Top 10 Best Desi kahani – Desikahani with Moral Story

By aipaisa.com Sep10,2023

यह Desi Kahani कहानी बच्चों के लिए लिखी गई हैं। जब हम बचपन में जो कहानी हम अपने दादी के द्वारा सुनते हैं

कहानी: “दोस्ती का रंग”

यह Desi Kahani कहानी है दो छोटे से गाँव के दो अच्छे दोस्तों की, राजु और सुरेश, की। वे बचपन से ही साथ बड़े हुए और एक-दूसरे के साथ अनगिनत पलों को साझा किया। उनकी दोस्ती का रिश्ता बड़ी बात थी, और गाँववालों के बीच उन्हें “राजू-सुरेश” कहकर पुकारते थे।

Top 10 Best Desi Kahani in Hindi - Desikahani with Moral Story
Desi Kahani

सुबह सुबह स्कूल जाते समय, बर्फबारी में उन्होंने एक छोटी सी झील के किनारे खेलने का इरादा बनाया। वे अपने साथी फोल्डिंग चेयर लेकर झील के किनारे पहुँचे और खुद को जीवन का सबसे खुशल बच्चा मानने लगे।

हर दिन वे झील के किनारे बिताते, पत्थरों को पानी में फेंकते, और खुद को तैरते देखते। उनकी दोस्ती और मस्ती का कोई सीमा नहीं था।

एक दिन, जब राजू और सुरेश स्कूल से लौटे, उन्होंने सुना कि गाँव में एक अच्छे स्कूल की शुरुआत हो रही है। राजू के मन में तुरंत एक सपना उभरा – वह भी उस स्कूल में पढ़ेगा और डॉक्टर बनेगा।

सुरेश, जिसका परिवार गरीब था, अपने पुराने स्कूल में ही रहने का फैसला लिया। इस निर्णय ने राजू और सुरेश की दोस्ती पर पहले कभी नहीं आई दोरी।

राजू ने उस नए स्कूल में प्रवेश किया और अपने सपने की ओर बढ़ते गए। वह अपनी पढ़ाई में मेहनत करता रहा और अपने लक्ष्य की ओर बढ़ता गया। सुरेश के लिए जीवन कठिन था, लेकिन वह भी अपने सपनों का पीछा करने में हार नहीं माना।

सालों बाद, जब राजू शहर से वापस आया, उसका सपना सच हुआ। वह डॉक्टर बन गया था। लेकिन जब वह सुरेश से मिलने गाँव गया, तो उसने देखा कि सुरेश की जिंदगी में कई समस्याएँ हैं। सुरेश अब एक मजदूर था और उसका परिवार भी बढ़ती गरीबी का सामना कर रहा था।

राजू ने सुरेश की मदद करने का निर्णय लिया। वह सुरेश के साथ समय बिताने लगा और उसकी मदद करने का प्रयास किया। धीरे-धीरे, सुरेश की जिंदगी सुधार गई और उसका परिवार भी सुखमय जीने लगा। राजू ने दिखाया कि अच्छी दोस्ती का अर्थ होता है अपने दोस्तों की मदद करना और उनके साथ खड़ा होना, चाहे जिंदगी कितनी भी मुश्किलों से भरी क्यों न हो।

इस Desi Kahani कहानी से हमें यह सिखने को मिलता है कि सच्ची दोस्ती कभी भी बिगड़ सकती है, लेकिन अगर हम अपने दोस्तों की मदद करने के लिए हाथ बढ़ाते हैं, तो हम उन्हें फिर से पास पा सकते हैं।

कहानी: “माँ का प्यार”

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गाँव के एक छोटे से और गरीब परिवार में पल बढ़े छोटे से लड़के, आर्यन, का जीवन अद्भुत और प्रेरणादायक था। उसकी माँ, साधना, एक महिला किसान थी, जिसकी आँखों में अपने बेटे के लिए विश्वास और सपनों की आशा की बुनाई हुई थी।

अपने छोटे गाँव में, साधना और आर्यन का जीवन साधना की मेहनत और संघर्ष से भरा हुआ था। वे गरीबी के बावजूद खुश थे और उनके पास अपने साथी गाँववालों के साथ बिताने के लिए कभी कमी नहीं होती थी।

आर्यन की माँ ने छोटे होने के बावजूद उसे शिक्षा में अग्रणी बनाने का सपना देखा और उसे सबसे बड़ा धन माना। साधना ने अपनी मेहनत और संघर्ष के बावजूद अपने छोटे बेटे के लिए शिक्षा की दिशा में कई संकल्प बदले।

आर्यन के पढ़ाई के लिए सबसे पहला पाठशाला गाँव से बाहर था, जिसका रास्ता कठिन था और पैदल जाना पड़ता था। परंतु साधना ने कभी भी हार नहीं मानी और उसे पढ़ाई में सफलता पाने के लिए आगे बढ़ने का साहस दिलाया।

