ऐसा शायद ही कोई हों जिसने कभी कोई दादी मां के द्वारा DesiKahani नहीं सुना होगा। भारत में DesiKahani न मशहूर हैं बल्कि हास्य और शिक्षा से भी परिपूर्ण हैं।

इस DesiKahani में हास्य फूट – फूट कर भरा हुआ है। और साथ ही प्रत्येक DesiKahani एक बहुत ही अच्छा व्यावहारिक ज्ञान से भरी हुई है। ये DesiKahani आपको केवल ना हंस आएगी।

बल्कि आपको आपके जीवन के लिए बहुत कुछ सिखाएगी । और इसमें आपको और आपके बच्चों के लिए सबसे अच्छी से अच्छी DesiKahani दी गई है जिसे पढ़कर के आप मनोरंजन के साथ-साथ अच्छी शिक्षा की प्राप्ति भी कर सकते हैं।

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1. घमंडी मोहित की कहानी :

बहुत समय पहले की बात है सोनपुर में एक मोहित नाम का बच्चा रहता था। उसके लिए एक दिन खुशी की बात थी कि उसके मामा जी विदेश से एक महंगी गेंद जो कि बहुत ही नई थी। वह उसके लिए लाए थे।

उसी दिन से मोहित के हाव – भाव पुरी तरह बदल गया था। और साथ ही वह बहुत ही ज्यादा घमंडी हो गया था। अब मोहित किसी दूसरे बच्चों के साथ खेलता भी नहीं था। अब मोहित केवल अपने ही गेंदों के साथ खेलता रहा था।

अगर कोई उसके दोस्तों ने उसके साथ खेलने के लिए सोचते थे। और उससे पूछते थे। तो वह बहुत ही बदतमीजी के साथ उनलोगो को मना कर देता था।

एक दिन की बात है, सभी बच्चे एक जगह इक्कठा होकर उसे चिढ़ाने लगे, और कहने लगे कि तुम्हारी गेंद तो बहुत ही कमजोर लग रही है। और हमलोगो को लग रहा है कि तुम्हारी गेंद बहुत ही जल्दी फट जायेगी।

दोस्तों के इस बात को सुनकर मोहित को बहुत ही ज्यादा गुस्सा आ गया। और वह गुस्सा में अपने दोस्तों से या शर्त रखी थी कि हम लोग उस कार के नीचे अपनी-अपनी गेंद को रखेंगे।

और जिसकी केंद्र उसकी कार से खराब हो जाएगी देखते हैं किसके सबसे  मजबूत गेंदा है। और जिसकी गेंद वहां पर सही पाया जाएगा वह जीत जाएगा।

DesiKahani – छोटी कहानी इन हिंदी Part 1

उसके बाद से मोहित ने अपने गेंद को उस कार के नीचे रख दिया। और जैसे ही वह कर आगे बढ़ी मोहित की गेंद और 22 कड़ी हो गया। फिर मोहित रोता हुआ अपने घर चला गया।

मोहित को रोता देख उसके मामा को उस पर तरस आ गया। अब उसको इतनी मांगी तो नहीं लेकिन एक साधारण सा गेंद उसे ला करके दे दिया। और उसका अब घमंड चूर चूर हो गया था और अपने आप को वह ग्लानि महसूस कर रहा था।

शिक्षा:

इस DesiKahani से हमें यह शिक्षा मिलती है कि गुस्सा में किया गया हर कार्य और घमंड करना अच्छा नहीं होता हर मनुष्य को साधारण और बुद्धिमानी से काम चलने वाला होना चाहिए।

दो तोते की कहानी 👇👇

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उसको सबक मिला कहानी:

एक दिन मोहन स्कूल गया था। और रोहन लंच बॉक्स में पिज्जा आया हुआ था। और वहां पर उपस्थित सभी बच्चों को वह अपनी पिज्जा दिखा दिखा कर खा रहा था। और वह लगभग रोज पिज्जा हि लाता था और ऐसा रोज चिढ़ आता था उन लोगों को वे लोग परेशान हो गए थे।

रोहन अपने आप को दिया दिखाना चाहता था कि मैं बहुत ही अमीर घर से हूं। वह दिखाने के लिए कभी-कभी इंपोर्टेंट पर ले आता तो कभी बहुत महंगी महंगी घड़ियां और भी चीजें लाकर के वह दिखावा करता था।

Desi Kahani – छोटे बच्चों के लिए 10+ देसी कहानी – Moral Story
DesiKahani – छोटे बच्चों के लिए 10+ छोटी कहानी इन हिंदी

