भूतिया कहानी

ताज़ा हवाओं के साथ उस दिन ऑफिस में एक अजीब माहौल था । सब लोग अद्भुत तरीके से बिलकुल निष्कलंक थे,

भूतिया कहानी
भूतिया कहानी

परंतु उनकी आँखों में एक अजीब सी चमक थी, जैसे कि कोई भूतिया सच छिपा हो । ऑफिस के एक दुर्गम कोने में एक पुराना कागज़ी डॉक्यूमेंट्स रूम था, जिसका बाहरी दुर्व्यवस्थितता भूतियाघर की याद दिलाता था ।

विनय नामक एक युवक ऑफिस के सबसे नए रिकॉर्ड्स क्लर्क थे । एक दिन, उन्हें कागज़ाती काम के दिन में डॉक्यूमेंट्स रूम जाना पड़ा । रूम के द्वारपाल ने चुपचाप उन्हें अंदर आने की इजाज़त दी, और विनय ने ढीली फ़ाइलों के बीच में कदम रखा ।

धीरे- धीरे वो डॉक्यूमेंट्स के सिलेंडर पर ध्यान देने लगे, पर उन्हें अचानक आवाज़ सुनाई दी- झिनझिनियात की आवाज़, जैसे कोई चेंटी या मछर बजार में उड़ रहा हो । विनय ने देखा कि वो आवाज़ उस सिलेंडर के पास से आ रही थी ।

डर के मारे वो बिलकुल ठिकाने नहीं रहे थे, और उन्होंने तुरंत रिकॉर्ड्स रूम से बाहर निकलने का निर्णय लिया । उन्हें बचा लो की आवाज सुनाई दे रहा था । विनय की रूह कांप उठी, और उन्होंने बिना सोचे समझे एक बड़े से लकड़ी के पाट को उठाया और डॉक्युमेंट्स रूम के दरवाज़े की ओर दौड़ने लगे ।

भूतिया कहानी डरावनी

लेकिन जैसे ही वो दरवाज़े के पास पहुँचे, आवाज़ एक बार फिर से बोली-” बचा लो. बचा लो.” विनय का ह्रदय तेज़ धड़कने लगा, और उन्होंने लकड़ी के पाट को दरवाज़े पर मारा । दरवाज़ा खुला और विनय ने उसकी तरफ देखा- पर कुछ नहीं था ।

डॉक्युमेंट्स रूम अब खाली था, और कोई भी दिखाई नहीं दे रहा था । विनय अचम्भित हो गए, परंतु उन्हें अच्छा नहीं लगा । उन्होंने ध्यान दिया कि रूम की सजग सजगाहट अचानक विलीन हो गई थी । डॉकयुमेंट्स रूम की आधी दीवार अब एक अदृश्य द्वार के रूप में प्रतिष्ठित थी ।

विनय ने अपनी सांसें ठीक से लेने की कोशिश की, पर उनके दिल की धड़कनें न बढ़ रही थीं, और वो अगले ही क्षण में अस्थिर हो गए । एक विचित्र शक्ति का अहसास हो रहा था, जैसे कि कोई अदृश्य हाथ उनके शरीर को स्पर्श कर रहा हो । उन्होंने वहां से बाहर निकलने की कोशिश की, परंतु उनके पैर जमीन पर नहीं आ रहे थे ।

वे ठूसर- ठूसर कदम बढ़ा रहे थे, पर जैसे कोई अदृश्य बल उन्हें पीछे खींच रहा हो । एक हलचल जैसी आवाज़ सुनाई दी, और विनय के दिल की धड़कनें और तेज हो गईं । अचानक, विनय के सामने उस अदृश्य द्वार में से एक साया निकलता है ।

वो एक पुराने आदमी की तरह दिखता है, परंतु उसकी आँखें आवश्यकता से ज्यादा बड़ी हैं और वो हलके नीले रंग की हैं । उसकी देखते ही विनय की रूह कांप उठी, परंतु अचानक साया हँसने लगा ।” क्या तुम डर गए?” विनय को वह भूतिया ने बताया तुम्हारा आवाज बदल गया है ।

