जाने का साहस किया।

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बिल्लू ने भालू के साथ बात की और उसे समझाया कि वह गाँव के लोगों को नहीं खाएगा। उसका आग्रह और समझाने का तरीका भालू को यकीन दिलाया कि बिल्लू सचमुच दिल से मदद करने की कोशिश कर रहा था।

भालू अक्सर उस गाँव के आस-पास आया, लेकिन उसके बारे में डरने के बजाय, लोग अब उसे दोस्त के रूप में देखते थे। बिल्लू ने साहस और सहयोग की मिसाल प्रस्तुत की और उसने दिखाया कि छोटे से भी बड़े काम किए जा सकते हैं।

इस Hindi Stories With Moral कहानी से हमें यह सिखने को मिलता है कि सहानुभूति, साहस, और विश्वास के साथ, हम अपने डर को पार कर सकते हैं और अपनी क्षमताओं को दिखा सकते हैं। बिल्लू ने अपने साहस के साथ गाँव के लोगों की मदद की और उन्हें एक साथ काम करने का सही रास्ता दिखाया।

जादुई चश्मा

बहुत समय पहले की बात है, एक गाँव में एक गरीब लड़का नामक आर्यन रहता था। आर्यन गरीब था, लेकिन उसमें खुदाई की भावना और ज्ञान की भूख थी।

Hindi Stories With Moral Story
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एक दिन, जब वह अपने दोस्त के साथ जंगल में खेल रहा था, तो वह जद्दोजहद करते समय एक पुराना खोया हुआ चश्मा खोजता है। वह चश्मा बाहर निकालता है और देखता है कि यह चश्मा बहुत ही अजीब है। इसकी लेंसेस बहुत बड़ी होती हैं और उनमें अजीब-अजीब चित्र दिखते हैं।

जब आर्यन यह चश्मा पहनता है, तो वह चित्रों को हकीकत में देख पाता है। चश्मा उसे जो कुछ भी चाहिए, वह सबकुछ दिखा देता है।

आर्यन अपने चश्मे के साथ अपने गाँव में वापस आता है और अपने दोस्तों के साथ जोकर खेलता है। उसके पास अब खुदाई के खिलौने होते हैं, खुदाई की किताबें होती हैं, और ज्ञान की अनगिनत खजाने होते हैं।

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वह अपने चश्मे के साथ अपने गाँव के लोगों की मदद करता है और सभी को अपने ज्ञान का लाभ दिलाता है। उसकी मेहनत और ज्ञान से गाँव की स्थिति बेहतर होती जाती है और सब खुश रहते हैं।

यह Hindi Stories With Moral कहानी हमें यह सिखाती है कि ज्ञान और मेहनत का महत्व कभी कम नहीं होता, और जद्दोजहद करने वाले लोग हमेशा समृद्धि प्राप्त करते हैं।

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