रोहन को अपने पैसे, और अपनी शान शौकत को दिखाने में बहुत ही मजा आता था उसको। लेकिन उसको पढ़ने में मन नहीं लगता था और वह हमेशा अपने दोस्तों को नीचा दिखाने की कोशिश करता रहता था।

यही कारण है कि स्कूल में रोहन का कोई भी दोस्त नहीं था। और उसे इस बात का फर्क भी नहीं पड़ता था कि मेरे कोई दोस्त नहीं है तो चलेगा मुझे। लेकिन वह केवल अपनी शान – शौकत दिखने में बहुत व्यस्त रहता था।

DesiKahani – छोटी कहानी इन हिंदी Part 2

रोहन की कक्षा में एक विशाल नाम का छात्र रहता था। जो बहुत ही गरीब था लेकिन पढ़ने में भी बहुत तेज था। और उसे सभी छात्र और सभी शिक्षकों से बहुत प्यार करते थे। लेकिन रोहन को इस बात का घमंड था और वह उसे बात भी नहीं करता था।

रोहन हमेशा विशाल को पुअर ब्वॉय का करके उसका हमेशा खिल्ली उड़ाया करता था। और विशाल भी उसे कुछ नहीं कहता था केवल मुस्कुरा मुस्कुरा कर रह जाता था।

एक दिन की बात है रोहन की महंगी वाली घड़ी चोरी हो गई और वह घड़ी का आरोप विशाल पर लगा दिया फिर टीचर से शिकायत कर दी। उसके बाद से टीचर ने विशाल की बैग और उसके कपड़ों की तलाशी लिया लेकिन उन्हें कुछ नहीं मिला।

कुछ समय बीतने के बाद से स्कूल के चपरासी ने उस घड़ी को लेकर के शिक्षक को दिया। तब शिक्षक ने रोहन को बहुत डांटा कि तुम लापरवाही करते हो और बिना सोचे समझे किसी को भी चोरी का आरोप लगा देते हो।

लेकिन रोहन को इस बात का कोई फर्क नहीं पड़ा और वह बेशर्मी से हंसने लगा। लेकिन वह अगले दिन लंच कर रहा था और उसे दिन वह लंच में बर्गर लाया हुआ था। और सभी को दिखाते हुए जल्दी-जल्दी खा रहा था तभी एक और उसके गले में जाकर फस गया। और उसे जोर से धक्का लगा। फिर रोहन परेशान होकर अपनी पानी की बोतल खोजने लगा लेकिन उसे पानी की बोतल नहीं मिला।

Best Anmol Vachan – DesiKahani

जिसके कारण उसके आंखों से लगातार आंसू बह रहे थे। तभी अचानक से विशाल आया और उसे उसके बोतल से पानी पिलाने लगा। हर साथी उसे आराम देने के लिए उसके पेट पर हाथ भी फेरने  लगा

अब रोहन को बहुत ही शर्मिंदगी महसूस हो रही थी कि वह बिना वजह से विशाल को अपने घड़ी का आरोप लगा कर के परेशान किया था। लेकिन आज विशाल ही उसको मदद किया।

फिर रोहन ने जाकर विशाल से माफी मांगी और भविष्य में बोला कि मैं तुम्हारे साथ कभी ऐसा नहीं करूंगा। और अब से मेरे द्वारा किसी भी दोस्तों को दुख नहीं पहुंचेगा।

DesiKahani – छोटी कहानी इन हिंदी Part 3

तभी वहां पर रोहन का बोतल लेकर के एक छात्र आया और बोला– यह लो तुम अपनी बोतल इसे तुम प्लेग्राउंड में भूल कर के आ गए थे। फिर रोहन ने उसे थैंक यू फ्रेंड्स कहा। और सभी बच्चे रोहन के बदले हुए इस रूप से बहुत ही खुश थे और रोहन भी सबसे हंसी खुशी से रहने लगा।

शिक्षा:–

हमें इस DesiKahani से शिक्षा मिलती है कि हमें कभी भी एक दूसरे से मनमुटाव नहीं करना चाहिए। हमें हमेशा अपने दोस्तों के साथ मिलकर प्यार से रहना चाहिए। और हमें घमंड नहीं करना चाहिए।

चींटी और कबूतर की कहानी 👇👇👇

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भयंकर चोर और आंटी जी की कहानी 

एक समय की बात है।आंटी को चोरों ने दो बार हर्ट किया। जब पहली बार चोरों ने आंटी के सामने से खुली चोरी करके भाग गए। तो वह कुछ भी नहीं कर पाई। लेकिन उनके मन में एक बात हमेशा घटता था कि काश एक बार यह जो फिर से आ जाते हैं।

