Motivational Short Story In Hindi – Top 50+ Best Hindi Short Stories

By aipaisa.com Aug15,2023

Motivational Short Story In Hindi में यहाँ पर पढ़े, बच्चों की पसंदीदा रोमांचक, शिक्षाप्रद, मोटिवेशनल , और प्रेणादायिक सबसे अच्छी 50+Motivational Short Story In Hindi ।

Motivational Short Story In Hindi hindi

सोने का अंडा देने वाली मुर्गी {Motivational Short Story In Hindi}

त्रिपुरा गांव में एक बहुत ही गरीब आदमी रहता था। वह आदमी इतना गरीब था कि बहुत ही मुश्किल से अपने परिवार का पालन पोषण करने में सक्षम हो पाता था।

Motivational Short Story In Hindi
सोने का अंडा देने वाली मुर्गी

एक दिन यह गरीब आदमी अपने आंगन में बैठकर के खाना खा रहा था। तभी उसके आंगन में अचानक एक सुनहरी मुर्गी उड़ते हुए आ करके बैठ गई। उस आदमी के गरीबी के कारण उसके यहां कोई भी नहीं आता था।

लेकिन इस सुनहरी मुर्गी के उसके आंगन में आने के कारण वह आदमी बहुत खुश हुआ। और उसे भोजन करने के लिए अपने घर के घड़े से थोड़ा दाना निकल करके उसे मुर्गी को दे दिया। वह मुर्गी इस आदमी से प्रभावित होकर इसके यहां ही रहने लगी।

अगले ही दिन वह सुनहरी मुर्गी ने सुनहरे रंग की अंडा दिया। लेकिन आश्चर्य का बात यह था कि वह अंडा सोना का था। उस सोने के अंडे को देखकर यह गरीब आदमी बहुत ही ज्यादा खुश हुआ। और उस अंडा को लेकर के बाजार में बेच दिया।

और उससे जो पैसा मिला वह अपने घर का पालन पोषण करने लगा। इस तरह से वह सुनहरी मुर्गी रोज एक अंडा देती थी। हारो हारो जो अंडे को बाजार में बेच करके गरीब आदमी से अमीर आदमी बन गया।

अभी गरीब आदमी की लालच धीरे-धीरे बढ़ने लगी थी

और यह रोज एक-एक अंडा बेचने से परेशान हो चुका था। तब उसने एक उपाय सोचा कि यह सुनाई मुर्गी रोज एक-एक अंडा देती है तो इसके पेट में बहुत सारे सोने के अंडे होंगे।

story in hindi with moral

यह बात सोते हुए वह आदमी अपने घर में गया और एक हथियार से उस मोड़ को काटने की सोचा। सोचा कि बहुत सारे अंडे लेकर के एक ही साथ बाजार में बेच देंगे और हम बहुत ही ज्यादा अमीर हो जाएंगे।

यह बात सोचते हुए वह गरीब आदमी ने उसे सुनहरी मुर्गी को आदमी ने को काट दिया। जब हाउस मुर्गी के पेट को फाड़ कर देखा तो उसमें एक भी अंडा नहीं मिला। आप सुनहरी मुर्गी मर चुकी थी।

वह आदमी अपनी इसी लालच के कारण सोने के अंडा देने वाली सुनहरी मुर्गी को खो दिया। उसके बाद से बहुत ही ज्यादा पछतावा करने लगा।

इस Short Story In Hindi कहानी से हमें यह शिक्षा मिलती है कि हमें कभी भी लालच नहीं करनी चाहिए। अत्यधिक लालच हमसे सदा ही गलत काम करवाती है। और इससे हमें बहुत ही बड़ा नुकसान होता है।

आपने ऊपर कहानी तो पढ़ लिया होगा कि वह गरीब आदमी ने सोने का अंडा देने वाली सुनहरी मुर्गी ज्यादा लालच की वजह से अपने ही हाथों मार दिया लेकिन अंत में उसे कुछ नहीं मिला।

hindi stories written

शेर और चतुर खरगोश की कहानी {Motivational Short Story In Hindi}

बहुत समय पहले की बात है क्षण नामक जंगल में बहुत सारे छोटे बड़े जानवर रहते थे। लेकिन उसे जंगल में एक शेर भी रहता था। जो रोजाना बहुत सारे जानवरों को मार कर के खा जाता था। और बहुत सारे जानवरों को मार करके ऐसे ही छोड़ देता था।

Short Story In Hindi – Top 50+ Best hindi short stories
शेर और चतुर खरगोश की कहानी

इसलिए उस जंगल के अन्य सभी जानवर बहुत ही परेशान थे। और उन्हें हमेशा इस बात का भय लग रहा था। कि पता नहीं कब हमारी मौत हो जाए। एक दिन जंगल के सभी जानवर मिलकर के सभा आयोजित किया। और शेर के साथ यह प्रस्ताव रखा की हम लोगों में से रोज एक जानवर आपके भोजन के लिए स्वयं आ जाएगा।

इससे हम जंगल के सभी जानवर निश्चिंत हो जाएंगे ।और आपको भी शिकार के लिए कभी इधर उधर भटकना नहीं पड़ेगा। यह प्रस्ताव शेर को अच्छा लगा। और उसने इसकी मंजूरी दे दी। लेकिन उसने एक बात का प्रस्ताव रखा कि मुझे एक भी दिन का खाली नहीं चाहिए मुझे रोज कोई न कोई जानवर मेरे गुफा में आ जानी चाहिए।

सभी जानवर अपनी – अपनी बारी आने पर उस शेर के पास जाने लगे। एक समय उस जंगल के छोटे जीव खरगोश का बारी आ गया। वह खरगोश ने सोचा कि आज मरना तो है यह है तो क्यों ना हम खाते पीते आराम से चरते हुए शेर के पास जाएं।

खरगोश को कुछ दूर जाने के बाद से उसे एक कुआं दिखाई दिया। तो वह उसे कुआं के पास गया और उसे कुआं में झांक कर देखने लगा। तब उसे खरगोश को उसे कुएं में उसे अपनी खुद की परछाई दिखा। यह देखते ही उसे अपने दिमाग में एक बहुत ही अच्छा तरीका आया। और वह बड़े ही मजे के साथ मस्ती में शेर के पास जाने लगा।

वह खरगोश शेर के द्वारा दिए हुए निश्चित समय से जाने में लेट हो गया था। वह जब शेर के पास पहुंचा तो लेट भी हो चुकी थी। लेट होने की वजह से शेर को भूख लगा था। इसलिए वह क्रोधित हो गया था

देरी होने की वजह से उस शेर को भूख लगा था। ऊपर से यह छोटे से खरगोश को देखकर के वह और भी ज्यादा क्रोधित हो गया। वसीर गुस्से से लाल होकर कहा मेरे लिए इतना छोटा जानवर क्यों भेजा । क्या इससे आज मेरी भूख मिट पाएगी।

लग रहा है कि जंगल के सारे जानवरों को अब मेरा डर समाप्त हो गया है। वह गुस्सा से खरगोश से पूछा पहले तुम यह बताओ कि तुम्हें आने में इतना लेट क्यों हुआ।

वह खरगोश बहुत ही चतुराई के साथ जवाब देते हुए कहा कि ” महाराज ” जब मैं आ रहा था तो रास्ते में एक और शेर मिल गया। और वह शेर मुझे खाने के लिए बोलने लगा। मैंने उसे शेर से बताया कि मैं अपने राजा के लिए भोजन के लिए जा रहा हूं। कृपया करके आप मुझे छोड़ दीजिए मुझे जाने दीजिए।

तब वह शेर ने कहा कि मैं तुम्हारी किसी भी राजा से नहीं डरता हूं और मैं आज तुम्हें नहीं छोडूंगा तुम्हें खाऊंगा ही मैं किसी से भी जंगल में नहीं डरता हूं। तब मैं किसी भी तरह से एक बिल के रास्ते होते हुए। मैं भागते हुए आपके पास आया हूं।

यह बात सुनते ही वह शेर गुस्सा हो गया। और उसने कहा कि मेरे ही इलाके में दूसरा और शेर जिसको अपनी जान प्यारी नहीं है। क्या तुम मुझे उस शेर के पास ले जा सकते हो। खरगोश शेर की और गुस्सा भड़काने के लिए कहा कि नहीं महाराज मुझे वह देखेगा तो आप से लड़ने से पहले मुझे खाने की चेष्टा करेगा इसलिए मैं सोच रहा हूं कि नहीं जाऊं।

फिर से शहर गुस्सा हो गया और बोला कि मैं हूं ना चलो ना चलो मुझे उसे कुआं के पास ले चलो। ” खरगोश ने कहा ठीक है मैं आपको उसे कुआं के पास ले जा सकता हूं। और फिर खरगोश ने उस शेर को जंगल के उसी कुआं में ले गया।

वह खरगोश शेर से बोला ” महाराज “वह शेर इसी कुआं में रहता है। इसलिए आपको कभी दिखाई नहीं दिया होगा। आप इस कुआं में झांक करके देख लीजिए वह जरूर दिख जाएगा।

