Desi Kahani – Top 10 Best Desikahani 2 in Hindi

By aipaisa.com Sep9,2023

इस आर्टिकल में लिखी गई मजेदार Desi Kahani आपको मजे के साथ बहुत ही अच्छी शिक्षा सिखाएगी। अगर आप भी इस पुरी Desi Kahani को पढ़ते हैं ।

यह एक अनोखा शिक्षा प्रद Desi Kahani हैं। जो हमारे बच्चों को सही मार्ग पर चलने में मदद मिलेगी अगर इसे पढ़ लें।

Desi kahani

भले आदमी की कहानी 

दोस्तों, यह Desi Kahani कहानी है एक छोटे से गाँव की, जहाँ पर एक बुद्धिमान और नेक आदमी राम बाबू रहते थे। वह गाँव के लोगों की मदद करने में हमेशा सक्रिय रहते थे और सबके बीच अपनी बुद्धिमानी से मान-सम्मान प्राप्त किया करते थे।

Desi Kahani
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गाँव के लोग उनकी बड़ी सीख लेने के लिए हमेशा तैयार रहते थे। एक दिन, गाँव के कुछ युवक ने उनसे पूछा, “बाबू जी, आपके पास इतनी बड़ी बुद्धिमानी कहाँ से आती है?”

राम बाबू ने मुस्कराते हुए कहा, “बच्चों, मेरी बुद्धिमानी का राज़ मेरे अच्छे संदर्भों से है। मैंने एक समय की बात है, गरीबी के दिन देखे थे।”

बाबू ने अपनी कहानी शुरू की, “मेरे पिता गरीब लोग थे और हमारे पास बहुत कम सामग्री थी। परंतु पिता ने हमें सबसे बड़ा सिख दिया – साझा करने का महत्व।”

“मेरे पिता ने कहा कि अपना खाना बाँटना सीखो, चाहे आपके पास कितनी भी कमी हो। उन्होंने हमें यह सिखाया कि साझा करने से आपकी खुशियाँ और भी दुगुनी होती हैं।”

Desi kahani with Moral Story

“एक दिन, हमारे पास थोड़ी सी खाने की सामग्री थी और एक गरीब परिवार आया। पिता ने उन्हें बिना किसी सोच-समझे, हमारा खाना बाँट दिया।”

“वही समय था जब मैंने समझा कि दूसरों की मदद करने से हमारी खुद की खुशियाँ भी बढ़ती हैं। मेरे पिता की यह सिख मेरे जीवन की आधारशिला बन गई।”

“इसी सिख के साथ, मैंने खुद को समर्पित किया और सबकी मदद करने का प्रयास किया। आज जब मैं आपके सामने खड़ा हूँ, तो मेरे पास यह सब बुद्धिमानी और सफलता की कहानी है।”आईओ

इसके बाद, सोहन बाबू ने युवकों को सिखाया कि साझा करने, मदद करने, और दूसरों की समस्याओं में सहायता करने से ही हम असली मानवता को समझते हैं और सच्ची खुशियाँ प्राप्त करते हैं।

इसके बाद से, गाँव के युवक और लोग भी सोहन बाबू की सिखों का पालन करते और सब मिलकर गाँव को एक बेहतर जगह बनाने में योगदान करते हैं।

इस Desi Kahani कहानी से हमें यह सिख मिलती है कि साझा करने, दूसरों की मदद करने, और सहायता करने से ही हम अपने जीवन को सफल और खुशहाल बना सकते हैं।

Desikahani

राजू ने बूढ़े आदमी की मदद किया 

एक बार की बात है, एक छोटे से गाँव में एक गरीब लड़का राजू रहता था। राजू की माता-पिता ने उसे नेकी और मदद करने की महत्वपूर्ण सिख दी थी। वे हमेशा यह सिखाते थे कि अगर हम किसी की मदद कर सकते हैं, तो हमें वो जरूर करनी चाहिए।

Desi Kahani - Top 10 Best Desikahani in Hindi
Desi Kahani – Top 10 Best Desikahani in Hindi

एक दिन, गाँव में बड़ा मेला आया। गाँव के लोग बहुत खुश थे और सभी मेले में जाने की तैयारी में लग गए। राजू भी मेले की बड़ी उत्सुकता से इंतजार कर रहा था।

मेले के दिन, राजू ने अपनी माँ से कहा, “माँ, मैं भी मेले जाना चाहता हूँ। क्या मैं चल सकता हूँ?”