वह सोचती थी कि अगर इस बात चोर आएगे तो हम पिछली बार जैसे अपनी गलती नहीं करेंगे हम अपनी उस चोरी का बदला लेंगे। इसके लिए वह रोज अपने घर का दरवाजा खुला छोड़ कर के अपने छत पर चली जाती थी और उन चोरों का आने का इंतजार करती रहती थी।

DesiKahani – छोटी कहानी इन हिंदी Part 4

Desi Kahani
Desi Kahani

एक दिन की बात है कि उस महिला की इच्छा उस दिन पूरी होने वाली थी। 1 दिन उसके घर में चोर घुस गए और घर में किसी को नहीं पाए । इसलिए उन लोगों ने घर में उपस्थित  सभी अलमारी को पूरी तरह से खंगाल लिया।

वह महिला अपनी पहली अलमारी में केवल कपड़े ही रखी थी। फिर चोर पूरी तरह से बोर हो गए और उस अलमारी को बंद कर दिए फिर से सामने पड़ी दूसरी अलमारी को उसने खोला तो पाया कि उसमें ही केवल उनके बच्चों के कपड़े ही थे।

जब चोरों को कुछ भी नहीं मिला तो चोरों ने बहुत ही गुस्से में उस अलमारी को धक से बंद कर दिया। और अलमारी बंद करते समय एक रेडियो से धक्का लगा और वह रेडियो नीचे गिर पड़ा। और फिर उसे रेडियो में एक गाना बजने लगा चोर ,चोर ,चोर चोर ,चोर चोर  आया कर आया लेकिन चोरों ने उसे बंद करने की कोशिश की वह बंद नहीं हुआ।

अब चोर पूरी तरह से घबरा गए और उस रेडियो को बिस्तर के नीचे छुपा दे ताकि कोई सुन ना ले और हम लोग पकड़ा ना जाए। लेकिन सबका आवाज उस महिला तो कुछ पहुंची गई।

अब वह महिला दबे पांव छत से नीचे आई तभी इधर चोरों की महसूस हुई और वह दबे पांव बिस्तर के नीचे छुप गए ताकि पकड़े ना जाए। इधर महिला को रेडियो की आवाज आ रही थी लेकिन उसे रेडियो कहीं मिल नहीं रहा था।

तभी रेडियो पर दूसरी गाना बजने लगी कि अब”” लुका छुपी… बहुत हुआ अब तुम तो सामने आ जाओ ना…. फिर वह महिला ने पूरी सावधानी के साथ हो पर्दे को हटा करके देखा पर वहां पर भी उसे कुछ नहीं मिला।

Desi Kahani– छोटी कहानी इन हिंदी Part 5

वह महिला परदे हटा करके खिड़की की तरफ देखा कि कोई दिख जाए लेकिन उसे कुछ नहीं दिखा। फिर वह महिला बालकनी का दरवाजा खोल करके देखा। लेकिन वहां पर उसके द्वारा लगाए गए गमला था लेकिन वहां पर चोरों से नहीं मिले।

वह महिला ने बहुत ही सावधानी पूर्वक बालकनी का दरवाजा भीतर से बंद कर दिया। इधर, इधर चोरों ने भी अपनी जेब से अपनी अपनी पिस्तौल निकाल लिया और देखा,, जब वे लोग अपनी पिस्तौल देखे तो उन पर संकट छा गया, क्योंकि वे लोग उसमें गोली भरना भूल ही गए थे।

चोरों को बहुत ही अपने आप पर गुस्सा आया और उसने अपने पिस्तौल को अपने सिर पर मारा। लेकीन पिस्तौल उनके हाथों से छूट गया। वहीं पर नीचे गिर गया।

जब थोड़ा पिस्तौल की आवाज आई तो वह महीला ने अपने हाथ में एक बैट लेकर विस्तर के नीचे से कंबल हटाते हुए नीचे झांका तो दुसरी तरफ से चोरों ने विस्तर से बाहर निकलने का कोशिश किया।

अब उन चोरों को वह महिला ने देख लिया,, और कहा ओए ” बाहर निकल, छुपता कहा है। फिर चोरों ने अपनी – अपनी पिस्तौल को निकाली। और महीला को दिखाते हुए कहा,, ये बुढ़िया हाथ ऊपर कर नहीं तो मै तुमको गोली मार दूंगा।

तब वह महीला बहुत ही घबरा गई। और वह अपनी हाथ जैसे ही ऊपर किया। और उसके हाथ में अभी बैट थे। तो वह बैट ऊपर चल रहे पंखा से टकरा गया। और बहुत ही जोर से आवाज हुआ।

इस आवाज से डरकर चोर और महिला दोनों बिस्तर के नीचे छुप गए। लेकीन अभी भी रेडियो पर गाना बज रहे थे। धीरे– धीरे से जाना विस्तर नीचे मोर शैया छिपा है…..

