आज के हम इस आर्टिकल में आपको दादी मां के द्वारा सुनाए गए Desi Kahani को बताने वाला हूं। मेरे द्वारा बताए गए कहानी बच्चों को ज्ञानवर्धक होगा।

हमारी रोचक कहानियों से बच्चे बहुत कुछ सीख सकतें हैं। तो चलिए पढ़ते हैं अच्छी अच्छी Desi Kahani और सीखते हैं।

Desi Kahani — Moral Story In Hindi – Best 10 Desi Kahani in Hindi
Desi Kahani In Hindi – Best 10 Short Story in Hindi

आज की बच्चों की कहानियों के अलावा हम आपको यूट्यूब की वीडियो देंगे जिसे देखकर आप भी Desi Kahani का लुफ्त उठा सकते हैं। तो चलिए अब हम मजेदार कहानियां पढ़ना शुरू करते हैं।

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1. बैकवर्ड गांव और स्मार्ट गांव

एक शहर में एक लड़का रहता था जिसका नाम श्याम था। हम जानते हैं कि क्रिसमस और न्यू ईयर जब भी आने वाले होती है लोग बाहर घूमने के लिए अलग-अलग तरह के पुराने करने लगते हैं और श्याम को भी क्रिसमस और न्यू ईयर की छुट्टी मिली थी।

तभी श्याम ने अपनी मम्मी से सुना कि पापा दादी से मिलने के लिए तीन-चार दिन के लिए गांव जाने वाले हैं। तब श्याम ने अपने मम्मी से कहा”‚ मम्मी कृपया कर मुझे भी पापा के साथ गांव घूमने के लिए भेज दीजिए ना और रिक्वेस्ट करने लगा।

मम्मी ने कहा — “श्याम ‚तुम्हारा वहां शायद ही मन लगे”, और तुम वैसे भी कहते हो , कि गांव के लोग बहुत पिछड़े हुए हैं। और वहां के बच्चों के लिए भी अक्सर तुम कहते हो, कि” बैकवार्ड विलेजगईज ” श्याम ने कहा – मम्मी प्लीज छोड़ो ना यह सब बातें।

मम्मी ने मुस्कुराकर श्याम को पापा के साथ गांव जाने की अनुमति दे दी। और शाम को ही श्याम और उसके पापा ट्रेन में बैठ गए। ट्रेन बिल्कुल सही समय पर पहुंच गई थी। अभी समय सुबह के 10:00 बजे था। श्याम ने देखा, स्टेशन पर खड़ी गाड़ियां कुछ अजीब – सी दिखाई दे रही थी।

यह लकड़ी से बनी सामान ढोने वाली साईकिल वैन जैसी गाड़ियां थी। जिनके सामने मानो आधी मोटरसाइकिल जोड़ दी गई हो, आवर लोग उन्हीं पर बैठ रहे थे। श्याम ने अपने पापा की ओर सवालिया नजरों से देखा।

पापा ने कहा –” बेटा ! यह जुगाड़ है। इस पर ही लोग साग – सब्जियां या शहरों से आने वाले सामान को ढोते हैं। और साथ ही सवारी के लिए भी इन्हीं का उपयोग करते हैं।Desi Kahani

श्याम और श्याम के पापा ऐसे ही एक जुगाड़ गाड़ी में बैठ गए। थोड़े ही देर बाद जुगाड़ गाड़ी ने उन्हें उनके घर पहुंचा दिया। श्याम को यह छोटी – सी यात्रा बहुत ही अच्छी लगी। तभी श्याम ने देखा हवेली के बाहर एक बड़ा – सा मैदान था। जिसमें बहुत सारे बच्चे खेल रहे थे।

एक बच्चा गोल पहिए की आगे से मुड़ी हुई लोहे की रॉड से चलाते हुए अपनी ही मस्ती में “धुर्र धूर्र ‘‘आवाज करते हुए भाग रहा था। और वहीं पर कुछ बच्चे फुटबॉल खेल रहे थे। दादा-दादी ताऊ और उनके बच्चे शाम को देखकर बहुत खुश हो गए। दादी ने शाम को गले से लगा लिया।

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5 मिनट बाद दादी ने कहा –‘ मुंह हाथ धो लो” तुम्हारे लिए कुछ खाने को लाती हूं …..?