यह बात सुनते ही खरगोश के शेर ने उस कुएं में देखा तभी उस शेर की अपनी ही परछाई उस कुआं में दिखाई दिया। जिसे वह सचमुच में शेर समझ लिया। और बड़ी ही जोर से कुआं में दहाड़ लगाई। तो उसको ऐसे उसकी आवाज वापस टकराकर के ऊपर आई। फिर शेर को लगा कि कुआं में उपस्थित शेर भी मेरे जैसा दहाड़ रहा है।

फिर शेर से बहुत ही ज्यादा गुस्सा हो गया। और वह गुस्से से लाल होकर उसे शेर को करने के लिए कुआं में छलांग लगा दिया। वह उसी कुआं में डूब कर के मर गया। यह देख कर के खरगोश बहुत ही ज्यादा खुश हुआ और खुशी-खुशी अपने सभी दोस्तों के पास लौट गया।

यह सारी बातें अपने दोस्तों को बताया। यह सुनते ही सभी जानवर बहुत ही ज्यादा खुश हो गए और उस खरगोश की प्रशंसा की और बिना किसी डर के सभी जानवर जंगल में आराम से रहने लगे

इस Motivational Short Story In Hindi कहानी से हमें यह शिक्षा मिलती है कि हमें मुसीबत के समय में धैर्य के साथ काम लेना चाहिए। और उस खरगोश की भांति अपने आपको हर मुसीबत से बचाने की कोशिश करना चाहिए।

आपने यह तो देखा ही किस तरह से वह खरगोश ने बड़े ही चतुराई के साथ अपनी तो जान बचाई ही उसके साथ साथ जंगल में उपस्थित सभी जानवरों की भी जान बचाई। इसलिए मित्रों धैर्य और सूझबूझ के साथ हम बड़ी से बड़ी मुसीबत पर आसानी से छुटकारा पा सकते हैं।

Motivational Short Story In Hindi

 जो बोएगा वही काटेगा {Motivational Short Story In Hindi}

बहुत समय पहले की बात है सुंदरम नामक एक बहुत ही घना जंगल था। उसे जंगल के अंदर एक शेर रहता था जो अब बुड्ढा हो चला था।

Short Story In Hindi – Top 50+ Best hindi short stories

एक दिन शिकार करते वक्त उसे शेर का पाव फिसल गया और वह नीचे आकर चट्टान पर गिर पड़ा। जिस वजह से उसके पांव में चोट लग गई। वह चोट तो बहुत ही जल्दी ठीक हो गया। लेकिन उसके बाद सेवा से लंगड़ा कर चलने लगा।

अब उस शेर का ज्यादा तेजी से भागना और दौड़ना तो दूर की बात है। उसके लिए चलना फिरना भी मुश्किल हो गया था। जिसके कारण वह अच्छा से शिकार भी नहीं कर पता था। वह शेर एक ही जगह पर बैठा रहता था।

कुछ दिन बीत गया उसे कोई शिकार नहीं मिला। अब वह भूखे मरने लगा। भूखे रहने की वजह से वह शेर अब काफी दुबला – पतला हो चला था। और उसने अब ज्यादा शक्ति नहीं बचा था।

शेर को इस तरह दु:खी और परेशान देखकर के एक चालाक भेड़िया उसके पास आया और कहने लगा — ” महाराज ” आप हमारे इस जंगल का राजा है। और आपको इस स्थिति में देख करके हमें बहुत ही बड़ा दु:खी महसूस हो रहा है।

मुझे आपकी ऐसी दयनीय स्थिति बिल्कुल अच्छी नहीं जाती है। अगर आप इस तरह रहेंगे तो एक दिन भूखे मर जाएंगे।

बस इतना बोल करके वह भेड़िया कुछ देर चुपचाप शांत रहा। फिर भेड़िया ने कहा ” महाराज ” मैं आपकी सेवा करना चाहता हूं। मुसीबत के समय में अपने राजा की सेवा करना यह तो मेरा फर्ज बनता है।

अगर आप मुझसे वादा करते हैं। कि मैं तुम्हें कभी नहीं मारूंगा ।तो मैं आपकी ऐसे ही जिंदगी भर सेवा करते रहूंगा। वह बुड्ढा शेर इस चालाक भेड़िया की बात बहुत ही ध्यान से सुन रहा था।

शेर ने हंसते हुए कहा ठीक है बोलो ” मैं रोजाना आपके लिए यही पर पर शिकार का प्रबंध कर दिया करूंगा। आप उस शिकार को मार कर रोजाना खा जाया कीजिए। जब आपका पेट भर जाएगा। तो बाकी बचा हुआ खाना मैं खा लिया करूंगा। इस तरह से आपका भी भूख मिट जाएगा। और मेरा भी भूख मिट जाएगा।

कुछ भेड़िए के हमदर्दी बात सुनकर के शेर बहुत ही ज्यादा खुश हुआ। और उस भेड़िए के बात को मान लिया।

बुड्ढे शेर ने कहा – तुम मेरे बुड्ढे होने पर और मेरे बेचारगी पर तरस खा रहे हो। इसलिए तुम मेरी मदद करना चाह रहे हो। तो इसलिए मैं तुम्हारे साथ कभी भी धोखा नहीं करूंगा। मैं हमेशा ही तुम्हारा इस बात के लिए एहसानमंद रहूंगा।

भेड़िया ने कहा –” तो ठीक है महाराज ” यह बात पक्की करते हैं। यह कहते हुए वह भेड़िया बहुत ही ज्यादा खुश हुआ। वाह भेड़िया रोज जंगल के भोले भाले जानवरों को बहला-फुसलाकर उससे के पास लाने लगा।

उन सभी जानवरों को देखते ही वह शेर उन पर टूट पड़ता तथा उन्हें मारकर खा जाता था। और भेड़िया बचा – कुचा मांस खा करके अपना पेट भरता था। इस प्रकार से दोनों एक दूसरे की मदद करके अपनी जीवन बहुत ही अच्छी से काटने लगे।

उनकी यह प्रक्रिया बहुत ही सालों तक चलती रही। इस तरह से करते हुए बहुत समय गुजर गया ।और धीरे-धीरे जंगल के सभी जानवर उस भेड़िए की चालाकी को समझने लगे थे। वह अब उस भेड़िए से बहुत ही ज्यादा निराश हो गए थे।

एक दिन उस जंगल के सभी जानवरों ने एक सभा का आयोजन किया। उसे सभा में सभी जानवरों ने यह फैसला किया कि जिस प्रकार या भेड़िया ने हम सभी लोगों को सताया है। उसी प्रकार हम सब इस भेड़िए को शेर के हाथों मरवा देंगे।

ऐसा करने से इस भेड़िए से हमारा हमेशा के लिए पीछा छूट जाएगा। और शेर भी उसके बाद से भूखे तड़प तड़प कर मर जाएगा। इस प्रकार भेड़िए को भी उसके द्वारा किए गए कर्म की सजा मिल जाएगी।

अब जंगल में उपस्थित सभी जानवरों को यह उपाय बहुत ही पसंद आया। यह उपाय करने के लिए एक निश्चित समय तय किया गया कि जब भेड़िया शिकार करने के लिए जाएगा। उसी समय हम सब उस शेर के पास पहुंच जाएंगे। और इस समय अपनी बात रखेंगे।

इस तरह सभी जानवर निश्चिंत हो गए और निश्चित निर्धारित समय पर भेड़िए कि नहीं रहने पर शेर के पास पहुंचे। फिर सब शेर से बोले “– यह बात जान करके हम लोगों को बहुत दु:ख हुआ कि आपके पांव में चोट लग गया है। आप अपने इस चोट की वजह से अच्छे से चल भी नहीं पा रहे हैं।

इसलिए जब तक आपकी पूरी तबीयत अच्छी तरह से ठीक नहीं हो जाती है। हम लोग खुद ही आपके लिए एक जानवर भेज दिया करेंगे। इसके साथ ही हम आपके इस लंगड़े पैर को ठीक करने के लिए एक उपाय बताने आए हैं । यह बोल कर वह खामोश हो गया।

उन्हें खामोश हुआ देख शेर ने कहा :” तुम लोग जल्दी से बताओ कि वह कौन – सा दवा है।

सभी जानवर कहने लगे “– अगर आप अपने लंगड़े पर को जल्दी ठीक करना चाहते हैं तो इसके लिए आपको भेड़िए के ताजा खून को अपने पैर पर मालिश करना होगा ।

तब आप बहुत ही जल्दी आपने इस लंगड़े से दूर हो सकते हैं। और बहुत ही तेज गति से दौड़ भी सकते हैं। हो सके तो आप अपने पैर का इलाज जल्दी से जल्दी करें। बस इतना कहते हुए सभी जानवर वहां से चले गए।

कुछ देर बाद जब भेड़िया शिकार को फंसा करके शेर के पास लेकर आया। तभी शेर ने शिकार के साथ उसे वीडियो को देखा तो उसे जानवरों द्वारा कही हुई बात उसको याद आ गया। शेर ने तुरंत शिकार को छोड़कर भेड़िया पर हमला कर दिया।