 DesiKahani– छोटी कहानी इन हिंदी Part 6

तभी अचानक से पंखा गिर गया। और फिर सभी एक दम शान्त हो गए। जब आहत शांत हुआ तो दोनों एक दूसरे को देखने लगे। और फ़िर दोनों महीला और चोर घबराकर बिस्तर के दोनों तरफ खड़ा हो गया। उन दोनों में एक दूसरे से झड़प हुई,,,,, और दोनों एक दूसरे से बचने के लिए बिस्तर के इधर – उधर चक्कर लगाने लगे।

फिर चोरों ने महिला को डराते हुए कहा “”वो औरत “” अपने हाथ से बैट फेक दो नही तो मैं तुम्हें गोली मार दूंगा। तभी वह महिला ने कहा “”अगर तुम गोली मारी तो आवाज होगा। और फिर लोग जाग जायेंगे और फिर पुलिस को सूचना मिल जाएगी।

फिर वह महिला ने अपने बैट को बिस्तर पर मारा। तभी रेडियो 📻 📻  बिस्तर के नीचे से बाहर आ गया। और अब पुरी तेज आवाज में गाना बजने लगा। रेडियो मिर्ची.. आंटी पुलिस बुला लेगी…. तो चोरों ने महिला से कहा “”यह तो हमारी सबसे प्यारी गाना है। फिर चोर थोड़ा डरते हुए डांस करने लगें।

चुडैल की कहानी – DesiKahani

तभी वह महिला भी इस मौका के फायदा उठाते हुए वह बिस्तर पर चढ़ गई। चोर समझे की यह महीला भी नाचेगी,, लेकीन अलग ही हुआ वह मिला मौका का फायदा उठाते हुए,,, चोरों के हाथों से पिस्तौल छिनने की कोशिश किया।

फिर चोर वहा से दूसरे कमरे में भागने में कामयाब हुए। फिर वह महिला ने बड़े ही चालाकी से उस कमरे का दरवाजा बंद कर दिया। अब चोर पूरी तरह घबरा गए। और उस महिला से दरवाजा खुलवाने का जिद्द करने लगें,,,,

लेकीन जब वह महिला ने दरवाजा नहीं खोला तो वह सब चोर रोने लगे। और कहने लगे,, की मुझे माफ कर दीजिए। मैं इसके बाद से कभी भी जिंदगी में चोरी नहीं करूंगा।

चोर बहुत ही डर गए। और उससे जानें के लिए गुहार करने लगें। फिर वह महिला ने कहा कि पिछली बार जो तुम लोगों ने मेरी ज्वेलरी चुरा ले गए थे। वह मुझे वापस कर दो। तो मैं तुम लोगों को जानें दुंगा।

छोटी कहानी इन हिंदी – DesiKahani Part 8

फिर चोरों ने दुसरी जगह से चोरी किए हुए गहने निकालकर उस महिला को दे दिया। महिला ने देखा और समझ गई। ये मेरे ज्वैलरी नही है। लेकीन वह उनकी ज्वैलरी से काफी ज्यादा अच्छा था। इस लिए वह महिला ने उस ज्वैलरी को अपने पास रख लिया।

और फिर वह महिला ने कहा कि अब से तुम लोग काम करके कमा कर खाने पर ध्यान देना मैं छोड़ रहा हूं। फिर चोर को छोड़ दिया। वह सभी चोर वहा से दुःखी होकर बहुत ही तेजी से भाग गए। और फिर कभी चोरी नहीं करने का फैसला किया।

शिक्षा:–

इस DesiKahani से हमें यह शिक्षा मिलती है कि हमें ईमानदारी पूर्वक कमा कर खाना चाहिए। कभी भी कोई गलत काम नहीं करना चाहिए।

सच्चे मित्र और झूठे मित्र की कहानी 👇👇

DesiKahani hindi

आज ही कल का तस्वीर खुद बना लेना 

हमारे समाज में बहुत सारे तरह के लोग रहा करते हैं। उसमें से एक वर्ग ऐसा भी हैं हर नए साल को वह केवल कैलेंडर में साल बदलने का अवसर कहता है। और हमारे दोस्त देश में ऐसे भी लोगों की कमी नहीं है जो नए साल को बहुत ही जबरदस्त और पूरी धूमधाम से मनाते हैं।