साधना ने उसे पढ़ाई के लिए पुरानी किताबें खरीद कर आई, और वह रात के समय अपनी लालटू और किताबों के साथ कई घंटे पढ़ता था। उसकी माँ ने उसे हमेशा याद दिलाया कि शिक्षा ही उसका मार्गदर्शन है और वह अपने सपनों को पूरा कर सकता है।

आर्यन का योगदान और मेहनत उसे उच्च शिक्षा में प्रवेश दिलाने में सफल रहा। वह एक प्रमुख इंजीनियर बन गए और उन्होंने अपनी माँ के सपनों को पूरा किया।

साधना की आँखों में आज भी वही प्यार और गर्मी है, और वह गर्व से अपने बेटे की सफलता को देखती है। उसके बगीचे में अब खुशियों की खुशबू फैल गई है, और वह आर्यन के साथ अपने सपनों की पूर्ति का आनंद लेती है।

इस Desi Kahani कहानी से हमें यह सिखने को मिलता है कि माँ का प्यार और समर्पण किसी भी मुश्किल को पार कर सकता है। माँ की ममता और संघर्ष का कोई मोल नहीं होता, और उनके प्रेम के सामर्थ्य के सामने कोई भी बाधा टिकी नहीं सकती।

इस Desi Kahani कहानी के इस संदेश के साथ, हमें याद रखना चाहिए कि माँ का प्यार हमारे जीवन में अनमोल है, और हमें उनका समर्पण और प्रेम सर्वदा मूल्यवान होता है। उनकी ममता और साथी प्रेरणा हमें आगे बढ़ने के लिए उत्साहित करती है, और हमें अपने सपनों को पूरा करने का साहस दिलाती है।

कहानी: “युगल दोस्ती का मिलनDesi Kahani

यह Desi Kahani कहानी है दो दोस्तों की, राजु और सुरेश, की, जो अपने दिलों के साथ एक-दूसरे के दिलों को छूने के लिए तैयार थे।

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राजु और सुरेश एक गाँव में बड़े हुए थे, और उनकी दोस्ती का आगाज़ उनके बचपन में हुआ था। वे दोनों गाँव के सबसे अच्छे दोस्त थे और हमेशा एक-दूसरे के साथ वक्त बिताते थे।

राजु और सुरेश का दोस्ती का संबंध गहरा था। वे दोनों हर दिन स्कूल जाते, वहां पढ़ाई करते, और फिर वापस गाँव आकर खेलते। उनका साथ देने वाला कोई भी खुशी का पल बिना ही पूरा था।

गरमी के दिनों में, वे अपने बगीचे में आम और अमरूद खाते थे और बहुत मस्ती करते थे। जब सर्दी आती, तो वे बर्फ में खुदाई करते और छुट्टी पर बहुत सारी चुटियाँ बिताते। उनकी दोस्ती में दोनों के साथी गाँववालों को भी शामिल किया जाता था, और गाँव के बच्चे उनके साथ हर दिन खेलने आते थे।

एक दिन, जब राजु और सुरेश स्कूल से लौटे, तो उन्होंने गाँव में बड़ी खबर सुनी। गाँव में एक अच्छे स्कूल की शुरुआत हो रही थी। इस स्कूल में बेहतर शिक्षा दी जाती थी और उसके बारे में सुनकर राजु का मन हिल गया।

राजु ने तय किया कि वह उस स्कूल में पढ़ेगा और अपने माता-पिता के सपनों को पूरा करेगा। वह डॉक्टर बनना चाहता था और उसके दिल में इस सपने के लिए बड़ा हिम्मत था।

लेकिन सुरेश के लिए यह सपना थोड़ा अलग था। सुरेश का परिवार गरीब था और उनके पास उस स्कूल में पढ़ाई करने के लिए पर्याप्त पैसा नहीं था। उनके माता-पिता की आर्थिक स्थिति थोड़ी कठिन थी और वे अपने परिवार का पालन-पोषण करने में व्यस्त थे।

राजु का सपना और सुरेश की दिक्कतें अब उनकी दोस्ती को पहले कभी नहीं आई दोरी। वे दोनों बड़े हुए और अपने अलग-अलग मार्ग पर चलने लगे, लेकिन उनकी दोस्ती की यादें कभी भी उनके दिलों से नहीं गई।

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राजु ने अपनी पढ़ाई में मेहनत करता रहा और अपने लक्ष्य की ओर बढ़ता गया। वह उस स्कूल में प्रवेश प्राप्त करने के लिए सड़कों पर बैठक देता था और दिन-रात मेहनत करता रहता था।

सुरेश, जो अपने दोस्त के साथ खुश था, वो अपने पुराने स्कूल में ही रहने का फैसला लिया। उसके पास कम पैसे और संघर्ष की जिंदगी थी, लेकिन उसने अपने सपनों के पीछे भागने का निर्णय किया।