फिर भेड़िया को तुरंत मर कर के खत्म कर दिया। उसे मरे हुए भेड़िए के खून को लेकर के अपने पैर पर बहुत ही अच्छी तरह से मालिश किया। और बाकी का खून पी गया और साथ ही उसे भेड़िए को भी खा गया।

दो-तीन दिन बीत गया। लेकिन फिर भी उस शेर की लंगड़ा अपन दूर नहीं हुआ। तथा कोई जानवर भी उसके पास नहीं आया। तो धीरे-धीरे शेर उन सभी जानवरों की चालाकी को समझ गया।

अब वह शेर अपने द्वारा किए गए गलतियों का पछतावा कर रहा था। कुछ दिन बाद वह बुड्ढा शेर वहीं पर तड़प – तड़प कर मर गया। इस तरह से उस जंगल के सभी जानवरों ने शेर तथा भेड़िया से अपनी जान बचाया और आराम से जंगल में रहने लगे।

इस Motivational Short Story In Hindi कहानी से हमें यह शिक्षा मिलती है कि जो मनुष्य जैसा कर्म करता है उसे फल भी वैसा ही मिलता है इस पर एक कहावत भी कहा गया है जो बोएगा वही काटेगा। इसलिए हमें हमेशा सत्य के मार्ग पर चलना चाहिए और हमेशा लोगों की सहायता करनी चाहिए।

short moral hindi story

जादुई चक्की की कहानी {Motivational Short Story In Hindi}

बहुत समय पहले की बात है सोनपुर गांव में सुरेंद्र और महेंद्र नाम के दो भाई रहते थे। बड़े भाई के पास बहुत सारा धन था। लेकिन उसका छोटा भाई जो गरीब था। एक दिन की बात है जब सभी लोग नए साल की खुशियां मना रहे थे। उसे समय छोटे भाई के पास खाने के लिए भी कुछ नहीं था।

Short Story In Hindi – Top 50+ Best hindi short stories
जादुई चक्की की कहानी

वह छोटा भाई अपने बड़े भाई के यहां गया और उनसे सवा शेर चावल मांगी। लेकिन बड़े भाई ने देने से साफ मना कर दिया। जब छोटा भाई बड़े भाई के घर से वापस लौट रहा था। तो उससे मार्ग में एक बुड्ढा मिला। उसे बुद्ध के पास लड़कियों का एक भारी बोझ था।

वह बुड्ढा आदमी ने इस छोटे भाई से पूछा ” बेटा तुम इतने परेशान क्यों हो ? क्या बात है हमें बताओ शायद हम तुम्हारी मदद कुछ कर सके।

तब छोटे भाई ने अपनी शायरी दु:ख भरी बात उस बुड्ढे आदमी को सुनाया।

वह बुड्ढे आदमी ने उसे विश्वास दिलाते हुए कहा “: बेटा यदि तुम मेरे यह लड़कियों का गद्दा मेरे घर तक पहुंचा दो तो मैं तुम्हें ऐसा चीज़ दूंगा। जिसकी मदद से तुम बहुत ही अमीर आदमी बन सकते हो।

यह बात सुनते ही छोटा भाई ने तुरंत उस लकड़ियों का गड्ढा उठाकर अपने सिर पर रख लिया। और फिर उसे बुड्ढे आदमी के पीछे-पीछे चल दिया।

घर पहुंचने के बाद से छोटे भाई ने उसे लकड़ी के गड्ढा को उसके घर में जमीन पर रख दिया। तभी बुड्ढे आदमी ने उसे चीनी से बना हुआ एक पूड़ी दिया। फिर बोला कि तुम इस पूरी को लेकर के पास वाले मंदिर के जंगल में चले जाओ ”

उसी जंगल में तुम्हें एक गुफा दिखाई देगा। जिसमें बहुत से बौने रहते हैं। मालपुआ उन लोगों का सबसे प्रिय भोजन है। वे लोग किसी भी कीमत पर इसे पाना चाहेंगे। तुम उनसे धन मत मांगना। उनसे बस पत्थर की एक चक्की मांग लेना।

वह छोटा भाई मंदिर की तरफ चल पड़ा । थोड़े ही समय में वह उसे जंगल में पहुंच गया। तभी उसने देखा कि मंदिर से कुछ ही दूर पर गुफा से बाहर कुछ बौने सब निकले हुए हैं। लेकिन तुरंत वह सभी इस गुफा में वापस चले गए।

उसे समय वे सभी अपने पास के वृक्ष के नीचे की टहनी को खींचकर के अपनी गुफा में ले जाने की कोशिश कर रहे थे। लेकिन उनके लिए यह काम करना बहुत ही कठिन था।

फिर छोटा भाई ने उन बौने से जाकर कहा :ह “आप लोग लाइए मैं इस कहानी को लेकर चलता हूं। जब वह टहनी को उठाए हुए उस गुफा के पास पहुंचा। तो उनके कान में धीमा आवाज सुनाई दिया। ” मुझे बचाओ ”

तभी छोटे भाई ने घबराकर के इधर-उधर देखा ,, उसके पांव के नीचे एक बौना दबा हुआ था। छोटे भाई ने तुरंत उस बौना को उठाया। असल में वह उन सभी बौनो का राजकुमार था।

बौने के राजकुमार ने छोटे भाई के हाथ में मलपुआ ” को देखते ही बोला ” भाई ” तुम यह माल – पुआ मुझे दे दो ! यह हमारा मन पसन्द पकवान हैं। इसके लिए आपको बहुत ही मेहरबानी होगी। इसके बदले में मैं आपको बहुत सारे हीरे – जवाहरात भेट करूंगा।

उस छोटे भाई को बूढ़े द्वारा कहीं हुई बात याद था। उसने वह मालपुआ उस राजकुमार को दे दिया। वह इसके बदले में पत्थर की चक्की का मांग किया। वह बौना के राजा ने अपने राज कुमार की प्रसन्नता के लिए उसे देना स्वीकार कर लिया।

जब वह छोटा भाई चक्की लेकर चलने लगा। तब बौने का राजा ने कहा ” तुम इस पत्थर की चक्की को मामूली सी चक्की मत समझना। यह एक जादुई चक्की हैं। तुम इस चक्की को दाए ओर धूमाने पर तुम जो भी वस्तु मांगोगे इससे मिल जाएगा। और फिर से इससे जैसे ही बाएं तरफ घुमाओगे वह चीज निकलना बंद हो जाएगी।

अब वह छोटा भाई पत्थर की चक्की लेकर के घर आया। उसकी पत्नी भूखी – प्यासी बैठी अपने पति का इंतजार कर रही थी। वह अपने पति को पत्थर की चक्की उठाए ले करके आते हुए देखकर निराश हो गई।

लेकिन उसके पति घर आते हैं उससे बोला कि तुम घर के अंदर जाकर के कपड़ा को बिछा दो। उसकी पत्नी तुरंत घर में गई और एक कपड़ा बिछा दिया। छोटा भाई ने उस चक्की को उस कपड़े पर रखा फिर दाएं और घुमाते हुए कहा कि ” चावल निकालो ”

ऐसा कहने पर चक्की से चावल निकालने लगा ।और थोड़े ही समय में बहुत सारे चावल जमा हो गए। फिर उसने उसे चक्की से दाल मांगा और उसे ज्यादा दाल भी प्राप्त हो गई। उसके बाद से उन्होंने एक-एक करके अपनी आवश्यकता की हर एक चीज मांग लिया और उन्हें सभी चीजें प्राप्त हो गई।

छोटा भाई सोचने लगा ” कि अब मैं तो धनवान हो गया हूं। इसलिए मुझे महल में रहना चाहिए। उसने उस चक्की को दाएं तरफ घुमा करके अपने लिए एक बहुत ही सुंदर महल निर्माण करवाया। फिर से उसे बहुत ही अच्छे तरीके से सजाया।

अब छोटा भाई बड़े ही ठाठ बाट से रहने लगा था। नए साल पर उसने अपने पड़ोसियों तथा अपने सभी मित्रों को दावत पर बुलाया। और सब को दावत पर बड़े ही अच्छे से भोजन कराया। और वह नए साल को बहुत ही अच्छे से धूमधाम से मनाया।

छोटे भाई की ठाठ बाट देख करके उसका बड़ा भाई सोचने लगा। कुछ ही दिन पहले तो यह बहुत ज्यादा गरीब था लेकिन अचानक यह कैसे धनी बन गया। इसके पीछे जरूर कोई रहस्य है। एक दिन बाद भाई उसे महल के अंदर छुप करके बैठ गया।

तभी उसने देखा कि उसका छोटा भाई उस चक्की को घुमा कर बोरे के बोरे गेहूं निकाल रहा था। यह देख करके उसका बड़ा भाई हैरान हो गया। उसे समय वह वहां से वापस चला आया। घर आने के बाद सेवा उसे चक्की को चोरी करने की बात सोचने लगा।

एक रात जब सभी लोग सो रहे थे। तो बड़ा भाई दबे पाव छोटे भाई के घर में घुस गया। उसने उसे पत्थर की चक्की को उठा लिया और तुरंत वहां से लेकर के अपने घर आ गया।