विनय अचंभित हो गए,” कौन हो तुम? और यहाँ कैसे आए?” साया मुस्कुराया,” मैं तुम्हारी अंतरात्मा हूँ, विनय । तुम्हारे डर का रूप ।”” मेरे डर का रूप?” विनय ने अच्छा समझाने की कोशिश की,” लेकिन तुम तो अदृश्य हो, मैं तुम्हें देख नहीं सकता ।”” तुम मुझे देख सकते हो, विनय ।”

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तुमने हमें हमेशा साथ रखने के लिए अपना डर छोड़ दिया, विनय । लेकिन अब मैं तुम्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित कर रहा हूँ ।” विनय की आँखों में आंसू थे,” क्या तुम मेरे साथ होगे?” साया मुस्कुराया,” हमेशा । तुम जब भी डरोगे, तब मैं तुम्हारे साथ हूँ ।”

विनय का डर उसके साये में िर गया था । वह समझ गए थे कि उनका खुद के डर का सामना करना जरूरी है और उनके साये को उनके साथी के रूप में स्वीकार करना होगा । विनय ने दृढ़ संकल्प लिया कि वह अपने डरों का सामना करेंगे और आगे बढ़ेंगे ।

समय बीतते- बीतते, विनय की दृढ़ता और साये की मानवीय बातचीत ने उन्हें कई मुश्किलों से गुज़रने में मदद की । उनके अंदर का डर कम हो गया था और उन्होंने जीवन के नए मार्गों की ओर कदम बढ़ाया । धीरे- धीरे, विनय ने अपने ऑफिस में अद्भुत प्रगति की और वह लोगों के बीच अपने डरों को पार करने का संदेश देने लगे ।

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वह एक प्रेरणास्त्रोत बन गए और लोगों को यह सिखाने लगे कि डर को मात देना और उसका सामना करना जरूरी है । उनकी कहानी ऑफिस के हर कोने में फैल गई और लोग उनकी साहसीता और संकल्प की प्रशंसा करने लगे ।

उनका डर उनकी ताक़त बन गया था और उन्होंने खुद को साबित किया कि डर को हराना संभव है । इसी तरह, विनय ने अपने डरों का सामना करके एक महान सफलता प्राप्त की और उनकी भूतिया कहानी आज भी लोगों के बीच में बयां होती है । और विनय की इस कहानी से हमें यह सिख मिलती है कि डर से भागने की बजाय, हमें उसका सामना करना चाहिए ।

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डर का सामना करके हम अपनी सीमाओं को पार कर सकते हैं और नई सफलताओं की ओर बढ़ सकते हैं । विनय की तरह, हमें अपने आत्म- संवाद को मज़बूत बनाना और आत्मविश्वास को बढ़ावा देना चाहिए । इस कहानी से हमें यह भी सिख मिलती है कि हमारे अंदर के डर हमारी आत्मा को कमजोर नहीं कर सकते,

बल्कि हमें उनका सामना करने के लिए उन्हें जानने और समझने की आवश्यकता होती है । जब हम अपने डरों का सामना करते हैं, तो हम उन्हें पार करके अपने लक्ष्यों की ओर बढ़ सकते हैं । विनय की कहानी हमें यह भी याद दिलाती है कि हमारे अंदर की शक्तियों का हमें सही तरीके से उपयोग करना चाहिए ।

हमें अपनी सक्षमताओं पर विश्वास रखना चाहिए और उन्हें निखारने का प्रयास करना चाहिए । इस भूतिया कहानी के माध्यम से हमें यह संदेश मिलता है कि जीवन में हमें कभी भी हार नहीं माननी चाहिए,

चाहे विपरीत परिस्थितियाँ भी क्यों न हों । हमें अपने लक्ष्यों की ओर प्रतिबद्ध रहकर आगे बढ़ना चाहिए और सफलता की दिशा में कदम बढ़ाना चाहिए ।

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