Dipawali Ke

Dipawali Ke: बड़ी दिवाली कब हैं? 12 या 13 नवंबर जानें सटीक शुभ मुहूर्त: इस Dipawali Ke में बहुत से लोग अच्छे-अच्छे कीमती सामान वगैरह खरीदते हैं और इसने मां लक्ष्मी श्री गणेश सरस्वDipawali Keती तथा राम लक्ष्मण के 14 वर्ष का वनवास खत्म होने के बाद अयोध्या में दीपावली मनाई गई थी और इसमें इन्हीं लोगों की पूजा भी की जाती है।

Dipawali Ke

यह Dipawali Ke  मुख्य रूप से हिंदुओं का पर्व माना जाता है जिसमें दीपक जलाया जाता है और माना जाता है कि अंधेरों को प्रकाश की विजय हुई है जिसका अर्थ है कि हम अपने किसी विकट परिस्थिति से उभर चुके हैं और साथ ही इसमें पटाखे घर में रंगोलियां और पूरी तरह से घर को सजाया जाता है और बहुत ही धूमधाम के साथ मां लक्ष्मी श्री गणेश और भी बहुत सारे देवताओं की पूजा की जाती हैं।

Dipawali Ke

हम जानते हैं कि Dipawali Ke मैं बहुत सारे लोग इस पर्व का आने का इंतजार करते रहते हैं दीपावली पर्व एक हिंदू धर्म का सबसे उच्चतम पर वह में से एक माना जाता है।

Dipawali Ke

इस Dipawali Ke को अच्छा से मनाने के लिए लोग अपनी पूंजी का एक मोटी रकम इस त्यौहार पर खर्चा करते हैं। इस Dipawali Ke मैं बहुत सारे लोग अपने घर की पेंटिंग करेंगे बहुत सारे लोग अच्छे-अच्छे गोल्ड में इन्वेस्ट करेंगे कुछ लोग कार्य खरीदते हैं

Dipawali Ke

दीपावली के त्यौहार में लोग अपने घरों की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देते हैं और साथ ही पूजा-पाठ के लिए भी अलग-अलग की तरह की सजावट अपने घर को करते हैं।

दीपावली क्यों मनाई जाती है हमारी संस्कृति के अनुसार कहा जाता है कि जब श्री रामचंद्र ने 14 वर्ष बीतने के बादजब रावण को मार कर श्री रामचंद्र जी अपने अयोध्या नगरी पहुंचे थे तो अयोध्या नगरी वालों ने प्रभु के आने की खुशी में पुरी अयोध्या को दीपक से सजाया गया था। और यह भी कहा जाता हैं कि

उस रात के समय दिन के जैसे दिखाई दे रहे थे। और फ़िर हमारे प्रभु श्री रामचंद्र जी स्वागत बहुत ही धूम धाम से किया गया था। यही कारण है कि हम हर दीपावाली में दीपक जलाएं जाते हैं ताकि अंधेरे पर प्रकाश की जीत हों।

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इस Dipawali Ke में पूरे देश भर में Dipawali Ke  – 12 नवंबर 2023  में मनाई जाएगी। लक्ष्मी पूजा मुहूर्त – शाम 06.11 बजे से लेकर रात को 8.15 बजे तक रहेगा।

अमावस्या तिथि 12 नवंबर को दोपहर 02 बजकर 44 मिनट से प्रारंभ होगी । और 13 नवंबर को दोपहर 02 बजकर 56 मिनट पर समाप्ति हो जायेगी। यह पूजा 10 नवंबर धनतेरस से शुरु होकर 15 नवंबर भाई दूज पर समाप्त होगा।

अमावस्या तिथि 12 नवंबर को दोपहर 02 बजकर 44 मिनट से प्रारंभ होगी । और 13 नवंबर को दोपहर 02 बजकर 56 मिनट पर समाप्ति हो जायेगी। यह पूजा 10 नवंबर धनतेरस से शुरु होकर 15 नवंबर भाई दूज पर समाप्त होगा।

यह हमारे, हिंदू पंचांग के अनुसार कार्तिक मास की अमावस्या तिथि को दिवाली के इस पर्व को मनाया जाता हैं है और यह दिवाली हर जगह पर अलग अलग समय पर मनाया जाता हैं।

दिल्ली में दिवाली का पर्व हिंदू महा पर्व के अनुसार अमावस्या तिथि 12 नवंबर 2023 को दोपहर 02 बजकर 44 मिनट से चालू होगा। और अगले दिन 13 नवबर को 02 बजकर 56 मिनट पर समाप्ति हो जायेगी।

Dipawali Ke

दीपावाली के दिन मां लक्ष्मी का पूजन प्रदोष काल में करना अति उत्तम माना गया है। 2023 में दिवाली 12 नवंबर को मनाना चाहिए। और 13 नवंबर को यह प्रदोष काल समाप्त होगा।

  • दिवाली 2024 तारीख – 31 अक्टूबर
  • दिवाली 2025 तारीख – 21 अक्टूबर
  • दिवाली 2026 तारीख – 06 नवंबर
  • दिवाली 2027 तारीख – 29 अक्टूबर
  • दिवाली 2028 तारीख – 17 अक्टूबर  माह में मनाया जाएगा

हिंदू पंचांग के अनुसार कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष के चतुर्थी तिथि को छोटी दिवाली मनाई जाती है। और छोटी दिवाली के दिन भी दीपक जलाई जाती है लेकिन कम संख्या में चलाई जाती है। और बहुत जगह इसे यम दीपावली भी कहा जाता है। और इसमें यम देवता की पूजा करना एक अत्यंत ही मंगलकारी माना जाता है।

अब हम आपको एक छोटी दिवाली की परंपरा के बारे में बताते हैं हमने देखा होगा कि घर के पीछे एक दीपक जलाई जाती है। यम दिवाली जिसे हम छोटी दिवाली भी कहते हैं। के दिन अपने घर के पीछे एक दीपक जलाना बहुत जगह की परंपरा है और बहुत जगह यह सब किया भी जाता है।

Diwali 2023 Date Uttar Pradesh

दोस्तों Dipawali Ke हमें यह सब पता है कि दिवाली हिंदू धर्म के 1 सबसे प्रमुख पर्व में से एक है और इसे यूपी और बिहार में बहुत ही अच्छे से मनाया जाता है सभी राज्यों में अलग-अलग समय पर दिवाली मनाई जाती है।

Dipawali Ke

दिवाली के दिन बहुत सारे लोगों का सवाल होता है कि हमारे उत्तर प्रदेश में दिवाली की टाइम क्या है तो मैं आप लोग इसमें बता देना चाहता हूं कि यूपी और बिहार में अभी दिवाली का टाइम है। संध्याकाल 5:00 से 40 मिनट से लेकर 7 बज कर 36 मिनट पर पूजा करने की एक बहुत ही उत्तम मुहूर्त है।

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