अब बड़ा भाई सोचने लगा कि मैं इस चक्की को लेकर के एक टप्पू पर चला जाऊंगा और वहां पर करोड़पति बन जाऊंगा। यह बात सोच कर के वह अपने पति तथा आप सभी परिवार के सदस्य को लेकर के समुद्र के किनारे गया। अपने पास उस चक्की को लेकर के एक नाव में बैठ गया।

वह घर से चलते समय अपने लिए सब कुछ जरूरी चीजें ले लिया था। लेकिन वह नमक लाना भूल गया था। तब वह नाव पर बैठे हैं।उसे चक्की को घुमाया और नमक पानी के लिए बोला “वह बोलने लगा नमक निकाल नमक निकाल।

और फिर क्या नमक बहुत सारी निकालना प्रारंभ हो गए लेकिन उसे बड़े भाई को उसे चक्की को बंद करना नहीं आता था। वह चक्की चलती गई और नमक निकलता गया। अब उसके नाव में बहुत सारे नमक जमा होकर भारी हो गया। नाव के भारी होने के कारण वे अपने परिवार के साथ उसी समुंदर में डूब गया जिसके कारण समुद्र का पानी आज भी नमक के जैसे खारा होता है।

हमारे भारत में कुछ लोगों का कहना है कि वह चक्की आज भी समुद्र के नीचे इस तरह घूम रहा है जिसके कारण नमक निकालने से समुद्र का पानी खारा हो गया है।

इस Short Story In Hindi कहानी से हमें यह शिक्षा मिलती है कि हमें कभी भी लालच नहीं करना चाहिए और किसी दूसरे की संपत्ति देखकर जलन नहीं चाहिए हमें अपने जीवन में परिश्रम करके आगे बढ़ाने की कोशिश करते रहना चाहिए।

short hindi story with moral

आलस का फल {Motivational Short Story In Hindi}

एक बार की बात है अलगू नाम का एक व्यक्ति था। वह आदमी बहुत ही निकम्मा और आलसी था। वह कुछ भी करना नहीं चाहता था। वह हर समय कम से अपना जान बचाने की कोशिश करते रहता था।

Short Story In Hindi – Top 50+ Best hindi short stories
आलस का परिणाम

यही कारण है कि बहुत बार उसकी पत्नी तथा उसके बच्चे रात को ऐसे ही भूखे सो जाते थे। लेकिन इसके लिए उसको कोई फर्क नहीं पड़ता था।

कई बार तो बबलू की पत्नी उसे डांट थी और भटकाती भी थी। और बहुत ही बार उसे कोसती रहती थी। कि तुम बहुत ही ज्यादा आलसी हो गए हो। दिनभर कुर्सी पर बैठे रहते हो आप क्यों नहीं कोई काम करके पैसा का इंतजाम करते हैं।

लेकिन उसके जवाब में अगले बस यही कहता था। कि मुझे कम करने की कोई भी जरूरत नहीं है। तुम थोड़ा सा इंतजार करो। एक दिन देखना मैं बिना कुछ किया ही इतना अमीर हो जाऊंगा की सभी लोग मुझे देख करके दंग रह जाएंगे।

लेकिन उसकी पत्नी उसे समझाते समझाते थक गई थी कि तुम बिना कोई काम किए कभी भी अमीर नहीं बन सकते हो। एक दिन पगलू ने फैसला किया कि वह किसी बुद्धिमान आदमी से मिलेगा। और यह बात पूछेगा कि मैं एक ही दिन में कैसे अमीर बन सकता हूं।

इसलिए वह एक ऐसे बुद्धिमान आदमी की तलाश में पड़ गया। जो अमीर होने के लिए इसके सभी सवालों का जवाब आसानी से दे सके।

चलते चलते रास्ते में अलगू को एक भेड़िया से मुलाकात हुआ। भेड़िया में बड़ी हुई चालाकी से जवाब दिया कि वहां से क्या आप बता सकते हैं कि आप इस समय कहां जा रहे हैं।

अलगू ने बताया ” मैं किसी अकलमंद आदमी की तलाश में जा रहा हूं। जो मुझे धनी होने का उपाय बता सके। जिससे कि मैं रातों-रात अमीर बन जाऊंगा।

शायद वह अकल मंद आदमी मेरी मदद कर दे। तभी भेड़िए ने कहा कि मैं भी पिछले डेढ़ साल से पेट दर्द से परेशान हूं अगर वह तुम्हें मिले तो मेरे लिए भी कोई दवाई पूछ लेना।

भेड़िया का जवाब देते हुए अलगू ने कहा ” मैं जरुर पूछूंगा। उसके बाद अलगू चार दिन और रात लगातार चलते रहा। फिर उसे कुछ दूरी पर एक सेब का पेड़ दिखाई दिया। अरे महाशय ” जरा ठहरे” आप कहा जा रहे हैं। वह सेब के पेड़ ने पुछा ”

अरे भाई साहब ” मैं किसी ऐसे अकलमंद आदमी की तलाश में जा रहा हूं। जो मुझे एक दिन में अमीर होने का तरीका आसानी से बता दें। जिसे मैं जानकर आसानी से अमीर बनने का उपाय को बता सके। इसलिए मैं रातों – रात अमीर बन जाऊ। और लोग मुझे देख कर आश्चर्य चकित हो जाए। की यह आदमी कैसे इतनी जल्दी अमीर हो गया। यह बात उस इस सेब के पेड़ से अलगू ने बताया।

जिस आदमी की तुम तलाश करने जा रहे हों। शायद वह अकलमंद आदमी मेरी भी मदद कर दे। यह बात अलगू से सेब के पेड़ ने कहा ”

अलगू ने कहा ” क्या भाई तुम्हें किस बात की परेशानी हैं।

” भाई ” हर साल मेरी शाखाओं में फूल बहुत सारे लगते हैं। लेकीन वे सभी फल बनने से पहले ही वे मुरझाकर नीचे गिर जाते हैं। तुम उस बुद्धिमान व्यक्ति से यह बात जरुर पूछना की मेरे पेड़ पर फल कैसे लगेंगे।

अलगू ने जवाब देते हुए कहा ” ठीक है सेब भाई मैं आपके सवालों का जवाब जरुर पूछूंगा।

फिर अलगू पांच दिन तक दिन रात चलता रहा। तब वह रास्ते में एक झील के पास पहुंचा। उस झील में से एक मछली ने झील के पानी में से अपना थोड़ा सा मुंह और कहने लगी। ” महाशय ” आप कहा जा रहे हैं। कृपया मुझे बता सकते है।

अलगू ने कहा ” मैं किसी अकलमंद आदमी की तलाश में जा रहा हूं जो मुझे बहुत जल्दी अमीर होने का उपाय बता सके। इसलिए मैं रातों – रात अमीर आदमी बन जाऊ। और लोग यह देख आश्चर्य चकित हो जाए।

शायद वह अकलमंद आदमी मेरी मदद करें। मछली बोली अगर आप को वह अकलमंद आदमी मिल जाए तो मेरा भी एक सवाल पूछ लेना।

अलगू ने कहा ” मछली रानी तुमको किस बात का कष्ट हैं।

वह मछली ने जवाब दिया ” भईया मैं पिछले 10 महीना से अपने गले के दर्द से परेशान हो गया हूं। आप कृपया करके उनसे पूछना मैं कैसे अच्छा हो सकता हूं। मछली ने अपना यह परेशानी बताया।

अलगू ने कहा ” ठीक है मछली रानी मैं तुम्हारे इस परेशानी को उस अकलमंद आदमी से जरुर पूछूंगा।

फिर से अलगू 2 दिन तक वह दिन– रात चलता रहा। लेकीन इस बार उसे एक बूढ़ा आदमी मिला।

वह बूढ़ा आदमी ने कहा ” बेटा अलगू ” तुम्हे क्या परेशानी हैं। और तुम मुझसे क्या पूछना चाहते हों।

बूढ़े आदमी की इस तरह बात पूछते देख अलगू बहुत हैरान हो गया। अलगू अब थोड़ा मुस्कुराते हुए कहा ” आपको मेरा नाम कैसे पता चला ” महाशय ”

वह बूढ़ा आदमी ने कहा ” मै तुम्हें अच्छी तरह जानता हूं। तुम जिस आदमी की तलाश कर रहे हो। जिसकी तलाश करते हुए। तुम यहां पर आए हुए हों। मैं वहीं अकलमंद आदमी हूं।

उस बूढ़े आदमी की बात सुनकर अलगू बहुत ही हुआ वह बूढ़ा आदमी ने बताया कि तुम यहां क्यों आए हो उसने उसे भेड़िया से के पेड़ और मछली के बारे में भी बताया।

बुड्ढा आदमी ने कहा ” मेरी एक बात ध्यान से सुनो बुद्धिमान आदमी ने कहा कि उस मछली के गले में एक बहुत बड़ा मोती फंसा हुआ है अगर वह मोती निकाल दिया जाए तो वह ठीक हो जाएगी।