श्याम ने अपने मन ही मन सोचा — जरूर दादी चाय – पकौड़े लाएगी। पापा और श्याम ने मुंह हाथ धो लिए । तभी दादी ने, दो सेव, दो आम ,दो संतरे दो ,अमरुद ले आई और बोली, “लो खाओ, ।

श्याम सोचने लगा – सुबह-सुबह फोन कौन खाता है। दादी ने मानो उनकी मन की बात सुन ली हो ? “बेटा” फल हमेशा सुबह सुबह ही खाना चाहिए। तभी इनका फायदा मिलता है।

श्याम ने अपने मन को मार कर फल खाना शुरू कर दिया। सबसे पहले उसने अमरुद खाया। ऐसा ताजा और मीठा अमरूद उसने आज तक नहीं खाया था। देखते देखते ही उसने सेव और संतरे भी खा लिए।

दादी ने श्याम के चेहरे पर इस भाव को पढ़ लिया ।दादी ने कहा यह तुम्हारे दादा की मेहनत की फल है। हमारे बगीचे में आम अमरूद परवल लव की और भी बहुत सारी सब्जियां खूब होती है।

फलाहार करने के बाद श्याम को बच्चे बाहर ले गए। जल्दी से हम उनकी थमा कचौड़ी (ग्रुप )में शामिल हो गया। श्याम घंटे भर बाद थक गया। 2 बज चुके थे। उसे कसकर भूख लग गई। श्याम ने भीतर आकर पापा से कहा – ‘पापा भूख लगी है।

श्याम के पापा” हैरानी से श्याम की तरफ देखने लगे ? घर में तो उसकी मां कह कह कर थक जाती थी। लेकिन श्याम यही कहता था कि अभी भूख नहीं है। आज वह खुद खाने के लिए कह रहा था। दादी भी वही बैठी थी।

दादी ने प्यार से श्याम के सिर पर हाथ फेरा और कहा”चलो खाना तैयार है। श्याम ने देखा”थाली में गरमा गरम दाल – भात आलू – परवल की सब्जी, एक मोटी – सी चपाती और मिर्च का अचार था।

श्याम ने भोजन करना शुरू कर दिया। सब कुछ बेहद स्वादिष्ट था। खाना खाकर श्याम आराम करने लगा तो उसे झपकी आ गई। श्याम जब शाम को उठा तो देखा कई बच्चे उसे लेने आए थे।

श्याम उनसे बातें करने लगा। बातों ही बातों में उसने अपने मन में उठी जिज्ञासा के मुताबिक पूछ लिया, “तुम लोगों ने कभी पिज़्ज़ा, बर्गर आदि कभी देखा है ,या खाया है ?

श्याम के चचेरा भाई मोहन हंसकर बोला”– भाई! तुम कैसी बातें करते हो। हम भी इसी जमाने के हैं? सब कुछ जानते भी हैं और खाते भी हैं। लेकिन सिर्फ महीने या 2 महीने में एक या दो बार ही खाते हैं। श्याम ने आश्चर्य से पूछा,”तो तुम शहर जाते हो तो बाजार में कुछ भी नहीं खाते क्या ? इस बात का जवाब सुरेश ने दिया।

वह बोलता है। खाते हैं ना इटली ,डोसा, ढोकला आदि भारतीय व्यंजन, या बहुत अधिक प्रकार के चाट , लेकिन नुकसानदायक जंक फूड या फास्ट फूड नही “जो कई प्रकार की बीमारियां हमें दे सके।