सालों बाद, जब राजु अपने सपनों की ओर बढ़ता गया और शहर से वापस आया, तो उसका सपना सच हुआ था। वह एक प्रमुख डॉक्टर बन गए थे। लेकिन जब वह सुरेश के पास गाँव गया, तो उसने देखा कि सुरेश की जिंदगी में कई समस्याएँ हैं।

सुरेश अब एक मजदूर था और उसका परिवार भी बढ़ती गरीबी का सामना कर रहा था। उसकी जिंदगी में चुनौतियों की भरमार थी और वह अपने सपनों से दूर था।

लेकिन राजु ने सुरेश की मदद करने का निर्णय लिया। वह सुरेश के साथ समय बिताने लगा और उसकी मदद करने का प्रयास किया। धीरे-धीरे, सुरेश की जिंदगी सुधार गई और उसका परिवार भी सुखमय जीने लगा।

राजु ने दिखाया कि अच्छी दोस्ती का मतलब है अपने दोस्तों की मदद करना और उनके साथ खड़ा होना, चाहे जींदगी कितनी भी मुश्किलों से भरी क्यों न हो।

इस Desi Kahani कहानी से हमें यह सिखने को मिलता है कि सच्ची दोस्ती कभी भी बिगड़ सकती है, लेकिन अगर हम अपने दोस्तों की मदद करने के लिए हाथ बढ़ाते हैं, तो हम उन्हें फिर से पास पा सकते हैं।

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कहानी: “युगल दोस्ती का सफरDesi Kahani

यह Desi Kahani कहानी है दो दोस्तों की, रवि और आर्या, की, जो एक अनूठे सफर का हिस्सा बने। इस सफर में उन्होंने मित्रता के महत्व को समझा, सपनों की पुर्ति के लिए मेहनत की, और एक-दूसरे के साथ हर खुशी और दुख को साझा किया।

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रवि गाँव में पाला बढ़ा था और उसकी दिनचर्या गाँव के चारों ओर के खेतों और पशुओं के साथ गुजरती थी। उसका सबसे अच्छा दोस्त एक कुत्ते था, जिसका नाम बुद्धू था। रवि और बुद्धू की मित्रता बेहद गहरी थी, और वे हमेशा एक-दूसरे के साथ खेलते और समय बिताते थे।

आर्या शहर में रहती थी और उसका जीवन शहर की गतिदिनता के साथ चलता था। उसके पास कई दोस्त और एक सुंदर सा पार्क था, जो उसकी रोजमर्रा की ज़िंदगी का हिस्सा था।

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रवि और आर्या का पहला मिलना स्कूल में हुआ था। वे दोनों एक ही कक्षा में पढ़ते थे और वहां पर उनकी मित्रता की शुरुआत हुई।

रवि एक हंसम और खुशमिजाज लड़का था, जबकि आर्या सुंदर और समझदार थी। वे दोनों के बीच की अजनबी बनी दोस्ती जल्द ही अच्छी तरह से बढ़ गई।

आर्या ने रवि को अपने शहर के खूबसूरत स्थलों के बारे में बताया और रवि ने आर्या को अपने गाँव की आत्मा के साथ जुड़ने का मौका दिया।

वे दोनों कई बार अपने गाँव और शहर के बीच यात्राएँ करते और एक-दूसरे के साथ समय बिताते। वे साथ में अपने सपनों की ओर बढ़ते गए और अपनी मित्रता को और भी मजबूत बनाते गए।

Desi Kahani

वक्त के साथ, उनकी मित्रता और भी गहरी हुई। वे दोनों एक-दूसरे के साथ हर खुशी और दुख में साथी बन गए थे।

एक दिन, जब रवि को अपने परिवार की तरफ से गाँव का काम दिलाना था, तब आर्या ने उसके साथ गाँव आने का निश्चय किया। वह गाँव के जीवन को अपने आँखों से देखने के लिए तैयार थी।

आर्या के आगमन ने रवि के लिए बड़ी खुशियाँ लेकर आया। वे दोस्तों के साथ गाँव में अपने बचपन की यादें ताजा करते और साथ में बड़ी हुई दोनों की साथी मित्रता को मनाते।

इस Desi Kahani कहानी से हमें यह सिखने को मिलता है कि मित्रता को कोई स्थान या समय की मात्र नहीं मिलती है। अगर दो लोग दिल से दोस्त होते हैं, तो वे अपनी मित्रता को हमेशा जीवंत रख सकते हैं, चाहे वे जहां भी हों और जैसे भी हों।

रवि और आर्या की मित्रता एक अद्वितीय और अमूल्य रिश्ता था, जिसमें साथ बढ़ने की शक्ति और खुशियाँ थीं।

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