जहां तक सेव के पेड़ की बात है ।तो उसके नीचे मिट्टी में सोने का कलश दबा हुआ है उस कलश को निकाल देने पर उस पर फल लगने शुरू हो जाएगा।

और रही बात अब भेड़िया की अगर वह सबसे पहले मिलने वाले आलसी आदमी को मार कर खा जाए तो वह हमेशा के लिए इस डर से छुटकारा प्राप्त कर सकता है।

और महाशय जी आपने मेरे लिए क्या उपाय सोचा इसका जवाब लोगों ने उस बुड्ढे आदमी से पूछा

जो तुम मुझे चाहते हो वह तुझे मैं पहले ही दे चुका हूं वह बूढ़ा आदमी ने कहा जब तुम निश्चित होकर अपने घर जा सकते हो जो तुम चाहते हो वह तुम्हें मिल जाएगा।

कृपया तुम उस मूर्ति को निकाल दो । मछली ने कहा ” वह मोती तुम ही रख लेना।

वह आदमी ने कहा ” मैं तुम्हारे लिए क्यों परेशान हूं मैं तो बिना कुछ काम किए ही अमीर आदमी बनना चाहता हूं।

जब आलू आगे बढ़ा तो उसे से का पेड़ मिला तो से के पेड़ ने पूछा कि हमारे लिए वह बुद्धिमान व्यक्ति ने क्या बताया।

फाल्गुनी जवाब देते हुए कहा कि तुम्हारी जड़ों के पास मिट्टी में एक सोने की कलश दबा हुआ है । अगर उसे बाहर निकाल दिया जाए तो तुम ठीक हो जाओगे और बहुत ही अच्छे अच्छे फल देने लगेंगे।

सेब का पेड़ ने जवाब देते हुए कहा कि तुम उसे खजाने को निकाल दो और उसका सारा सोना तुम अपने ही पास रख लेना।

अलगू ने जवाब दिया ” कि मैं तुम्हारी वजह से परेशान नहीं हो सकता मैं तो बिना कोई काम किए ही अमीर होना चाहता हूं ।

यह बात कहते हुए वह आगे बढ़ गया। आगे जाने पर उसे भेड़िया मिला वह भेड़िया ने पूछा कि तुम से वह अकलमंद व्यक्ति ने क्या कहा ” जो मैंने आपसे प्रश्न किए थे।

फिर अलगू ने बताया ” जो तुम्हें सबसे पहले आलसी आदमी मिले तुम उसे खा लेना उसे कहते हैं तुम हमेशा – हमेशा के लिए अपने दर्द से मुक्त हो जाओगे।

भेड़िया की आवाज सुनकर के बहुत ही ज्यादा खुश हुआ और उसने और उससे पूछा कि आप बस यह बता दो कि आपने रास्ते में क्या-क्या देखा और क्या-क्या सुना ?

फाल्गुनी उसे पेड़ तथा उस सेव के बारे में बताया उसने कहा कि मैं उनके लिए उनका भला क्यों करूं मैं क्यों परेशान होता हूं ।मैं तो बिना कुछ किए ही अमीर बनना चाहता हूं।

अलगू किया सारी बात सुनकर के वह भेड़िया बहुत ही हैरान हुई उसने मन ही मन सोच इससे ज्यादा आलसी और कौन हो सकता है इसलिए वह भेड़िया ने तुरंत उसे आदमी पर टूट पड़ा और उसे मार करके खा गया।

कहानी का शिक्षा

इस Motivational Short Story In Hindi कहानी से हमें यह शिक्षा मिलती है कि किसी को भी अपने काम से ज्यादा आलस नहीं करना चाहिए क्योंकि अगर वह आदमी आलस करता है तो उसका परिणाम बहुत ही बुरा होता है जैसे कि आपने कहानी में अलगू की आलसीपन के कारण वह अमीर बनते बनते उसे भेड़िया का शिकार हो गया।

stories in hindi written

सोने का प्याला {Motivational Short Story In Hindi}

बहुत समय पहले की बात है भोलापुर नामक गांव में एक संतु सरदार रहता था वह अपनी काबिले की जाति का था वह जहां पर रहता था वहां की मीठी अब धीरे-धीरे बहुत ही बंजर हो गई थी।

Short Story In Hindi – Top 50+ Best hindi short stories
सोने का प्याला

इसलिए एक दिन उसने निश्चय किया कि उसने अपने काबिले के लोगों को किसी दूसरे स्थान पर ले जाने का फैसला किया। जहां पर उस खेत की मिट्टी बहुत ही उपजाऊ हो।

लेकिन वहां पर जाना उसके लिए यात्रा बहुत ही लंबी और कठिन भी था इसलिए रास्ते में काफी मुश्किलों का सामना करना भी पड़ सकता था

संत ने कहा ” हमारे गांव में जितने भी बुड्ढे लोग हैं उन्हें अभी इसी स्थान पर छोड़ दिया जाए वह इतनी लंबी यात्रा कठिन करने में सक्षम नहीं होंगे और साथ ही साथ हम लोगों पर बोझ भी बन जाएंगे।

इस बात को सुनकर के लोग बहुत ही दुखी हुए। लेकिन उन्हें जो कहा गया था वही करना था लेकिन सुरेश इन सबसे कुछ अलग सोच रहा था।

उसने कहा मैं अपने बुड्ढे पिता को इस स्थान पर कभी नहीं छोडूंगा। इसलिए उसने अपने बुड्ढे पिता को एक बोरे में बंद कर दिया और दूसरे लोगों के साथ चल दिया। काफी लंबे समय तक चला उनका सफर चलते रहे।

बहुत दूर के बाद वह एक झील के किनारे पहुंच गए वह झील तीन तरफ से पहाड़ों से गिरी हुई थी ।तब संतु ने आदेश दिया कि हम लोग आज यही पर अपनी दिन बिताएंगे ।और फिर से अपने एक आदमी को पानी लाने के लिए भेजा।

उस झील का पानी बहुत ही साफ था जैसे ही वह व्यक्ति जल लेने के लिए उस झील में झुका ।तभी उसे अचानक जल की सतह पर नीचे प्याला दिखाई पड़ा। उसने यह बात करके अपने सरदार संतु को बताया।

संतु ने कहा ” मुझे किसी भी हाल में वह प्याला चाहिए। इसलिए वह आदमी ने उस जल में डुबकी लगा दी काफी देर तक सभी लोग उसका इंतजार करते रहे लेकिन यह व्यक्ति दोबारा पानी से बाहर नहीं आया।

उसके बाद से उसे प्याले को पाने की इच्छा में उस दिल में एक के बाद एक आदमी डुबकी लगाते जा रहे थे। लेकिन उनमें से कोई भी आदमी दोबारा ऊपर लौट करके नहीं आ रहा था। लेकिन अब सुरेश का बारी आया। वह उसे तालाब में जाने से पहले यह बात अपने पिता को बताने पहुंचा।

रुक जाओ सुरेश “उसके पिता ने कहा ” वह सुनहरा प्याला तालाब की पानी में नहीं बल्कि पहाड़ी की चोटी पर है। झील में जो दिखाई दे रहा है वह उस प्याले का प्रतिबिंब है। इसलिए मेरे बेटे : मेरे सोना ” तुम इस झील में डुबकी नहीं लगाओ । तुम पहाड़ियों पर चढ़ जाओ।

सुरेश अपने पापा का कहना मानते हुए वह पहाड़ी की चोटी पर पहुंच गया और वहां से सोना का प्याला उतारा।

उस प्याला को देख कर सरदार बहुत ही खुश हुआ। अब सरदार उसकी प्रशंसा करते हुए कहा कि तुम बहुत ही ज्यादा बहादुर हों जो तुम इस प्याले को हम तक लेकर आए। लेकीन यह बात बताओं ? तुम यह बात बताओं तुम्हें यह प्याले कैसे मिला।

सुरेश ने कहा ” सरदार यह प्याला उस पहाड़ के उपर था। इस झील के अंदर नहीं था। इसलिए मैं इस तालाब में डुबकी नहीं लगाकर पहाड़ पर चढ़ा और यह प्याला मुझे मिल गया।

सरदार बहुत ही खुश हुआ। फिर अगले दिन वे लोग अपनी यात्रा के लिए चलना शुरु किया। बहुत देर चलने के बाद वे लोग एक रेगिस्तान में पहुंच गए। अब वो सब लोग काफी थक गए थे। ओर उन्हें प्यास भी लग रहा था।

सरदार ने कहा ” आज हम लोग यही पर अपनी यात्रा का ठहराव करते हैं। कल फिर से चलना प्रारंभ करेगें। सरदार ने अपने आदमी को पानी भरने के लिए कहा ” लेकीन किसी को भी पानी नहीं मिल पाए।

अब प्यास से व्याकुल होकर सुरेश अपने पापा के पास गया और बोला ” पापा” अब हमें क्या करना चाहिए। हम सभी लोगों को बहुत ही तेजी से प्यास लगी है।