तभी शीला न खिलखिला कर कहा”‚ भैया ! हम देसी अनाज फल और फूल तथा सब्जियों पर सबसे ज्यादा भरोसा करते हैं। तथा इसमें विटामिन, मिनरल,निट्रेशन सभी प्रकार की चीजें भरपूर मात्रा में रहती है।

वैसे भी हमें अपनी धरती मां से बहुत प्यार है ।इसलिए धरती से उगे हुए सभी प्रकार की चीजें हमें बहुत पसंद है। श्याम ने सकूचाते हुए पूछा”–लेकिन मैंने सुबह से देख रहा हूं कि आप लोग मोबाइल भी ज्यादा इस्तेमाल नहीं करते हो। और मुझे तो यह भी नहीं पता कि तुम्हारे पास स्मार्टफोन है या नहीं।

निश्चित ही नहीं ? श्याम की बात सुनते ही सभी हंसने लगे। मानो वह ना समझी भरी बातें कर रहा हो। फिर सभी ने एक साथ अपनी अपनी जेब से अपना अपना स्मार्टफोन निकाला।

सुमित्रा ने कहा “भैया “हम लोग स्मार्टफोन का उपयोग केवल बातचीत करने, जरूरी संदेश भेजने या फिर पढ़ाई करने के लिए या फिर उपयोगी सर्चिंग के लिए ही उपयोग करते हैं। सुनिधि बोली” भैया” बुरा मत मानना, स्मार्ट फोन का यूज़ स्मार्ट करना चाहिए। ऐसे नहीं कि आंखें खराब हो जाए। और स्वास्थ्य और वक्त की बर्बादी हो।

गांव की बच्चों की समझदारीभरी बातें सुनकर श्याम शर्मिंदा हुआ। उसने निर्णय लिया कि वह भी अपनी जीवनशैली पूरी तरह बदल देगा। और गांव के बच्चों से प्रॉमिस किया कि वह कभी भी”बैकवर्ड विलेज वाइज”किसी को हरगिज़ नहीं कहेगा।

और इसी तरह से श्याम गांव को भी अच्छा समझने लगा इस Desi Kahani से हमें यह शिक्षा मिलती है कि आज के समय में आप कहीं पर भी हो सभी लोग आज स्मार्ट होना चाहते हैं।

Rocky Aur Rani Ki Prem Kahani Moral Story

इस आर्टिकल में हम आपको एक Desi Kahani Rocky Aur Rani Ki Prem Kahani के बारे में बताने वाला हूं जो कि बहुत ही बेहद अच्छी कहानी है जिसे पढ़कर के आप बहुत ही खुश होंगे तो चलिए देखते हैं और पढ़ करके कुछ सीखते हैं।

राखी और रानी की प्रेम कहानी एक बहुत ही चर्चित कहानी है, यह एक फैमिली ड्रामा कहानी है। और अब इस पर एक फिल्म भी बन गई है जिसमें करण जौहर के जन्मदिन पर फर्स्ट पोस्टर रिलीज हुआ

जिसे देखकर लोगों ने खूब पसंद किया और इस फिल्म को बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। और कुछ लोगों का कहना है कि या कहानी लिखो गई है तो चलिए मैं कहानी को मैं आपको सुनाता हूं।

राखी और रानी की प्रेम कहानी की पोस्टर में रणवीर सिंह और अलियाभट्ट के बीच अच्छी केमेस्ट्री देखने को मिल रही है। फिल्म में दिल्ली का बैकग्राउंड है। जिसमे रणवीर सिंह एक ऐसे लड़के की भूमिका निभा रहे हैं ।

जिसे फिजूलखर्ची पसन्द है। और वही दुसरी तरफ अलियाभट् एक बंगाली लड़की लड़की हैं। लेकीन ऐसे में कहानी के कुछ पता नहीं चलता है लेकिन लोग जायदा खुश महसूस कर रहे हैं।