नए साल के अवसर पर मुद्दा दिसंबर के अंत और जनवरी के प्रारंभ से नहीं है । अपने जीवन में एक नई ऊर्जा के साथ नए साल के साथ काम करने का मौका का है।

इसलिए बहुत सारे लोग एक अच्छी सी तारीख का इंतजार करते हैं कि मैं अपना जो भी कार्य होगा इसी तारीख को करूंगा यह गलत है। हमें किसी भी अच्छे काम करने के लिए किसी विशेष तारीख की नहीं अच्छे इरादे और काम के प्रति संवेदनशील होना जरूरी है।

DesiKahani – छोटी कहानी इन हिंदी Part 9

हम अपने लिए कैसा जीवन चुनते हैं। और उसमें आज से बेहतर क्या हो सकता है। इसके लिए पहले हर इच्छा शक्ति के साथ कल्पना करना और फिर पुरी चाहत के साथ में अच्छा और पूरी मेहनत के साथ उसे हकीकत में बदलना बस इतना ही करना होता है।

कल्पना करने के लिए अपने लक्ष्य को तय करना । और फिर उसे छोटे-छोटे भागों में विभाजित करके आपके पास जो भी तरीके हो उसे पूरा करने की कोशिश करना चाहिए। मैं यहां एक और नए और सरल तरीके का उदाहरण प्रस्तुत करने वाला हूं। जिसे आप पूरी निष्ठा के साथ अगर काम करते हैं तो अवश्य ही सफलता मिलेगी और यह में 3 चरणों में विभाजित किया हूं।

  • सबसे पहले आप किसी शांत स्थान पर बैठ जाए और अपनी आंखों को बंद करके यह कल्पना करेगी आप एक आईना के सामने बैठे हुए हैं। और आईना का किनारा लाल है। आप सोचे कि यह आपकी आज की स्थिति है यानी आप की वर्तमान है।
  • आपके आईने के दाहिना भाग पीले रंग का है। उसे आप अपना बीता हुआ कल मान सकते हैं। फिर आपके बैन वाले फ्रेम का रंग आपके आने वाले भविष्य से जुड़े हुए रंग के समान है।
  • लाल प्रेम बस आपके अजमा इसी के लिए है कि आप कितने समय तक आप इसको इग्नोर कर सकते हैं। अगर आप उसकी तरफ देखते हैं तो आपका भविष्य ही नहीं बल्कि वर्तमान भी खतरे में आ जाएगा।
  • भूत की कहानी – Desi Kahani
  • अब दूसरे चरण की बारी आती है। आप अपने मन में पीले रंग की फ्रेम में आप अपनी आज की स्थिति का तस्वीर बनाने की बात सोचिए । और अब देखिए कि उसमें क्या-क्या शामिल किया जाता है।
  • फिर आप सोचते हुए अपने हाथ में एक कपड़ा लीजिए। और आप तस्वीर के उस हिस्से को मिटाने की कल्पना कीजिए जिस हिस्से को आपके जीवन को आगे बढ़ाने में अवरोध पैदा कर रहा है और फिर उसे मिटा दीजिए।
  • अब आप अपने आईने में पीले फ्रेम से सफेद फ्रॉम की तरफ देखिए। इस तीसरे चरण में आप अपने अच्छे विचार को रख दीजिए जो आपको उन्नति में मदद कर सके। और आप अपने भविष्य में जो भी पाने की इच्छा करते हैं और आपकी जो भी इच्छाएं होती है आप उसमें रख दीजिए।
  • अब “यह अपने आप अहम है। अब इसमें जो करना है वह आपको खुद ही करना है। इसमें आप वही कल्पना करें जो मुमकिन हो। तो आसानी से आप उस हिस्से को याद रख सकते हैं। और जब आपकी भविष्य में होने वाली सभी उन्नति का तस्वीर तैयार हो जाए तब उस पर आप आसानी से कांच चढ़ा सकते हैं।
  • अब आप अपने द्वारा बनाई गई तस्वीर को एक बार पूरी ध्यान से देखें। ताकि आपको यह याद हो सके। फिर आप अपनी आंखों को खोलिए। और अपने द्वारा बनाई गई तस्वीर के अनुसार पूरी और लगन के साथ मेहनत कीजिए और पूरा करने का कोशिश कीजिए। और यही पल आपके लिए नया साल है इसलिए आप सभी को नए साल की हार्दिक शुभकामनाएं।

शिक्षा:

इस Desi Kahani से हमें यह शिक्षा मिलती है कि हमें अपने भविष्य को कैसे निर्धारित करना है और उसके लिए किसी तारीख का इंतजार नहीं करना चाहिए जब भी आपको सक्षम लगे अपने भविष्य की उन्नति के लिए उस पर काम करना चाहिए और समय को कभी गवाना नहीं चाहिए।