तब सुरेश के पिता ने कहा ” बेटा कोई ढाई साल के गाय लो। और उसे इस रेगिस्तान में खुला छोड़ दो। यह गाय जहा पर जाकर सूंघने लगे। तुम लोग वहा पर खुदाई कर पानी निकाल लेना।

यह बात को सुनकर सुरेश ने सरदार से जाकर कहा ” सरदार जी मैं कोशिश करूं। सुरेश ने सरदार के ढाई साल की गाय को खोलकर छोड़ दिया। मना कर दिया कोई भी उसे नहीं पकड़ेगा।

वह गाय कुछ दूर चलने के बाद एक जगह पर रुक गई और सूंघने लगी। सुरेश ने सरदार को वह जमीन पर खुदाई करने के लिए बोला।

सरदार के आदमी जैसे ही थोड़ा सा इस जगह पर खुदाई किए। तभी अचानक वहा से बहुत ही ज्यादा साफ और स्वच्छ पानी निकलने लगा। यह देख कर के सरदार बहुत ही ज्यादा खुश हुआ। वे सभी लोग पानी को देखकर के उछल पड़े।

तब सरदार ने सुरेश को अकेले में बुलाकर के ” पूछा ” क्या तुम बता सकते हो कि तुम्हें यहां पर पानी होने का पता कैसे चला।

सुरेश ने बड़े ही चालाकी से हंसते हुए अपने सरदार को कहा कि सरदार यह तो हमारी किस्मत की बात है। मैंने तो केवल अंदाजा लगाया था। यहां पर पानी हो सकता है और किस्मत से पानी मिल भी गया।

सभी लोगों ने मन भर पानी पिया और कुछ लोगों ने आगे की रास्ता के लिए भी पानी अपने पास रखा

और फिर वह सब यात्रा के लिए निकल पड़े। चलते चलते सभी लोग एक ऐसे स्थान पर पहुंच गए थे। जहां सब कुछ खुला था। फिर सरदार ने इसी जगह पर अपना रात को ठहरने का निश्चय किया।

सभी लोग उस क्षेत्र में अपना अपना पड़ाव डाल के खाना बना करके सो गए रात को मध्य धीमे-धीमे तारे दिख रहे थे। तभी अचानक आधी रात को बहुत ही तेज हवा चला और तेजी से बारिश होने लगी उनके द्वारा जलाए गए सभी आग बुझ गए वे लोग आग जलाने की कोशिश कर रहे थे लेकिन नहीं जल रहा था।

बारिश अधिक होने के कारण लोग भीग चुके थे उन लोगों को ठंडी लग रही थी तभी अचानक उन लोगों को पहाड़ी के उस तरफ आग जलती हुई दिखा। सरदार ने अपने लोगों को आदेश दिया कि जाओ वहां से आग लेकर के आओ।

सरदार की आज्ञा का पालन करते हुए । वे सभी आग लाने की कोशिश करने लगे लेकिन आगे इधर आते वक्त बारिश के कारण बुझ जा रहा था। यह देखते ही वह सुरेश अपने पिता के पास गया और उनसे सारी बातें बताई।

सुरेश के पिता ने कहा बेटा घबराने की कोई बात नहीं तुम पड़ाव में से प्याले लेकर के जाओ और ऊपर से ढक्कन रख करके वहां से आज का टुकड़ा लेकर के आना और फिर यहां पर आग जला देना।

यह बात सुनते ही सुरेश तुरंत पड़ाव से ढक्कन वाला प्याला लिया।और पहाड़ी के उसे तरफ से एक आग का गोला लेते आया ढककर और फिर से यहां आज को जला दिया।

जली हुई आग से सभी लोगों ने अपनी ठंड को भागने के लिए आग के सामने बैठ गए।और उसी आग से उसे दिन उन सभी लोगों ने खाना भी बनाया। सभी लोग सुरेश की इस होशियारी पर बहुत ही ज्यादा खुश थे।

तब सुरेश को सरदार ने बुलाया और उसकी प्रशंसा करते हुए कहा कि ” बेटा ” तुम बहुत ही ज्यादा होशियार हो। सुरेश ने जवाब दिया सरदार में कोई होशियार नहीं हूं। होशियार तो मेरे पिताजी हैं।

पिताजी का नाम सुनते ही सरदार चौक गया और उसने पूछा कि तुम्हारे पिताजी यहां पर कहां से आ गए।

सुरेश ने पूरी बात सरदार को बताते हुए कहा ” सरदार जी मुझे यह बात बिल्कुल पसंद नहीं कि बुढ़ापे में मेरी पिताजी मेरे से अलग हो जाए इसलिए मैं उन्हें अपने साथ ले कर के आया हूं।

मुझे जब भी समस्या पड़ी ।मैं अपने पिताजी से सलाह लिया ।और उन्होंने सभी सवालों का उत्तर बड़े ही समझदारी से दिया। इसलिए मैं यह सभी काम आसानी से कर पाया।

सरदार सुरेश की बात को सुनकर के कुछ देर के लिए खामोश हो गया और फिर से सुरेश को पिता को बुलाया। उसने कहा “” कि पिताजी मुझे इस बात का बहुत ही ज्यादा अफसोस है।

सरदार ने कहा ” मेरा सोच बहुत ही गलत था बूढ़े लोग बोझ नहीं होते हैं। वे लोग तो अच्छे और बड़े ही अकलमंद के होते हैं। हमें उनके प्यार और उनकी अच्छी सलाह की हमेशा जरूरत पड़ती है। आप मुझे माफ कर दीजिए।

फिर सरदार ने अपने जवान सैनिकों को सभी बूढ़े लोग को लाने के लिए आदेश दिया। जिन्हे सरदार ने पिछे छोड़ा था। ओर भविष्य में उन्हे सम्मान और इज्ज़त देने का फैसला किया।

इस Motivational Short Story In Hindi कहानी से हमें यह शिक्षा मिलती है कि हमे अपनों से बड़े लोगों की बात माननी चाहिए। और उनका हमेशा सम्मान और इज्ज़त करना चाहिए।

hindi short stories with moral

कटहल का पेड़ {Motivational Short Story In Hindi }

बीरबल राज्यसभा के साथ-साथ उन्हें प्रकृति के साथ भी बहुत ज्यादा प्रेम था इसलिए बीरबल रोजगार में बगीचे में धूम करते थे तभी उनकी मुलाकात एक बाबूराम नामक माली से बहुत बनती थीं।

Short Story In Hindi – Top 50+ Best hindi short stories
कटहल का पेड़

एक दिन बीरबल बगीचे में घूम रहे थे तभी बम बाबूराम के रोने की आवाज आती है।

यह देख करके बीरबल उनसे पूछते हैं ” क्या हुआ बाबूराम तुम क्यों रो रहे हो।

बाबूराम ने रोते हुए कहा ” मंत्री जी मैं 15 सालों से अपने बुढ़ापे के समय के लिए कुछ पैसे इकट्ठा करके रखा था और उसे एक मटके में भरकर इस पेड़ के नीचे गढ़ दिया था।

लेकिन अब मटका यहां पर नहीं मिल रहा है अब मैं क्या करूं। बीरबल कहते हैं तुमने अपना मटका यहां पर क्यों गाड़ दिया था। तुम तो उस मटके को अपने घर पर भी तो रख सकते थे।

फिर बाबूराम ने रोते हुए जवाब दिया ” मंत्री जी मैंने सोचा यहां पर गढ़ देता हूं यहां पर तो कोई आता जाता भी नहीं है इसलिए कोई चुरा नहीं पाएगा। वैसे भी मैं अपना सारा वक्त यही पर बताता हूं। जिसकी वजह से मेरी नजर हर समय इसी पेड़ पर रहती थी।

बीरबल ने जवाब दिया ” क्या तुम्हें किसी पर शक है।

बाबूराम जवाब देता है ” नहीं मंत्री जी

बीरबल ने कहा ” क्या तुमने इससे पहले किसी को बताया है इसके बारे में या फिर तुम्हें पैसे रखते समय कोई देखा हो। रामबाबू ने उदास होकर जवाब दिया ” नहीं मंत्री जी मैंने किसी को नहीं बताया है।

बीरबल ने कहा ” ठीक है तुम चिंता मत करो ” सब ठीक हो जाएगा ,बस तुम अब अपने घर जाओ।

तभी बीरबल अपने मन में सोचता है। इस बगीचे में तो केवल मंत्रियों का आना-जाना है। और बाबूराम ने किसी को बताया भी नहीं है। तो कोई बिना काम के इस पेड़ के नीचे क्यों खो देगा ।और वह भी पेड़ कटहल का है।

(कोई वैद्य हकीम दवा के लिए इस पेड़ के नीचे खुदाई कर सकता है)

इस बात को लेकर के अगले दिन बीरबल अकबर के सामने पहुंचे ” बीरबल ने कहा ” कि महाराज मैं अपने मंत्रियों से कुछ सवाल पूछ सकता हूं उन्होंने जवाब दिया, हां, हां जरूर पूछ सकते हो।

बीरबल ने कहा ” क्या आप लोगों में से पहले कोई बीमार था। जिसे कोई किसी भी प्रकार की दवा लिया हो।

तभी उन सभी मंत्रियों में से एक मंत्री बोला हां बीरबल जी मेरे गले में कुछ दिनों से दर्द था ।जिसकी वजह से मैंने कुछ काढ़ा पिया है।

तब बीरबल ने पूछा की काढ़ा बनाने के लिए जड़ी बूटियां कहां से आई थी । वह मंत्री ने जवाब दिया की कथा बनाने के लिए जड़ी बूटियां मेरी पत्नी मायके से लाई हुई थी।

तभी दरबार से दूसरे मंत्री ने खड़ा हुआ और कहा : ” बीरबल जी ” मेरे पेट में एक दिन दर्द हो रहा था । तो एक हकीम ने मेरे लिए जड़ी – बूटियां ला करके दिया। उस जड़ी – बूटी से में लगभग दो दिन में स्वस्थ हो गया।

तभी अकबर ने जवाब दिया ” बीरबल मुझे कुछ समझ में नहीं आ रहा है कि तुम इस समय कर क्या रहे हो ?