इस Desi Kahani कहानी में रणवीर सिंह फिजुलखर्च करने के कारण उनके पास पैसे की कमी हो जाती हैं। पहले रणवीर सिंह के पास पैसे बहुत पड़े थे।

रणवीर सिंह अपने फिलकर्जी के कारण वह आलिया भट्ट को अपने प्यार में फसा लेते हैं और वह उनसे शादी के लिए राजी करते हैं

लेकीन कुछ समय बीतने के बाद जब रणवीर सिंह के पास पैसे ख़त्म होने लगी तब अहसास हुआ उन्हे और उनके अपनी खर्चे पूरे करने के लिए आलिया से मांगने लगते हैं।

पहली बार से जब तक रणवीर सिंह ने अलियाभट को पैसे दिए हैं वह उसे संभाल कर रख लेती है और जब जितना जरूरी हो उतना ही खर्च करती थीं।

लेकीन पैसे न होने की वजह से रणवीर सिंह आलिया भट्ट से पैसे मांगने लगते है धीरे धीरे रणवीर अपनी नसे में पैसे बर्बाद करने लगते है।

फिर जब पैसे खत्म हुआ और आलिया भट्ट से पैसे मांगने लगते हैं और वह देने से इंकार कर देती हैं फिर दोनो के आपस मे झगड़े तैयार होने लगते हैं

फिर दोनो के बीच तकरार होता है और बात यह पुलिस तक पहुंचने लगे और इधर रणवीर सिंह अपने नशे में चूर होकर इधर उधर पैसे के लिए आलिया को मारते थे।।

इस फिल्म में यह ही Desi Kahani कहानी बताई गई है जिसे आपको पसन्द जरूर आई होगी आप एक Comments कर बताए क्या रणवीर सिंह ने सही किया या गलत किया।

Bhoot Ki Kahani

चुकी हम जानते हैं कि इस Desi Kahani में मैं आपको भूतों की कहानी बताने वाला हूं। हम जानते हैं कि बच्चे नटखट होते हैं और उन लोगों पर काबू पाना हर माता-पिता चाहते हैं।

ऐसे बच्चों की शरारती को कम करने के एक परी का भूतिया कहानी सुनाना है। और बच्चों के लिए डरावनी कहानी ना सिर्फ उनके नटखट पर को कंट्रोल कर सकती है बल्कि डरपोक किस्म के बच्चों को थोड़ा सा हाथ भरने का काम भी यह भूतिया कहानी करती है।

अंधेरे का भूत (Andhere ka bhoot In Hindi)

Raja Ki DesiKahani

Desi Kahani in Hindi

2. रमेश का उपहार

इस Desi Kahani में बहुत क्रिसमस के नजदीक आते हैं बच्चों में सबसे ज्यादा सबसे अधिक सांताक्रुज के और उनकी उपहार याद आते हैं। आठवीं कक्षा में पढ़ने वाले सुरेश को भी सांता क्लॉज की बहुत याद आ रही थी। और सुरेश को पूरा विश्वास था कि सांता क्लॉस जरूर आएगा। और उससे कोई बेहद खूबसूरत हो बाहर भी देगा।

सुरेश ने एक खूबसूरत कुत्ता पाल रखा था,। वाह उस कुत्ता से प्यार तो बहुत करता था, मगर उसकी देखभाल में अफसर लापरवाही करता था।

एक बार कुत्ता बारिश में पूरी तरह भीग गया। उसे सर्दी लग गई। और मा ने उसे धूप में रखने और सुखी कपड़े पहनाने के लिए कहा था। लेकिन सुरेश सेंटाक्लोज के आने की आस में खोया रहा। और उसने कुत्ते पर ध्यान देना छोड़ दिया।

धीरे-धीरे कुत्ते की तबीयत खराब होने लगी। 25 जुलाई की रात को उसकी हालत बेहद नाजुक हो गई थी। मा सुरेश से कहा – मुझे लगता है कि अब बच नहीं पाएगा। इस बात से सुरेश बहुत उदास हो गया।