माँ ने मुस्कुराते हुए कहा, “बिल्कुल, बेटा! तुझे जाने का पूरा हक है। जाने से पहले बस यह याद रखना कि तू दूसरों की मदद करने का भी प्रयास करे।”

राजू ने हां करते हुए अपनी माँ को आदर किया और फिर मेले की ओर बढ़ चला। मेले में विभिन्न खेल, खाने-पीने की दुकानें और मनोरंजन के स्थल थे। लोग खुशियों से भरपूर थे और मनमोहक वातावरण में मस्ती कर रहे थे।

राजू ने भी कुछ खेले और कुछ खाया, लेकिन उसका मन अब भी किसी अच्छे काम में था। वह घूमते-फिरते देखता है कि एक बूढ़े आदमी बहुत परेशान दिख रहे हैं। उसकी कई बार देख लिया कि उसके पास खाने की कुछ भी नहीं था।

राजू का दिल दुखा और उसने तय किया कि वह उस बूढ़े की मदद करेगा। वह उसके पास गया और अपने खाने का आधा हिस्सा उसे दिया। बूढ़ा आदमी बहुत आभारी था और राजू के इस नेक काम के लिए उसने उसे धन्यवाद दिया।

Desi kahani – Moral Story 

राजू का मन बहुत खुश हो गया क्योंकि उसकी माँ ने उसे सिखाया था कि छोटे से कामों से ही हम दूसरों की मदद कर सकते हैं और अच्छाई फैला सकते हैं।

इस Desi Kahani कहानी से हमें यह सिख मिलती है कि हमें दूसरों की मदद करने का अवसर कहीं भी मिल सकता है, और हमें अपने कामों से समाज में अच्छाई का पैगाम फैलाना चाहिए।

Desi Kahani 2

पुरानी हवेली की यादें

एक बार की बात है, एक मां और उसकी बड़ी सी बेटी कुछ दिनों के लिए अपने गाँव आई थीं। गाँव में गुजारते समय, उन्होंने एक पुरानी जमीनी हवेली देखी। उस हवेली की दीवार पर छिपकर दीवारा बेहद धुंदला हो गया था, और गिरने वाली थी। बेटी ने मां से पूछा, “मां, ये हवेली क्यों खाली पड़ी है?”

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पुरानी हवेली की यादें

मां ने अपनी आँखों में आँसू छिपाते हुए कहा, “बेटी, ये हवेली एक समय में हमारे परिवार की समृद्धि, प्यार और खुशियों की कहानी सुनाती थी। यहाँ पर हमने बचपन के सबसे सुनहरे पल बिताए थे। लेकिन समय ने उसे हमसे छीन लिया।”

बेटी ने आवाज़ में उस दर्द को महसूस किया और पूछा, “लेकिन मां, क्या हम इसे फिर से उसकी पुरानी रौशनी में ला सकते हैं?”

मां ने उसकी आँखों में देखकर हलका सा मुस्कान दिखाई और कहा, “हां, बेटी, हम कोशिश कर सकते हैं। इस हवेली को फिर से उसकी खुशियों से भर देने की कोशिश करेंगे।”

उन्होंने अपनी ज़िन्दगी के सबसे महत्वपूर्ण तथ्य सिखाया – कि हमारे पास कुछ भी नहीं रह सकता, लेकिन हम हमेशा अपनी मानसिकता को सकारात्मक बनाने की ताकत रखते हैं। हम अपनी यादों, महत्वपूर्ण संबंधों और अनमोल पलों को संजीव रख सकते हैं, और उन्हें फिर से उनकी प्राचीनता में जीने का अवसर प्राप्त कर सकते हैं।

यह Desi Kahani कहानी हमें यह याद दिलाती है कि हमारे पास जीवन के सुख-दुःख की कहानियों को सुरक्षित रखने की शक्ति है, और हमें हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है।

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नीलम मुर्गी और जानवर

यह Desi Kahani कहानी एक बड़े और विशाल जंगल की है, जहाँ पर जानवरों का एक बड़ा समूह रहता था। इस जंगल में एक छोटी सी मुर्गी नीलम मित्रा रहती थी।