बीरबल ने जवाब दिया ” महाराज ” मैं आपको बाद में सब कुछ बता दूंगा। अकबर ने कहा ठीक है । जैसी तुम्हारी इच्छा हो जैसा तुम कहो !

तब बीरबल ने कहा कि क्या आप लोग अपने हकीम को बुला सकते हैं। तब मंत्रियों ने जवाब दिया ” हां जी मैं बुला सकता हूं।

(दरबार के सभी हकीम को पेश किया जाए)

बीरबल ने हकीम से कहा ” मेरे पेट में लगभग दो साल से बहुत ही तेजी से दर्द हो रहा है। क्या आप मेरे लिए कुछ दवा दे सकते हैं। मैंने आपके बारे में बहुत ही ज्यादा सुना है। क्या आप मेरे लिए अच्छी दवाइयां दे सकते हैं।

हकीम ने कहा ” मंत्री जी मैं आपके लिए इतना अच्छा दवा दूंगा कि वह दो दिन में ही आपकी कब्ज को सही कर देगा।

जिस कब्ज से मैं इतने दिनों से परेशान हूं । क्या वह वास्तव में इतनी जल्दी सही हो सकता है। आप इस दवा के लिए कौन सी जड़ी बूटियां का इस्तेमाल करते हैं।

हकीम ने कहा ” वैसे तो मैं यह दवा किसी को भी नहीं बताता हूं । लेकिन जब आप पूछ रहे हैं इसलिए मैं आपको बता सकता हूं। इस दवा को बनाने के लिए हमें एक खास चीज की जरूरत पड़ती है। कटहल के पेड़ के जड़ का अर्क की जरूरत होती है।

बीरबल ने कहा ” कटहल के पेड़ का अर्क यानी मुझे अब बहुत ही ज्यादा इंतजार करना पड़ सकता है। क्योंकि आपको इस पूरे राज्य में कटहल का पेड़ कहीं पर भी नहीं मिलेगा।

हकीम ने कहा ” मंत्री जी चिंता करने की कोई बात नहीं है। एक कटहल का पेड़ हमारे राजा साहब के बगीचे में उपस्थित है।

बीरबल ने कहा ” हकीम मैं तुम्हें एक लास्ट समय दे रहा हूं। सच बोलने का बाबूराम के पैसे जो तुमने कटहल के नीचे से चुराई हो जो गड़ा हुआ था। वह उसे बगीचे का माली है।

हकीम ने कहा ” मंत्री जी मैंने जब जड़ी बूटी की जरूरत के लिए वहां पर कटहल के पीछे खुदाई किया तो मुझे वहां पर एक पैसों से भरा हुआ। घड़ा मिला जो बहुत ही पुराना था। मुझे लगा था शायद कोई भूल गया होगा।

मुझे माफ कर दीजिए ” आगे से मैं कभी भी ऐसा नहीं करूंगा।

बीरबल ने कहा ” महाराज ” हकीम को माफ किया जाए क्योंकि इन्होंने पूरी सच्चाई बोली है।

अकबर ने कहा ” ठीक है ” तुम कहते हो तो हम इन्हें माफ कर देते हैं।

फिर बीरबल बाबूराम से पूछते हैं ? तुम्हारे मटके में कितने पैसे थे ? मंत्री जी उसमें लगभग 70 सोने के सिक्के जमा थे।

बीरबल ने कहा तुम्हारी इस बेवकूफी की वजह से तुमको केवल 60 सोने की सिक्का दिया जाएगा और 10 सोने का सिक्का हाकिम को सच्चाई बताने के लिए और पैसे वापस करने के लिए प्रदान किया जाएगा।

short hindi stories moral

आईना झूठ नहीं बोलता  {Motivational Short Story In Hindi}

महेशपुर गांव में एक लड़की थी। उसे छोटी लड़की का नाम तामवती था।

वह बहुत ही गुस्से करने वाली लड़की थी।बार-बार छोटी-छोटी बातों पर भी गुस्सा हो जाती थी। उसकी मां ने हमेशा उसे समझती रहती थी। बेटा तामवती इतना गुस्सा करना अच्छी बात नहीं होती है।

Short Story In Hindi – Top 50+ Best hindi short stories
आईना झूठ नहीं बोलता

लेकिन फिर भी उसके स्वभाव में कोई बदलाव नहीं हो रहा था। एक दिन तामवती स्कूल से मिले हुए काम को बनाने में व्यस्त थी। तभी उसने देखा कि उसके टेबल पर फूलों से सजा हुआ एक बहुत ही अच्छा पॉट था।तभी उसके छोटे भाई का हाथ उसे पॉट से टकरा जाता है।और वह नीचे गिर के कई टुकड़ों में विभाजित हो जाता है।

फिर क्या ” तामवती गुस्से से पूरी तरह बौखला गई। तभी उसकी मां ने बड़े ही चालाकी से एक आईना ला करके उसके सामने रख दिया। अब गुस्से से भरी हुई तामवती ने अपनी शक्ल आईना में देखा। जो कि गुस्सा करने पर वह बहुत ही खराब लग रही थी।

तामवती अपना ऐसा बिगड़ा हुआ चेहरा देखते ही उसका गुस्सा पूरी तरह से गायब हो गया। तब उसकी ” मां ने कहा ” देखा तामवती ” गुस्सा करने पर तुम्हारी शक्ल कितनी गंदी दिखती है। क्योंकि आईना कभी झूठ नहीं बोलता है।

अब तामवती को पता चल गया था । कि गुस्सा करना कितनी गलत बात होता है तभी उसने गुस्सा न करने का वादा अपने जीवन में लिया और कहा मैं प्रण करती हूं कि आज के बाद से मैं किसी पर भी किसी भी तरह का गुस्सा नहीं करूंगा।

moral story in hindi in short

कैसे मिला छिपा खजाना {Motivational Short Story In Hindi}

बहुत समय की बात है। एक वृद्ध आदमी अब धीरे-धीरे अपनी मृत्यु के कगार पर था। तथा उसके पुत्र बहुत ही आलसी थे । वह वृद्ध आदमी ने सोचा मेरी मृत्यु के बाद मेरे पुत्रों का क्या होगा।

Short Story In Hindi – Top 50+ Best hindi short stories

उसने अपने सभी पुत्रों को बुलाया और कहा ” मैं मैदान में एक बहुत ही बड़ा खजाना गाड़ दिया है। आप कुछ ही दिन बाद उसे वृद्ध आदमी की मृत्यु हो गई। तब उसे वृद्ध आदमी के पुत्रों ने उसे मैदान में खजाना खोजने का बहुत ही प्रयत्न किया। लेकिन उसे पाने में असफल रहे।

तब गांव के एक बुड्ढे आदमी द्वारा उन्हें खेत में बीज बोने की सलाह पर उन्होंने कुछ बीज उसमें डाल दिया। कुछ समय के बाद उन्हें उसे खेत में बहुत ही अच्छी गेहूं की फसल मिली। उन सभी पुत्रों को यह सोने की तरह लग रहा था। यही उसे वृद्ध आदमी के द्वारा छिपा हुआ खजाना था।

hindi short story moral

कछुआ और खरगोश की कहानी {Short Story In Hindi}

बहुत समय पहले की बात है पावर नामक जंगल में एक कछुआ और खरगोश रहते थे। एक दिन दोनों टहलते टहलते एक दूसरे के सामने मिल गया। दोनों ने दौड़ लगाने का फैसला किया।

Short Story In Hindi – Top 50+ Best hindi short stories
कछुआ और खारगोश की कहानी

खरगोश को अपने तेज दौड़ने पर बहुत ही विश्वास था। इसलिए खरगोश बहुत तेज भागा। और कछुआ अब काफी पीछे रह गया था और बहुत दूर उसे दिखाई पड़ता था। जब खरगोश ने कछुआ को आपने बहुत ही पीछे देखा तो सोचा कि क्यों ना मैं थोड़ी देर के लिए एक झपकी मार लेता हूं।