उस कुत्ते के नहीं रहने से सुरेश के जीवन में यूंनापन छा जाएगा। और वह अकेला हो जायेगा। वह दुखी होकर सोने चला गया। और अब उसे न संता क्लाउज की याद आ रही थी और नहीं उसके ऊपर की।

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वह धीरे-धीरे सुबाकत करते हुए सो गया। सुबह उसकी नींद खुली तो माने उसका पहला” प्रश्न है यही किया।”बेटा ‚क्या कल रात को संता क्लोज आए थे…..? उन्होंने तुम्हें उपहार में क्या दिया ?

सुरेश की आंखों से आंसू बहने लगे । उसने मां से कहा – मां संता क्लोज नहीं आए। मुझे कोई उपहार भी नहीं मिला। मगर छोड़ो उन बातों को … पहले बताओं की कुत्ता कैसा है। मां ने सुरेश से कहा – बाहर बरामदे में जाकर खुद तुम देखो। “उसकी क्या हालत है।

मगर बरामदे में पहुंचते ही सुरेश खुशी से झूम उठा। उसका प्यारा कुत्ता पूरी तरह से स्वस्थ दिख रहा था। और धमाकाचोरी मचा रहा था। मां भी पीछे से आ गए।

सुरेश ने मां से पूछा,”मां, यह सब कैसे हुआ…..? मां ने कहा मुझे पता नहीं…! और यह किसी चमत्कार से कम नहीं है। सुरेश ने कहा :…जो भी हो यह बहुत अच्छा किया। मगर संता क्लोज के ना आने से सुरेश बहुत ज्यादा दुखी था ? और उसके जो भी गिफ्ट थे वह नहीं मिल पाए थे। और उसे गिफ्ट ना मिलने का दुख अभी भी हो रहा था।

मां सुरेश से कहा…”तुम्हारे कुत्ते को नया जीवन मिला क्या यह किसी उपहार से कम है क्या ? लगता हैं रात में संता क्लोज आए थे। और यह उपहार तुम्हें देकर चले गए हों।

सुरेश खुशी के मारे मां के गले में लिपट गया और बोला – संता क्लोज ने हमारे कुत्ते को नया जीवन के रुप में उपहार दिया है। और यह मेरे लिए सर्वश्रेष्ठ उपहार हैं। “थैंक यू संता! अब मै आपसे वादा करता हूं कि अपने कुत्ते का पुरा ध्यान रखूंगा।

Conclusion – इस Desi Kahani – Best 25+ Short Story in Hindi से हमें यह सीख मिलता है कि हमें जो चीज उपहार चाहिए लेकीन जो आपके पैरेंट्स आपके लिए जो उचित उपहार लाए वह ले लेना चाहिए जैसे उपहार के रुप में सुरेश के पिता ने कुत्ते को ठीक किया।

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 3.संता क्लोज को बच्चों ने पकड़ा

अमन ने बोला “– मै संता क्लोज को देखता रहूंगा । हम कितना बार तो जाग जाग कर देखता रहा हूं। ना जानें संता क्लोज कब आते हैं और फिर चले जाते है। प्रिया की बहन जया ने बोली “पर संता क्लोज हमारे घर के अन्दर आता कहा से हैं।

अमन घर पर नजर दौड़ते हुए कहा – मैने किताब में पढ़ा है कि संता क्लोज चिमनी से आता है।प्रिया बोली “– पर अपने घर में चिमनी कहा है। अमन ने पुछा हूहू….. तो शायद उनके पास हमारे घर की एक्स्ट्रा चाबी हों। और हा यह हो सकता है।

अमन का यह उतर को सुन प्रिया की बहन जया को खुशी का ठिकाना नहीं रहा।

आज पहली बार अमन उसकी किसी बात को माना था। उसने हकलाते हुए कहा:– मेरे पास एक आइडिया है – जिसे हम संता क्लोज को बड़ी आसानी से पकड़ सकते हैं।…..”सच में।