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नीलम मुर्गी की कहानी

मित्रा की आवाज़ सुनकर लगता था कि वह एक समय की बात है, सभी जानवर एक साथ उसके आस-पास आते और मित्रा की सुनते थे। वह उन्हें अपने आप से बहुत प्यार करती थी और उन्हें सिखाती थी कि सभी जीवों का एक महत्व होता है और हमें एक दूसरे की सहायता करनी चाहिए।

एक दिन, जंगल में बड़ी तबाही आई। एक विशाल आग आई और जंगल की ओर बढ़ रही थी। जानवर बहुत डर गए और भागने लगे, लेकिन वे देखते ही हैं कि मित्रा जले नहीं हैं और वह आग की ओर बढ़ रही है।

जानवरों ने ताकत इकट्ठी की और मिलकर मित्रा के पास पहुँचे। वे उसे बचाने के लिए साथ मिलकर प्रयास करने लगे। जंगल के अंधेरे में उनका यह सामूह एक साथ काम करते हुए आदर्श दिखा रहा था।

वे आग की ओर बढ़ते गए और जलते हुए मित्रा को एक समय में उसकी सहायता की। उनका मिलकर काम करने का परिप्रेक्ष्य बेहद शिक्षाप्रद था।

अंत में, जानवरों ने साथ मिलकर आग को रोक लिया और मित्रा को बचा लिया। उनका सामूही प्रयास सफल हुआ और वे सब मिलकर मित्रा की सच्ची मित्रता का इज़हार करते हुए खुश थे।

यह Desi Kahani कहानी हमें सिखाती है कि जब हम साथ मिलकर काम करते हैं, तो हम बड़ी मुश्किलों को भी पार कर सकते हैं। सामूहिकता, सहयोग और एकजुटता के बल पर हम किसी भी परिस्थिति में सफलता प्राप्त कर सकते हैं, चाहे वो जंगल की आग की तरह भी हो।

कहानी इन हिंदी 

रामू और गुलाबी बकरी

यह Desi Kahani कहानी एक छोटे से गाँव की है, जहाँ पर एक बुद्धिमान और अच्छे दिल के किसान रामु रहता था। रामु के पास एक प्यारी सी बकरी थी, जिसका नाम गुलाबी था।

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गुलाबी बकरी

गुलाबी बकरी ने अपनी बकरी में बहुत सारी दूध देती थी, जिससे रामु और उसका परिवार बहुत खुश रहता था। लेकिन एक दिन, गुलाबी बकरी अचानक दूध देना बंद कर दिया।

रामु चिंतित हो गया क्योंकि उसका परिवार उस दूध के बिना कैसे रहेगा? वह गुलाबी के पास गया और पूछा, “गुलाबी, तुम क्यों दूध नहीं दे रही हो?”

गुलाबी ने उसके पास आकर कहा, “रामु, मैं बहुत थक गई हूँ। मुझे दिन-रात काम करना पड़ता है, और मुझे खुद के लिए भी वक़्त नहीं मिलता।”

रामु ने गुलाबी की बातों को समझते हुए कहा, “गुलाबी, मैं तुम्हारे कामों की क़द्र करता हूँ, पर क्या तुम मुझे एक छोटी सी विशेष मांग पूरी कर सकती हो?”

गुलाबी हलके से हँसी में लिपटकर बोली, “रामु, तुम मुझे बताओ क्या मांग है?”

रामु ने प्यार से कहा, “गुलाबी, मैं तुमसे अपना दूध नहीं मांग रहा, बल्कि मैं तुमसे तुम्हारे साथ दिन की एक घड़ी बिताने की मांग कर रहा हूँ।”

गुलाबी की आँखों में आँसू आ गए और उसने रामु को दिल से गले लगाया। उसकी दिल से आई मांग पूरी करने से गुलाबी की खुशियाँ दोगुनी हो गईं और उसने फिर से दूध देना शुरू किया।

इस Desi Kahani कहानी से हमें यह सिख मिलती है कि कभी-कभी छोटी सी विशेष मांग से हम अपने रिश्तों में मिठास और खुशियाँ जोड़ सकते हैं। दूसरों की महत्वपूर्णीयता को समझना और उनकी खुशियों के लिए समय निकालना हमें एक खुशहाल और सामूहिक जीवन की दिशा में आगे बढ़ने में मदद कर सकता है।

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