खरगोश एक पेड़ के नीचे आराम करते-करते सो गया। इसी समय कछुआ वहां पर पहुंचा तो देखा, खरगोश सो रहा था। खरगोश को सोता हुआ देख कछुआ बहुत ही खुश हुआ। और कछुआ अपना धीरे-धीरे चलने की शक्ति बढ़ा दिया अनिश्चित किए गए विजय की सीमा पर पहुंच गया।

तभी अचानक खरगोश की नींद खुली उसने पीछे देखा तो कछुआ दिखाई नहीं दिया और आगे देखा तो आप कछुआ जितने ही वाला था इसलिए खरगोश से पहुंचने से पहले कछुआ जीत चुका था।

इस Motivational Short Story In Hindi कहानी से हमें यह शिक्षा मिलती है कि हमें कभी भी घमंड नहीं करनी चाहिए हमें सफलता पाने के लिए निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए।

short hindi moral stories

आदमी का एहसान शेर ने चुकाया Motivational Short Story In Hindi}

एक समय की बात है एक बहुत ही निर्दयी मालिक था। जो अपने एक आदमी को गुलाम बना करके उससे सभी काम करवाता था। उस आदमी का नाम कोमल था। कोमल अपने मालिक से परेशान होकर के जंगल में चला गया।

Short Story In Hindi – Top 50+ Best hindi short stories
आदमी का एहसान शेर ने चुकाया

कोमल को जंगल में एक शेर दिखाई दिया । शेर दर्द से बहुत ही ज्यादा परेशान होता था। कोमल ने देखा कि उसके पंजे में एक काटा गड़ा हुआ है। वाह कोमल देखती हु शेर के पास गया और उसका कांटा निकाल दिया अब शेर को धीरे-धीरे राहत मिल गई ।और दर्द भी गायब हो गया।

एक दिन कोमल को उसके मालिक ने पकड़ लिया। उसके मालिक ने उसे एक बहुत ही भूखे शेर का सामना करने का आदेश दिया। कोमल समझ चुका था कि अब मेरा मृत्यु निश्चित है।

लेकिन कुछ गजब ही हुआ। वह शेर बहुत ही तेजी से दहाड़ता हुआ या और कोमल इधर कांपने लगा। वह शेर कोमल को देखा तो उसे नहीं मारा ।लेकिन उसके मालिक को मार कर खा गया। जिसका जान कोमल ने बचाई थी।

Motivational Short Story In Hindi

होशियारी काम आई {Motivational Short Story In Hindi}

एक सुरेंद्र नाम का आदमी था ।वह बहुत ही गरीब था। वो टोपी बेच करके अपना गुजारा करता था। एक दिन टोपी बेचने वाला आदमी एक जंगल से गुजर रहा था। और दोपहर का समय भी हो सकता था।

Short Story In Hindi – Top 50+ Best hindi short stories
होशियारी काम आई

एक पेड़ के नीचे जाकर बैठ गया थकान की वजह से वह उस पेड़ की छांव में बहुत ही ठंडी हवा चल रही थी। इसलिए उसे नींद आ गया उसी पेड़ में कुछ बंदर नीचे उतारा है और उसकी सभी टोपी एक – एक ले करके चले गए ।

जब वह टोपी बेचने वाले की आंख खुली तो वह अपनी टोक्यो को टोकरी में नहीं पाया फिर उसने देखा कि पेड़ पर सभी बंदर उसकी टोपी लिए हुए पहने हुए हैं फिर उसने दिमाग लगाया और अपने सिर की टोपी निकाल कर नीचे फेंक दिया ।

जब बंदर ने यह हरकत देखी तो उनकी दिमाग में आया और वह सभी अपनी अपनी टोपी नीचे फेंक दिया आखिरकार टोपीवाले की होशियारी काम आई और उसने सारी टोपिया वापस मिल गई वह उन सभी को इकट्ठा किया और फिर अपनी यात्रा पर निकल गया दूसरे गांव में और वहां पर अपनी टोपिया बेच दिया।

a Motivational Short Story In Hindi

कौवा और चालाक लोमड़ी की कहानी {Motivational Short Story In Hindi }

एक बार की बात है एक कौवे को रोटी का टुकड़ा मिला। इसे वह अपनी सोच में दबा रखा था। और उठकर के एक पेड़ पर बैठ गया।

Short Story In Hindi – Top 50+ Best hindi short stories
कौवा और चालाक लोमड़ी की कहानी

अचानक एक लोमड़ी वहां आई तो उसने कौवे की चोंच में वह रोटी को देखा लोमड़ी वह बहुत ही चालक थी उसने कौवे से कहा आपकी आवाज बहुत ही अच्छी और प्यारी है ।

” कृपया गीत गाकर के सुनाएं मूर्ख का वह अपनी तारीफ सुनकर के बहुत ही खुश हुआ और गाने के लिए जैसे ही मुंह खोल रोटी का टुकड़ा नीचे गिर गया लोमड़ी रोटी का टुकड़ा उठा लिया और कौवा मूर्ख बन गया।

इस Motivational Short Story In Hindi कहानी से हमें यह शिक्षा मिलती है कि हमें कुछ भी बोलने से हमें यह बात जरूर ध्यान रखना चाहिए कि इससे हमें नुकसान होगा या फायदा होगा।

सभी टाइटल पर लिंक लगा है क्लीक करें 

story writing in hindi

stories writing in hindi

write a story in hindi
stories in hindi writing
written story in hindi
story in hindi written
story in hindi with writing
short moral stories in hindi
short moral stories in hindi for class 8

Motivational Short Story In Hindi

Motivational Short Story In Hindi

Motivational Short Story In Hindi

Motivational Short Story In Hindi

शॉर्ट मोरल स्टोरी इन हिंदी

एकता में बल

एक समय की बात है एक बहुत ही वृद्ध आदमी था। उसके चार बेटे भी थे। वह वृद्ध आदमी अपने बेटों को लेकर के बहुत ही चिंतित रहता था। क्योंकि उसके सभी बेटे एक दूसरे के बहुत ही विरोध करते थे और आपस में हमेशा लड़ते झगड़ते रहते थे।

एक दिन वह वृद्ध आदमी उन सभी को अपने पास बुलाया और सभी लड़कों को एक एक टुकड़ा दिया। और कहां कि तुम लोग इसे तोड़ दो। सभी ने उसे लकड़ी के टुकड़े को एक ही झटके में तोड़ दिया।

फिर बूढ़े ने उन्हें लाठी के कुछ टुकड़ों को इकट्ठा कर एक साथ बांध दिया। और सभी बच्चों को तोड़ने के लिए कहा ” सभी ने प्रयास किया। लेकीन नहीं टूटा तब उन्हे एकता में बल होने का एहसास हुआ। वे सभी मिलजुल करके रहने लगें।

इस कहानी से हमें यह शिक्षा मिलती है कि अगर आप एक – दूसरे से मिलजुल करके रहेंगे। तो कोई भी संकट आप पर आसानी से नहीं पहुंच सकते है। आप का परिवार भी बहुत ही अच्छी विकास करेगा इसलिए मिलजुल करके रहने चाहिए।

Motivational Short Story In Hindi for class 5

Motivational Short Story In Hindi and english

Motivational Short Story In HindiMotivational Short Story In HindiMotivational Short Story In HindiMotivational Short Story In HindiMotivational Short Story In HindiMotivational Short Story In HindiMotivational Short Story In HindiMotivational Short Story In Hindi
Motivational Short Story In HindiMotivational Short Story In HindiMotivational Short Story In Hindi
Motivational Short Story In HindiMotivational Short Story In HindiMotivational Short Story In HindiMotivational Short Story In HindiMotivational Short Story In HindiMotivational Short Story In HindiMotivational Short Story In HindiMotivational Short Story In HindiMotivational Short Story In HindiMotivational Short Story In HindiMotivational Short Story In HindiMotivational Short Story In HindiMotivational Short Story In HindiMotivational Short Story In Hindi
Motivational Short Story In HindiMotivational Short Story In HindiMotivational Short Story In HindiMotivational Short Story In HindiMotivational Short Story In HindiMotivational Short Story In HindiMotivational Short Story In HindiMotivational Short Story In Hindi
Motivational Short Story In HindiMotivational Short Story In HindiMotivational Short Story In Hindi
Motivational Short Story In HindiMotivational Short Story In HindiMotivational Short Story In HindiMotivational Short Story In HindiMotivational Short Story In Hindi
Motivational Short Story In HindiMotivational Short Story In HindiMotivational Short Story In HindiMotivational Short Story In HindiMotivational Short Story In HindiMotivational Short Story In HindiMotivational Short Story In HindiMotivational Short Story In Hindi
Motivational Short Story In HindiMotivational Short Story In HindiMotivational Short Story In HindiMotivational Short Story In HindiMotivational Short Story In HindiMotivational Short Story In HindiMotivational Short Story In HindiMotivational Short Story In Hindi
Motivational Short Story In HindiMotivational Short Story In HindiMotivational Short Story In HindiMotivational Short Story In HindiMotivational Short Story In Hindi
Motivational Short Story In HindiMotivational Short Story In HindiMotivational Short Story In Hindi

Related Post

Leave a Reply