अमन खुश होता हुआ बोला”–हम दरवाजे के पास सभी जगह गोंद गिरा देंगे। तो संता क्लोज उसी में चिपककर खड़ा हो जायेंगे।

संतोष की बात को अमन तुरंत मान लेता है। और वह फौरन अपने कमरे की तरफ़ दौड़ा और गोंद की सबसे बड़ी शीशी लाकर जिया को दे दिया।

जिया ने शीशी क्रिसमस ट्री के पास रख दीया। और बोली ” हम इस दरवाजे के पास एक ईंट भी रख देते हैं। जब संता क्लोज की पैर उससे टकराएगा “तो वे घबराकर चिलाएंगे। और हम झट से उसे पकड़ लेंगे। बड़ा मजा आएगा।

जिया खुशी के मारे चिलाई “और सोफे पर कूद गई,, अनमोल ने उसके पीठ पर एक मुक्का मारते हुए कहा”,, ऐसा कोई दिन नहीं जो तुम ऐसे करो ! क्यू चीख  रही हो ?

अगर कोई और दिन होता तो वह बताती (झगड़ा करती) पर आज वह पीठ झाड़कर ऐसे खड़ी हो गई जैसे मानो कुछ हुआ ही नहीं हो।

और बहुत इंतजार करने के बाद जब क्रिसमस की रात आ ही गई। और वह सब संता क्लोज को पकड़ने के लिए तैयार हो गए।

और रात बीतने केबाद सुबह देखे तो उपहार पड़ा मिला और ईंट और शीशी गायब मिला। और यह सब संदीप की मां ने हटा दिया था और बच्चों के लिए गिफ्ट रख दिया सब उसके पापा बताएं संता बाहर हो सामान देकर चला गया था।

Conclusion इस Desi Kahani से हमें यह शिक्षा मिलती है कि हमें किसी भी आदमी को चोट नहीं पहुंचाना चाहिए।

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Moral Story In Hindi

एक रुपया के लिए बहस 

कुछ समय पहले की बात है एक बार नीला फुआ मार्केट में सब्जी लेने गई थी। एक सब्जी वाला, टमाटर की रेहड़ी लगाकर खड़ा था। और वह 20 रूपए किलो टमाटर बेच रहा था। नीला ने 1 kg टमाटर ले लिया। और सब्जी वाले को 500 का नोट पैसे काटने के लिए दिया।

सब्जी वाला ने कहा ” मेरे पास खुले पैसे नहीं हैं। आप मुझे खुले पैसे दे दो। नीला ने एक दस का नोट, एक पांच की सिक्का और 3 दो – दो का सिक्का लेकर सब्जी वाले को दिया।

सब्जी वाला ने कहा “, यह तो इक्कीस रुपया हैं। यह आप दो का सिक्का रख लो और मेरे पास अभी एक रुपया के सिक्का नहीं है।

नीला ने अपने ईमान को थामे रखा और कहा “, मैं एक रुपया कम क्यू दूं। और इधर सब्जी वाला भी एक रुपया अधिक लेने को तैयार नहीं था। और नीला टमाटर लेकर गुस्सा से चली गई। और वह भी सब्जी वाला उस दो रुपया के सिक्का को लेकर पास में बैठे वृद्ध भिखारी को देकर आ गया।

Conclusion यह सब मैं वही बैठ कर देख रहा था। मैं सब्जी वाला की ईमानदारी और खुदरी देखकर चौक गया। कुछ लोग किसी की हजारों और लाखों रूपए की धोखा देने से भी नहीं चूकते हैं।

और यह आदमी मेरे सामने उदाहरण बनकर खड़ा था। जो किसी का एक रुपया भी अपने पास नहीं रखना चाहता था। और वह नीला भी किसी का एक रुपया नही रखना चाहती थी।

रिटेन by – SandyMario

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