Desi Kahani – छोटी कहानी इन हिंदी Part 10

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चोर आया (Desi Kahani)

एक समय की बात है एक चोर 3 दिनों से खाना नहीं खाया था। और वाकई दिनों तक चोरी करने की कोशिश की पर उसे कोई दाव नहीं लगा। और एक दिन वह बैठा था और वह निश्चित किया कि आज कुछ भी हो जाए मैं चोरी करके ही रहूंगा।

उस दिन चोरी के इरादे से एक ट्रेन के डिब्बे में चढ़ गया। और उसके सामने एक बहुत ही अच्छी फैमिली थी। और वह पूरी गंभीर मुद्रा बना करके और सीट पर अपनी पैर फैला कर के बैठ गया ताकि यह लोग भी ऐसे ही बैठे और मैं उनके पास पैसों की बोह ले सकूं,, किन लोगों के पास क्या-क्या है।

Desi Kahani

वह परिवार किसी शादी से लौट रहा था या बात करते हुए सुनकर उसकी धड़कने तेज हो गई कि आप तो चोरी करने पर मुझे अच्छा मोटा – माल मिलेगा। उस परिवार की ग्रहणी सुघड़ थी। और वह पूरी सामान को समेट कर ऐसी बनाई हुई थी कि वहां तक किसी का हाथ नहीं पहुंच सके। तब चोर ने सोचा कोई बात नहीं इनका सोने का इंतजार करता हूं।

लेकीन, आज उससे सब्र नहीं हो रहा था। वह एक पेपर पढ़ते-पढ़ते अपनी आंखें बंद कर ली। तकिया देखकर के इन लोगों को भी नींद आ जाए। लेकिन चोर को आंखें बंद किए हुए ही उसे बहुत ही गहरी नींद लग गई। और उसे कुछ पता ही नहीं चला।

“मैया जी ? भैया जी ! की आवाज आ रही थीं। चोर जब उठा, तो पाया कि वह स्त्री उसे उठा रही है। फिर कर अकबककर उठ बैठा।

Desi Kahani – छोटी कहानी इन हिंदी Part 11

चोर ने देखा कि उसके सामने वह महिला एक पेपर प्लेट लेकर के खड़ी थी। जिसमें पूड़ी, आलू का सब्जी और आम का अचार, और उसने मिठाइयां थी जिसे देख कर के चोर की भूख और जाग गई।

” चलो भैया””आप भी खाना खा लो वह स्त्री ने कहा”” चोर ने कहा: अरे नही – नहीं बहन जी ! आप परेशान , अरे नहीं भैया इस में परेशानी की क्या बात है।

हम लोग तो शादी से लौट रहे हैं और हमारे पास खूब खाना और मिठाइयां पड़ी हुई है। आप उसकी चिंता ना करें। आप हमारे साथ यात्रा कर रहे हैं। ऐसा कैसे हो सकता है कि आप हमारे सामने भूखे बैठे रहे और हम लोग खाना खाते रहें।”लीजिए– लिजिए कह कर बड़े ही प्रेम से प्लेट उसके हाथों में रख दिया।

चोर को बहुत ज्यादा ही भूख लगी थी। और उसे रहा नहीं गया वह जल्दी ही जल्दी अपने सभी खाना को खा लिया। अभी चोर की थाली की आखिरी पूरी खत्म भी नहीं हुई थी कि चार-पांच और पूड़ी और साथ ही ढेर सारी सब्जियां तथा पांच मिठाइयां उसके थाली में रख दिया। शायद उसके खाने के अंदाज को देखकर उसके भूख अंदाज हो गया था।

अकबर – बीरबल की कहानी – Desi Kahani

एक समय के लिए उसके दिमाग में उसके मां का चेहरा याद आ गया। अब खा पी करके उसका पेट पूरी तरह से भर गया। फिर उसने सुकून का सांस लिया। चोर को बहुत ही दिनों के बाद इतना प्रेम और स्नेह के साथ स्वादिष्ट खाना मिला था।

चोर ने बड़े ही ध्यान से उस परिवार को देखा””वह अपने पति और दो बच्चों के साथ कितना संतुष्ट थी। उन्हें उन पर आने वाले संकट का जरा सा भी एहसास नहीं था। इतनी सुंदर फैमिली और उनकी स्नेह को देख करके उसका रूह कांप गया। और वह अगले ही स्टेशन पर गाड़ी धीमी होने पर उतर गया।

शिक्षा:

इस Desi Kahani से हमें यह शिक्षा मिलती है कि अगर कोई गलत इरादे से आपके पास आए तो उसके साथ अच्छे से व्यवहार करें और उसकी मजबूरी को समझें जिससे वह गलत इरादा भूल जाए और आपके साथ गलत व्यवहार न करें।

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पुरी दिन कंचे खेलना (Desi Kahani)

उसकी मां उधर से आवाज लगाती है सोहन – ए–  सोहन तुम दिन भर कंचे खेलते रहते हो। तुम्हें घर के काम में मन नहीं लगता क्या। सोहन ने कहा आ रहा हूं मां। लेकिन फिर भी सोहन अपने मोहल्ले के दोस्तों के साथ कंचे खेलने में व्यस्त हो जाता है।

फिर उसकी मां काम से फुर्सत होकर अपने हाथ में एक छड़ी लेकर सोहन के पीछे मारने के लिए दौड़ती है तब जाकर के वह सीधे अपने घर में जाता है और घुस जाता है।

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बाकी बच्चे भी वहां से भाग जाते हैं ताकि उन्हें सोहन को मिलने वाला प्रसाद इन्हें भी ना मिल जाए। लेकिन सोहन पढ़ाई में तो बहुत ही तेज था। उसे बस दो ही काम अच्छे लगते थे ,एक मन लगाकर के पढ़ाई करना और दूसरा खेलना। उसकी मां कभी उसे प्यार से कल्लू बुलाया करते थे जबकि उसका रंग से उसका कोई ताल्लुक नहीं था।

Desi Kahani – Moral Stories Prat1

लेकिन सोहन के पिता का रंग जरा दबता(सावला )हुआ था। फूलमती 8 क्लास पार कर चुकी थी तब उसकी शादी बाजू वाले गांव के फकीचंद्र कुल्फी वाले के संग हो गई थी।

लेकिन जब भी फूलमती को गुस्सा आता था तो वह सोहन के पापा का नाम बिगाड़ कर फटिचरचंद्र कुल्फी वाले की “औलाद , कह करके सोहन यानी कि कलुआ को बुलाया करती थी।

अब फकीचंद्र को शहर में आए हुए 10 साल हो गए थे। और वे पास के चौराहे पर चाट की  ठेला लगाया करते थे। और फूलमती पास की कॉलोनी में बर्तन, झाड़ू पोछा, और सर – सफाई का काम किया करती थी।

इसलिए वह सुबह शाम व्यस्त रहा करती थी। फिर वह दोपहर में 5 घंटे के लिए फ्री रहती थी और कल्लू उनका एकलौता औलाद था। मैं दोनों पति – पत्नी मिलकर के अपने घर के खर्चे और पूरी जिम्मेदारी उठाते थे। और हफ्ते में एक दिन छुट्टी रखते थे।

4:00 बजे शाम को सोहन के पापा चाट के ठेला लेकर के पास के चौराहे पर जाते थे ।तो रात के 10:00 बजे वापस अपने घर लौटते थे।

वे लोग उस दिन चाट का ठेला नहीं लगाते थे। जिस दिन शनिवार होता था। एक दिन सोहन की मां रोज की भांति सोहन को आवाज नहीं लगा रही थी । कि जाओ तुम बाजू के किराए के दुकान से सामान ले करके आ जाओ।

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लेकिन कल्लू अपनी मां की बातों को सुनकर के अनसुना कर देता था और फिर खेल में लग जाता था तभी उसकी मां उधर से छड़ी लेकर के चली। और वह बोली कि कल तुम्हारे पापा को चाट का ठेला लगाना है। जाकर तुम किराना से सामान ले कर आ।

लेकिन कल्लू” दूर से ही बोल पड़ा “मां आज तो शनिवार का दिन है। और आज पापा की छुट्टी है। फिर कुछ सोचकर फूलमती बोलि:” अरे हां”आज तो शनिवार हैं। फूलमती ने सोहन से कहा कि तुम्हारे पापा कहां गए हैं। तो सोहन ने जवाब दिया कि “पापा बाजू वाली गली में कंचे खेल रहे हैं।

फिर फूलमती हैरान होकर बोली”  क्या बोल रहे हो तुम” कंचे, तुम्हारे पापा ? हा अम्मा” पापा भी कंचे खेल रहे हैं। चलो आओ तुम को दिखाता हूं। फिर फूलमती ने सोहन के साथ बाजू वाली  गली में गई और देखी। और फिर हंसते-हंसते अपने घर वापस आ गई।

फूलमती ने शाम को खाना खाते समय फटिचरचंद्र से पूछा” यह कैसा आप बच्चों के जैसा कंचे खेलने का शौक पाल रखा है। मैंने देखा कि आप भी कंचे खेल रहे थे।”हां कल्लू की अम्मा बड़ा ही मजा आता है।

Desi Kahani – Moral Stories Part 2

हम लोग कंचे पर निशाना लगाते समय सारी दुनियादारी भूल जाते हैं। हम लोगों की बचपन याद आ जाती है। पूरी हफ्ते भर की थकावट घंटे भर में समाप्त हो जाती है।

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तुम भी आ करके मुझे लग रहा है पगला गए हो ,यह कह कर के फूलमती हंसने लगी।फटिचरचंद्र “तुम खेल कर तो देखो बहुत ही मजा आता है।

लेकिन तुम्हें तो केवल टीवी वाले बुला कर ले जाते हैं। कि आप हमारे सीरियल तो देखो। और दिन भर बैठे-बैठे खटिया तोड़ती रहो। शहर वाले लोगों को मोटापे की बीमारी टीवी वाले ही दे रहे हैं। और फिर आंखों की रोशनी भी फ्री में छीन लेते हैं। लेकिन हम लोगों का ऐसा नहीं है जब मन करता है तो खेल लेते हैं।

फूलमती एक दिन घर के बाहर बैठकर के गेहूं बीन रही थी। और साथ ही साथ वह दोस्तों को कंचे खेलते हुए देख रही थी। तभी पड़ोस में रहने वाली सुशीला, माधुरी, दुलारी यह सब जो फूलमती के जैसे ही अपने पास की कॉलोनी में घर बर्तन और साफ सफाई की काम किया करती थी। वह फूलमती से कहने लगी लव हम तुमको गेहूं बिनने में मदद कर देते हैं।

यह सभी एक-दूसरे के कामों में मदद कर देते थे। पापड़ – बड़ी या कोई भी काम हो सभी काम को हिल मिलकर किया करते थे। तथा दुख – सुख में भी साथ खड़े थे।

Desi kahani 2 

फूलमती ने गेहूं बिना छोड़ कर के अपना सिर उठाया “सभी ने एक साथ चौक कर बोली ” कंचे फूलमती ने कहा ” हां – हां कंचे ? मोहिनी कहने लगी भगा देंगे हमें। फिर सब ने हां में हां मिलाई। हमारे पति बोलेंगे कि क्या तुम पगला गई हो दो–  दो बच्चे की मां हो करके तुम कंचे खेल रही हो।

अरे,, रे वह सब जाने दो। लेकीन हमें भी आनन्द उठाने का हक है। अच्छा, ये बताओ तुम सब में किस – किस को कंचे खेलने आती हैं। सबने हां कर दिया। एक बोली, मैं शादी से पहले खेला करती थी। तो बस, कल सब अपने अपने काम से फुर्सत होकर आ जाना।

हम सब खेलेंगे,, और एक बात बताऊं तुम्हारे पति फटिचरचंद्र भी हमारे पति के साथ बाजू वाली अपार्टमेंट के गली में खेल रहे थे। यह बोलते हुए सब अपने एक दूसरे के तरफ देखने लगे और मुस्कुराने लगे।

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दूसरे दिन सभी महिलाएं इक्कठा हो गई सभी अपने–  अपने बच्चे से लेकर कंचे आए हुए थे। उन लोगों को 12.00 बजे से खेलते खेलते शाम के 4 बज गए। फिर भी मन नहीं भर पा रहा था।

अब शाम हो चूका था। इसलिए मोहिनी बोली:– हम सब को अब काम पर भी जाना है। इसलिए अब नहीं। अब कल हम लोग तीन – तारे वाला खेलेंगे। मुझे लगता हैं,, सबने कहा,,, ठीक है। फिर दूसरे दिन हम सब गुली– दंड खेलेंगे। हां, हां बड़ा अच्छा लगता हैं। फिर तो रोज अलग– अलग खेलने का सिलसिला चलता रहेगा।

अब तो रोज के काम भी हो रहे हैं। और थकान भी नहीं हो रहा है। अपने –  अपने घर के काम से फुर्सत पाकर बैठ जाने वाली महिलाएं रोज – रोज नए खेल का लुप्त उठा रही थी। और फिर सभी के अच्छा स्वास्थ्य हो गया और उन्हें कंचे खेलने के बाद पुरी तरह अच्छा महसूस करते थे।

शिक्षा:–

इस Desi Kahani से हमें यह शिक्षा मिलती है कि खेलने का अधिकार महिला को शादी के बाद भी हैं। वह अपने स्वस्थ के लिए खेल सकती हैं।

Desi Kahani – Moral Stories in Hindi Part 1

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